वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे, आज एक करोड़ लोग एक साथ गाएंगे पूरा गीत, बनेगा नया कीर्तिमान
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150 साल की ऐतिहासिक यात्रा के अवसर पर 25 सितंबर को पूरे देश में एक अभूतपूर्व आयोजन होने जा रहा है। विद्या भारती की अगुवाई में आयोजित ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया जाएगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य मकसद केवल गीत गाना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम् के योगदान और उसके महत्व से रूबरू कराना है।
देशभर में एक साथ एक करोड़ लोग गाएंगे राष्ट्रगीत
कार्यक्रम वाले दिन सुबह ठीक 11 बजे देश के 25 हजार से भी ज्यादा सेंटरों पर सामूहिक गायन होगा। इसमें एक करोड़ से अधिक छात्र, शिक्षक, अभिभावक और स्थानीय नागरिक एक सुर में पूरा वंदे मातरम् गाएंगे। ‘एक स्वर एक संकल्प एक भारत’ का संदेश देने वाले इस आयोजन के दौरान कई स्कूलों में संवाद, फोटो एग्जीबिशन और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
आजादी के आंदोलन का गवाह रहा है यह राष्ट्रगीत
स्वतंत्रता संग्राम के समय वंदे मातरम् ने लाखों देशवासियों के भीतर राष्ट्रभक्ति का जज्बा पैदा किया था। आजादी मिलने के बाद इसे राष्ट्रीय गीत का सम्मान दिया गया, जबकि ‘जन गण मन’ को राष्ट्रगान स्वीकार किया गया। 150 वर्षों के इस शानदार सफर को याद करने के लिए ही यह विशाल अभियान चलाया जा रहा है। रिकॉर्ड संस्थाओं ने भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ जुटने को लेकर अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
दिल्ली की 300 से अधिक जगहों पर गूंजेगा वंदे मातरम्
राजधानी दिल्ली में भी इस भव्य कार्यक्रम को लेकर खासी तैयारी की गई है। दिल्ली प्रांत के करीब 300 स्थानों पर एक लाख से ज्यादा लोग नमामि भारतम् का हिस्सा बनेंगे। यहां सबसे बड़ा कार्यक्रम नेहरू नगर स्थित पीजीडीएवी कॉलेज मैदान में सुबह 11 बजे होगा। इसके अलावा हरि नगर, राजौरी गार्डन और पंजाबी बाग के प्रमुख स्कूलों में भी दिग्गज अतिथियों की मौजूदगी में सामूहिक गायन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इंदौर में अवैध दवा गोदाम पर छापा,10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट बरामद, 9 हजार किट पहले ही बिकने का दावा
इंदौर के धार कोठी इलाके में ड्रग विभाग और पुलिस ने गुरुवार रात बड़ी कार्रवाई करते हुए गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का बड़ा जखीरा जब्त किया है। दरअसल टीम ने सेंट रेफियल स्कूल के पास स्थित क्वालिटी फार्मा से जुड़े गोदाम पर छापा मारा जहां 10 हजार से ज्यादा गर्भपात किट के अलावा दूसरी दवाएं भी मिलीं है। वहीं शुरुआती जांच में जब्त दवाओं की कीमत 52 लाख रुपए से अधिक बताई गई है।
वहीं जांच के दौरान अधिकारियों को गोदाम में दवाओं के भंडारण और बिक्री से जुड़े जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। विभाग के अनुसार फर्म के पास लाइसेंस है, लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने के कारण पूरी खेप को जब्त कर लिया गया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से आईं और किन लोगों या संस्थानों तक पहुंचीं।
9 हजार गर्भपात किट बिकने की जानकारी मिली
दरअसल छापेमारी के दौरान सबसे अहम जानकारी यह सामने आई है कि संबंधित फर्म से करीब 9 हजार गर्भपात किट पहले ही बेची जा चुकी हैं। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिक्री का पूरा रिकॉर्ड अभी जांच के दायरे में है और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही अंतिम तस्वीर सामने आएगी। अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से स्टॉक रजिस्टर, बिल, सप्लाई रिकॉर्ड और बिक्री से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। जांच अब इस दिशा में भी बढ़ रही है कि दवाओं की सप्लाई अधिकृत मेडिकल स्टोर और अस्पतालों तक हुई या कहीं नियमों के खिलाफ वितरण किया गया। कार्रवाई के दौरान सिडेनफिल साइट्रेट और ‘सेफ्टी पिल’ ब्रांड की दवाएं भी बरामद हुईं जिन्हें भी जांच के लिए अलग रखा गया है। विभाग का कहना है कि जब्त दवाओं के बैच नंबर और सप्लाई चैन की भी जांच की जाएगी।
अवैध दवा भंडारण पर कार्रवाई
वहीं ड्रग विभाग के मुताबिक इस मामले में जावेद खान और अजय सवडतकर नामक व्यक्तियों से जुड़ी दवाएं जब्त की गई हैं। जांच पूरी होने के बाद दोनों की भूमिका स्पष्ट होगी और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। विभाग ने जानकारी दी कि गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री तय चिकित्सकीय प्रक्रिया और वैध प्रिस्क्रिप्शन के अनुसार ही की जा सकती है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त दवाओं और दस्तावेजों की विस्तार से जांच जारी है। यह पूरी कार्रवाई ड्रग इंस्पेक्टर सारिका अग्रवाल, योगेश गुप्ता और लोकेश गुप्ता की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर की।
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