भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर : पीयूष गोयल
नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार क्रय शक्ति समता के आधार पर करीब 20 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है, जो इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाते हैं। यह बयान वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दिया।
क्रय शक्ति समता (पीपीपी) मुद्रा बदलने की वे दरें हैं जिनका उद्देश्य अलग-अलग देशों में कीमतों के स्तर के अंतर को खत्म करके अलग-अलग मुद्रा की खरीदने की क्षमता को बराबर करना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगा, इन उपायों के बीच का अंतर कम होता जाएगा।
खास बात यह है कि व्यापार वार्ता को लेकर भारत का नजरिया देश की बदलती आर्थिक स्थिति और वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव को मजबूत करने के उसके लक्ष्य को दर्शाता है।
उन्होंने सामान, सेवाओं, पर्यटकों, शिक्षण संस्थानों और खेलों के आसानी से आवागमन के लिए व्यापक आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया।
राष्ट्रीय राजधानी 13वें ‘पीएएफआई एनुअल फोरम 2026’ में बोलते हुए, गोयल ने कहा कि भारत ऐसी अर्थव्यवस्था के तौर पर व्यापार और आर्थिक साझेदारी के लिए बातचीत कर रहा है, जिसके 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।
अभी चल रही बातचीत में कनाडा, चिली, पेरू, सदर्न अफ्रीकन कस्टम्स यूनियन (एसएसीयू), मेक्सिको, मालदीव, यूरेशिया, मध्य एशिया, रूस, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (जीसीसी) और इजरायल के साथ बातचीत शामिल है।
इन बातचीत का मकसद भारत के लिए ग्लोबल वैल्यू चेन और सप्लाई चेन में शामिल होने के मौके बढ़ाना और सामान व सेवाओं के आवागमन को आसान बनाना है।
इस बीच, अगले पांच सालों में भारत में सेमीकंडक्टर की सालाना खपत की मांग बढ़कर 150 अरब डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है।
गोयल ने एआई इकोसिस्टम में क्षमताएं विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया, जिसमें बड़े लैंग्वेज मॉडल और एजेंटिक मॉडल शामिल हैं।
अब ध्यान इनोवेशन और डीप-टेक इकोसिस्टम में भारतीय स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने पर है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत प्राइवेट सेक्टर द्वारा अंतरिक्ष में रॉकेट लॉन्च करने वाला तीसरा देश बन गया है।
इसके अलावा, भारत की युवा आबादी ग्लोबल घटनाक्रमों और अवसरों के बारे में तेजी से जागरूक हो रही है। उन्होंने युवाओं की अपने भविष्य के बारे में सही फैसले लेने की क्षमता पर भरोसा जताया। मंत्री ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की ग्रोथ का भी जिक्र किया।
--आईएएनएस
एबीएस
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शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, सेंसेक्स 151 अंक चढ़ा; निफ्टी 23,091 पर खुला
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में हल्की मजबूती के साथ खुला. सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 151 अंक या 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,725 और निफ्टी 26 अंक या 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,091 पर था.
शुरुआती कारोबार में सूचकांकों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था. निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो टॉप गेनर्स थे. इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी मीडिया भी हरे निशान में थे. दूसरी तरफ निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में थे.
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की मजबूती के साथ 61,001 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 5 अंक की मामूली तेजी के साथ 19,688 पर था.
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, पावर ग्रिड, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और टाइटन गेनर्स थे. इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचयूएल, इटरनल, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, ट्रेंट और आईटीसी लूजर्स थे.
वैश्विक बाजार में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि ऑस्ट्रेलिया और जकार्ता लाल निशान में थे. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ.
जानकारों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बनी हुई महंगाई के कारण अक्टूबर में फेड द्वारा ब्याज दरें फिर से बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है. इससे बाजार के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं, जिससे बाजार में बड़ी तेजी आने की संभावना कम हो गई है. अब बाजार में तेजी तभी आ सकती है जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आए. इसलिए, कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलावों पर नजर रखें. लंबे समय के लिए निवेश करने वाले निवेशक बाजार की मौजूदा कमजोरी का फायदा उठाकर अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों—खासकर लार्जकैप शेयरों—को धीरे-धीरे खरीद सकते हैं, जो अभी आकर्षक कीमतों पर मिल रहे हैं.
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