वड़नगर से वाराणसी साइकिल यात्रा कर रहे ‘सेवा यात्रियों’ से PM मोदी ने की बात, साझा किए कई अनुभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वडनगर से वाराणसी तक साइकिल यात्रा कर रहे 'सेवा यात्रियों' से बातचीत करते हुए कहा, " सेवा संकल्प यात्रा और कलश यात्रा के दौरान आप और आपकी पूरी टीम को जो अनुभव मिल रहे हैं, वे वास्तव में अमूल्य हैं. यह यात्रा आपके जीवन में एक नई ऊर्जा भर देगी; लोगों तक पहुंचना, उनसे जुड़ना और उनके रीति-रिवाजों, परंपराओं और बोलियों में खुद को समाहित करना एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है.
कृपया पगड़ी को हेलमेट न समझें- पीएम मोदी
जब आप विभिन्न क्षेत्रों के गांवों का दौरा करेंगे, तो आप भारत की भव्यता, विशालता और अपार विविधता के साक्षी बनेंगे, ऐसी चीजें जिन्हें केवल किताबों से पूरी तरह नहीं समझा जा सकता. आपको हर जगह अनूठी परंपराएं और विशिष्ट पाक संस्कृति देखने को मिलेगी. सेवा के आनंद से समाज का एकजुट होना देखना अत्यंत गहरा अनुभव है; हम केवल विनम्र भागीदार हैं, फिर भी लोगों के अविश्वसनीय योगदान को देखना और उनकी कहानियों को सुनना अपार आनंद देता है और हमारे लिए ऊर्जा का स्रोत बनता है. बस इस यात्रा को पूरी तरह से जीएं; आपने अपने जीवन के लिए एक अनमोल खजाना खोज लिया है. इसे कभी हाथ से न जाने दें. आप सभी ने भगवा पगड़ी पहनी हुई है; क्या ये आपको ग्रामीणों ने भेंट की है? ग्रामीणों ने आपका बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया और बहुत ही शानदार आतिथ्य सत्कार दिखाया. मैं ग्रामीणों को प्रणाम करता हूं... लेकिन आप इस पगड़ी को पहनकर गाड़ी तो नहीं चलाते, है ना? आप गाड़ी चलाते समय हेलमेट पहनते हैं, है ना? कृपया पगड़ी को हेलमेट न समझें.
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Ganesh Visarjan 2026: आज होगा गणेश विसर्जन, शाम तक मिलेंगे कई शुभ मुहूर्त... विदा करते समय जरूर करें बप्पा की आरती
Ganesh Visarjan 2026: आज यानी 25 सितंबर 2026 को गणपति विसर्जन किया जा रहा है. आज अनंत चतुर्दशी भी है, जिस वजह से बप्पा की पूजा के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी पूजा कर सकते हैं. आज गणेश विसर्जन के दिन पूरे देश में धूमधाम से गणपित बप्पा की विदाई हो रही है. महाराष्ट्र से लेकर देश के अन्य राज्यों में हर्षोल्लास के साथ बप्पा को विसर्जित किया जा रहा है. बता दें कि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई गई थी. इस वर्ष गणेश चतुर्थी का त्योहार 14 सितंबर को था. वहीं, भाद्रपद मास की चतुर्दशी को विसर्जन किया जाता है, जो कि आज है. आज विसर्जन करने के लिए दिनभर आपको कई शुभ मुहूर्त मिलने वाले हैं. नोट करें समय और बप्पा की प्रमुख आरती.
गणेश विसर्जन के दिन आज भद्रा और पंचक के समय का भी ध्यान रखना अनिवार्य है. ज्योतिष के अनुसार, ये दोनों अवधियां अशुभ होती हैं. चलिए जानते हैं आज शाम तक गणेश विसर्जन के समय.
गणेश विसर्जन के लिए शुभ मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- दोपहर 12:13 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक
अपराह्न मुहूर्त (चर)- शाम 4 बजकर 44 मिनट से लेकर 6 बजकर 14 मिनट तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 9 बजकर 14 मिनट से लेकर 10:43 मिनट तक
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)- (26 सितंबर को) रात 12 बजकर 13 मिनट से प्रात:काल 04:42 मिनट तक
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आज भद्रा का समय
द्रिक पंचांग के अनुसार, आज भद्रा लग रहा है, जो कल 26 सितंबर तक प्रभावी है. हालांकि, आज भद्रा रात 11 बजकर 6 मिनट पर शुरू हो रही है और सुबह 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगी. इसलिए, विसर्जन में इसका ज्यादा असर नहीं होगा.
आज पंचक का समय
आज गणेश विसर्जन के दिन पंचक भी लग रहा है. दरअसल, चंद्रमा फिलहाल कुंभ राशि में विराजमान है. इसलिए, पचंक का प्रभाव भी बना हुआ है. आज पूरे दिन पंचक की छाया रहने वाली है. धर्मशास्त्रों के अनुसार, पंचक में बप्पा की मूर्ति का विसर्जन करना शुभ और शास्त्रसम्मत माना जाता है. मगर कुछ बातों का ध्यान रखना होगा जैसे कि विसर्जन से पहले पंचक शांति के रूप में बप्पा के चरणों में कुशा, अक्षत और फूल अर्पित करें. इसके बाद क्षमा प्रार्थना करते हुए विसर्जन करें.
विसर्जन करते समय इन बातों का ख्याल रखें
- बप्पा का विसर्जन करने से पहले उन्हें रोली-चंदन और तिलक जरूर लगाएं.
- बप्पा को 21 दूर्वा अर्पित करें, 21 मोदक और 21 पुष्प अर्पित करें.
- विदाई के समय एक पोटली में थोड़ा अक्षत, दूर्वा, सिक्के और मोदक बांधकर बप्पा की मूर्ति के साथ रखें.
- इसके बाद आरती करें. प्रतिमा को चौकी समेत 2 इंच आगे खिसकाएं. ये बप्पा से प्रस्थान करने की आज्ञा होती है.
- विसर्जन के समय मूर्ति को पानी में फेंका नहीं जाता है बल्कि बहुत ही आदर व सम्मान के साथ उन्हें जल में छोड़े.
श्री गणेशजी की आरती (Lord Ganesh Aarti Lyrics in Hindi)
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
एकदन्त दयावन्त,चार भुजाधारी।
माथे पर तिलक सोहे,मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े,और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे,सन्त करें सेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
अंधे को आंख देत,कोढ़िन को काया।
बाँझन को पुत्र देत,निर्धन को माया॥
'सूर' श्याम शरण आए,सफल कीजे सेवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
जय गणेश, जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा॥
श्री गणपतीची आरती (Maharashtra Ganpati Aarti Lyrics)
सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।
सर्वांगी सुन्दर उटि शेंदुराची।
कण्ठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
रत्नखचित फरा तुज गौरीकुमरा।
चन्दनाची उटि कुंकुमकेशरा।
हिरे जड़ित मुकुट शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
लम्बोदर पीताम्बर फणिवर बन्धना।
सरळ सोण्ड वक्रतुण्ड त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवरवन्दना॥
जय देव जय देव जय मंगलमूर्ति।
दर्शनमात्रे मनकामना पुरती॥
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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