कागज से बनाती हैं डॉल, कार्टून और सनफ्लावर ईयररिंग्स, इंस्टाग्राम से देशभर में बेचती हैं अपना हुनर
झारखंड के बोकारो सेक्टर-4 की 19 वर्षीय नेहा बरनवाल ने कोरोना काल में 13 साल की उम्र में YouTube से क्विलिंग आर्ट बनाना सीखा और अपने शौक को धीरे-धीरे कारोबार में बदल दिया. रंग-बिरंगे कागज की पतली पट्टियों से वह भगवान गणेश, भगवान जगन्नाथ, कार्टून कैरेक्टर और कई तरह की आकर्षक कलाकृतियां तैयार करती हैं. नेहा के बनाए हैंडीक्राफ्ट की कीमत करीब 300 से 1,000 रुपये तक है और उनके मुताबिक हर महीने करीब 100 ऑर्डर मिलते हैं. वह पहले Amazon के जरिए भी अपने प्रोडक्ट बेच चुकी हैं और एक साल में करीब 2 लाख रुपये का कारोबार किया था. अब वह Instagram के जरिए देशभर में ऑर्डर ले रही हैं और पढ़ाई के साथ अपने इस काम को आगे बढ़ाकर भविष्य में बिजनेस वूमेन बनने का लक्ष्य रखती हैं.
जंग खत्म करने को ईरान का 7 दिन का प्लान:सभी मोर्चों पर लड़ाई रुके, तेल पर प्रतिबंध हटे, 7वें दिन होर्मुज खोलने पर बात
ईरान ने अमेरिका के सामने जंग रोकने का 7 दिन का प्लान रखा है। ईरान का कहना है कि सबसे पहले लड़ाई बंद हो और ईरान के तेल बेचने पर लगी पाबंदियों में राहत दी जाए। इसके बाद सातवें दिन होर्मुज स्ट्रेट खोला जाएगा और फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नई बातचीत शुरू होगी। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि अब यह अमेरिका पर निर्भर है कि वह संघर्ष खत्म करना चाहता है या नहीं। जंग रोकने का प्रस्ताव ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मध्यस्थ देशों के जरिए अमेरिका को भेजा है। पजशकियान बोले- समझौते के बाद हमला हुआ पजशकियान ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि जून में दोनों देशों के बीच एक समझौते का आधार तैयार हो गया था और ईरान आगे बढ़ने के लिए राजी था। उन्होंने कहा कि उस समय होर्मुज खुला था और बातचीत का रास्ता भी खुला था, लेकिन इसके बाद अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया। पजशकियान के मुताबिक, ईरान अब भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी हमले रुकने जरूरी है। ट्रम्प की चेतावनी के बाद आया प्रस्ताव ईरानी प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पजशकियान ने कहा था कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इससे एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान को 'पूरी तरह तबाह' कर सकता है। अमेरिका ने ईरान के 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था। इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना के मुताबिक, उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 18 मिसाइलों को मार गिराया, जबकि 2 आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा था कि ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसी के जवाब में ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 10 जहाजों पर हमले की बात की थी। इनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल थे। इसी दौरान ईरान ने एक अमेरिकी सबमरीन ड्रोन भी पकड़ा था। 28 फरवरी से चल रही है अमेरिका-ईरान की लड़ाई अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु तकनीक के इस्तेमाल का अधिकार है। ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… ईरान बोला-फिर हमला हुआ तो युद्ध हिंद महासागर तक फैलेगा: इससे भारत-चीन पर असर ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या इजराइल ने दोबारा हमला किया तो पश्चिम एशिया की जंग हिंद महासागर तक फैल सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18










