Uttar Pradesh: पीलीभीत में गिरजाघर के अवैध निर्माण के आरोप में तीन लोग गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में बिना प्रशासनिक अनुमति के गिरजाघर का अवैध निर्माण करने के प्रयास के आरोप में पुलिस ने मंगलवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) नताशा गोयल ने बताया कि पुलिस अवैध धार्मिक निर्माणों और बिना अनुमति के किए जा रहे कार्यों पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि यह मामला 17 जनवरी को तिरकुनिया नासिर गांव के रहने वाले सरजीत सिंह की शिकायत के बाद सामने आया।
सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया था कि मुन्ना मसीह, जमुना प्रसाद और अर्जुन सिंह राणा नाम के व्यक्ति नवाडिया जिठानिया गांव में गिरजाघर का अवैध निर्माण कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि अमरिया थाने में शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी। उन्होंने बताया कि इसके बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया और आरोपियों को काम जारी न रखने की चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किए गए।
गोयल ने बताया कि बार-बार चेतावनी के बावजूद आरोपियों ने गुपचुप तरीके से निर्माण कथित तौर पर फिर से शुरू कर दिया औरज ब उनसे अनुमति के दस्तावेज दिखाने को कहा गया, तो वे कोई वैध अनुमति पेश नहीं कर पाए।
पुलिस ने आधिकारिक चेतावनियों के उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका का हवाला देते हुए मंगलवार को मुन्ना, जमुना और उत्तराखंड के रहने वाले अर्जुन सिंह राणा को निर्माण स्थल से गिरफ्तार कर लिया।
संतों के अपमान के लिए माफी मांगे भाजपा सरकार: Ashok Gehlot
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से पुलिस के कथित दुर्व्यवहार की निंदा करते हुए मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार को संतों के इस अपमान के लिए माफी मांगनी चाहिए।
गहलोत ने कहा, “प्रयागराज जैसी पावन धरा पर, माघ मेले के दौरान पूज्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ पुलिस के दुर्व्यवहार और उनका अन्न-जल त्यागकर धरने पर बैठना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने ‘एक्स’ पर लिखा, “धर्म के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा सरकार के राज में अगर सर्वोच्च संतों का यह हाल है, तो यह घोर पाप है। सत्ता के अहंकार में प्रशासन द्वारा माफी मांगने के बजाय संत को ही नोटिस थमाना ‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ का प्रमाण है।” गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को संतों के इस अपमान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
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