Patna High Court Assistant Answer Key 2026: प्रोविजनल आंसर-की जारी, 1 अक्टूबर तक दर्ज करें आपत्ति
Patna High Court Assistant Answer Key 2026: पटना हाई कोर्ट ने असिस्टेंट परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब अपने उत्तरों का मिलान कर संभावित स्कोर का आकलन कर सकते हैं। आंसर-की पटना हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट patnahighcourt.gov.in पर उपलब्ध है। वहीं, किसी उत्तर पर आपत्ति होने पर उम्मीदवार 1 अक्टूबर 2026 तक ऑब्जेक्शन दर्ज कर सकते हैं।
कैसे डाउनलोड करें पटना हाई कोर्ट असिस्टेंट आंसर-की?
- सबसे पहले पटना हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट patnahighcourt.gov.in पर जाएं।
- वेबसाइट के होमपेज पर Notices Regarding Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें।
- अब Patna High Court Assistant Answer Key 2026 लिंक पर क्लिक करें।
- इसके बाद मांगी गई User ID और Password दर्ज करके लॉगिन करें।
- लॉगिन करते ही प्रोविजनल आंसर-की स्क्रीन पर दिखाई देगी।
- आंसर-की को डाउनलोड करें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।
1 अक्टूबर तक दर्ज कर सकते हैं आपत्ति
पटना हाई कोर्ट ने प्रोविजनल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए ऑब्जेक्शन विंडो भी खोल दी है। उम्मीदवार 24 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक अपने ऑब्जेक्शन ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
अगर किसी उम्मीदवार को लगता है कि आंसर-की में किसी प्रश्न का उत्तर गलत दिया गया है, तो वह निर्धारित समय के भीतर उस प्रश्न के खिलाफ आपत्ति दर्ज कर सकता है। ध्यान रखें कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
हर सवाल पर देना होगा 50 रुपये शुल्क
आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए उम्मीदवारों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति के लिए 50 रुपये शुल्क तय किया गया है। यह शुल्क सभी श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए लागू है। बिना निर्धारित शुल्क का भुगतान किए दर्ज की गई आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
उम्मीदवार ध्यान रखें ये बात
प्रोविजनल आंसर-की पर आपत्ति दर्ज करने से पहले उम्मीदवार संबंधित प्रश्न और अपने दावे की अच्छी तरह जांच कर लें। यदि आवश्यक हो तो आपत्ति के समर्थन में संबंधित प्रमाण या स्रोत भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रस्तुत करें।
प्रोविजनल आंसर-की पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद हाई कोर्ट की ओर से अंतिम आंसर-की जारी की जा सकती है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे आगे की अपडेट के लिए पटना हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
Gardening Tips: घर की बालकनी में लगाएं ये 10 आयुर्वेदिक पौधे, खूबसूरती के साथ मिलेंगे कई फायदे
Gardening Tips: अगर आपके घर में थोड़ी-सी जगह है तो गमलों में भी कई तरह के हर्ब्स और औषधीय पौधे उगाए जा सकते हैं। अगर आपको हरियाली पसंद है और पेड़-पौधे लगाने का शौक है तो इस बार सिर्फ सजावटी पौधों तक सीमित न रहें। तुलसी से लेकर एलोवेरा और पुदीने तक, कुछ पौधों की देखभाल भी ज्यादा मुश्किल नहीं होती। ये आयुर्वेदिक पौधे घर में आसानी से लगाए जा सकते हैं।
1. तुलसी
तुलसी भारतीय घरों में सबसे आम पौधों में से एक है। इसे धूप वाली जगह पर गमले में आसानी से उगाया जा सकता है। आयुर्वेद में तुलसी का पारंपरिक रूप से कई तरह से इस्तेमाल किया जाता है।
2. एलोवेरा
एलोवेरा कम देखभाल में भी अच्छी तरह बढ़ने वाला पौधा है। इसकी पत्तियों के अंदर मौजूद जेल का इस्तेमाल पारंपरिक तौर पर त्वचा की देखभाल में किया जाता रहा है। इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती।
3. पुदीना
पुदीना किचन गार्डन के लिए अच्छा विकल्प है। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल चटनी, ड्रिंक और खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए होता है। इसे गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है।
4. अश्वगंधा
अश्वगंधा आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल की जाने वाली जड़ी-बूटी है। इसकी जड़ का पारंपरिक रूप से प्रयोग किया जाता है। इसे ऐसी जगह लगाना बेहतर रहता है जहां मिट्टी में पानी जमा न हो।
5. ब्राह्मी
ब्राह्मी को आयुर्वेद में पारंपरिक रूप से याददाश्त और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। यह नमी वाली मिट्टी में अच्छी तरह बढ़ती है और इसे गमले में भी उगाया जा सकता है।
6. नीम
नीम का पेड़ भारतीय घरों में लंबे समय से पारंपरिक उपयोग का हिस्सा रहा है। इसकी पत्तियों और दूसरे हिस्सों का इस्तेमाल कई घरेलू और आयुर्वेदिक तरीकों में किया जाता है। हालांकि नीम को बढ़ने के लिए दूसरे छोटे पौधों की तुलना में ज्यादा जगह चाहिए।
7. गिलोय
गिलोय एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे सहारे के साथ उगाया जा सकता है। आयुर्वेद में इसकी बेल के तने का पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता है। गार्डन में इसे लगाने के लिए ट्रेलिस या किसी मजबूत सहारे की जरूरत पड़ सकती है।
8. गेंदा
गेंदा सिर्फ घर की खूबसूरती बढ़ाने वाला फूल नहीं है। इसके फूलों का पारंपरिक रूप से त्वचा से जुड़े घरेलू इस्तेमाल में भी जिक्र मिलता है। इसे धूप वाली जगह पर गमले में आसानी से लगाया जा सकता है।
9. अदरक
अदरक को भी घर के छोटे किचन गार्डन में उगाया जा सकता है। इसका इस्तेमाल रोजाना चाय, सब्जी और कई तरह के व्यंजनों में होता है। इसके अलावा भारतीय घरेलू परंपराओं में अदरक का इस्तेमाल पाचन से जुड़ी परेशानियों के लिए भी किया जाता रहा है।
10. करी पत्ता
करी पत्ता भारतीय खाने में स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए खूब इस्तेमाल होता है। इसे बड़े गमले में भी उगाया जा सकता है और अच्छी देखभाल मिलने पर पौधा लंबे समय तक हरा-भरा रह सकता है।
बालकनी में भी बना सकते हैं छोटा हर्ब गार्डन
अगर आपके पास बड़ा गार्डन नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं। तुलसी, पुदीना, एलोवेरा और ब्राह्मी जैसे कई पौधों को गमलों में उगाया जा सकता है। सही गमला, अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी और पौधे की जरूरत के हिसाब से धूप-पानी का ध्यान रखना जरूरी है।
ध्यान रखें
- इन पौधों का पारंपरिक आयुर्वेदिक इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाता है, लेकिन किसी बीमारी के इलाज के लिए इन्हें अपनी मर्जी से दवा की तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- खासकर अगर आप किसी बीमारी की दवा लेते हैं, गर्भवती हैं या किसी हर्बल प्रोडक्ट का सेवन करना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
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