Nationwide Protests: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन, EC के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा प्रहार करने और उन्हें चुनावी गड़बड़ियों का मुख्य सूत्रधार बताए जाने के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है।
एक रिपोर्ट के सामने आने के बाद राहुल गांधी ने दावा किया था कि चुनाव प्रक्रिया में गंभीर खिलवाड़ किया गया है, जिसके बाद कांग्रेस के साथ-साथ आरजेडी, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और वामपंथी दलों ने भी खुलकर समर्थन का ऐलान कर दिया है। इस गर्माती राजनीति के बीच अब पूरा विपक्ष CEC के खिलाफ सड़क पर उतरने को तैयार है।
राहुल गांधी के आरोपों के बाद लामबंद हुआ पूरा विपक्ष
राहुल गांधी द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठाए जाने के बाद देश की तमाम विपक्षी पार्टियां उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गई हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनावी प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं और इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। इसी कड़ी में कांग्रेस के नेतृत्व में आज से देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत की जा रही है।
प्रियंका गांधी की मांग- CEC पर चले देशद्रोह का मुकदमा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस पूरे मामले पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है। उनका आरोप है कि CEC ने जानबूझकर और अनुचित अनुमति देकर वोटर लिस्ट से लगभग 13 करोड़ नाम हटाने के बाद चुनाव संपन्न कराए, जो सीधे तौर पर देशहित और लोकतंत्र के खिलाफ है।
आज से देश के अलग-अलग राज्यों में देशव्यापी प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आज देश के विभिन्न हिस्सों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। दिल्ली में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव तथा AICC दिल्ली प्रभारी काज़ी निज़ामुद्दीन के नेतृत्व में दोपहर एक बजे चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा।
इसके अलावा बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना समेत सभी जिला मुख्यालयों पर CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश, असम और पंजाब में भी कांग्रेस आक्रामक तेवर दिखाने के लिए तैयार है, जहां पंजाब में पार्टी नेता सचिन पायलट इस विरोध का नेतृत्व संभाल रहे हैं।
साथ ही, CPI(M), CPI, CPI(ML)-लिब्रेशन, RSP और AIFB जैसे वामपंथी दलों ने संयुक्त बयान जारी कर 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक लगातार देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।
समाजवादी पार्टी और अन्य दलों का मिला समर्थन
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अब यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि निर्वाचन आयोग (ECI) के स्तर से गंभीर स्तर पर बेईमानी और हेरफेर की गई है।
विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती और मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह विरोध और आंदोलन विभिन्न रूपों में जारी रहेगा।
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