पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, दावा- 28 आतंकी मारे:तालिबान बोला- एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, हमले का जवाब देंगे
पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में 28 आतंकी मारे गए। वहीं, तालिबान सरकार ने कहा कि कुनार में 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 लोग घायल हुए। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि कुनार में एक घर पर हुए हमले में एक महिला और दो पुरुष मारे गए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो जगहों पर बमबारी हुई। यहां एक घर और दुकान को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है। मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस हमले का उचित जवाब देगा। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से आतंकी उसके खिलाफ हमले कर रहे हैं। तालिबान बोला- पाकिस्तान ने अमेरिकी बम से हमला किया तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक में अमेरिका में बना Mk82 बम इस्तेमाल किया। अफगान सरकार ने बम के गाइडेंस सिस्टम का एक टुकड़ा भी जारी किया है। अफगान सरकार के मुताबिक, यह टुकड़ा Mk82 जनरल-पर्पस बम का है और सोमवार सुबह हुए पाकिस्तानी हमले में इसका इस्तेमाल किया गया था। Mk82 अमेरिका में बना सामान्य इस्तेमाल वाला बम है। पाकिस्तान का आरोप- तालिबान TTP को पनाह दे रहा पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में शुक्रवार को पुलिस परिसर के पास एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। इसके अगले दिन हंगू में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 6 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए। पाकिस्तान इन हमलों के लिए अफगानिस्तान में मौजूद TTP और उससे जुड़े समूहों को जिम्मेदार मानता है और उनके ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को जायज ठहराता है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। ---------------------- पाकिस्तान से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी मंत्री बोले- पेट्रोल 1000 रुपए तक पहुंच सकता है:अब तक 50% महंगा हुआ, 389 रुपए लीटर कीमत पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 1000 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने रविवार को कहा कि अगर देश में पेट्रोल की कमी हुई तो कीमत और बढ़ सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
इटली में बुर्का और नकाब पर बैन लगेगा:अभी दुनिया के 24 देशों में रोक; स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी कम होगी
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि इस संबंध में कैबिनेट जल्द प्रस्ताव पर फैसला लेगी। मेलोनी ने कहा कि स्कूलों में चेहरा ढका नहीं होना चाहिए और किसी पर परंपरा के नाम पर चेहरा ढकने का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित रखने की भी योजना है। प्रस्तावित नियमों के तहत उन विदेशी छात्रों के माता-पिता को इटैलियन भाषा सीखनी होगी, जिनके बच्चों को स्कूल में घुलने-मिलने और इटली की शिक्षा व्यवस्था में शामिल होने में दिक्कत हो रही है। बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने वाला इटली पहला देश नहीं होगा। फ्रांस और चीन समेत दुनिया के करीब 24 देशों में सार्वजनिक जगहों पर चेहरे को पूरी तरह ढकने वाले कपड़ों पर अलग-अलग तरह की पाबंदियां लागू हैं। इटली में 50 साल से चेहरा ढकने पर प्रतिबंध इटली में चेहरा ढकने को लेकर 1975 से कानून है। इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर इस तरह चेहरा ढकना मना है, जिससे किसी व्यक्ति की पहचान न हो सके। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है। 2008 के एक कोर्ट के फैसले में कहा गया था कि अगर कोई व्यक्ति धार्मिक या सांस्कृतिक वजह से चेहरा ढकता है, तो सिर्फ इसी वजह से उसे कानून तोड़ने वाला नहीं माना जाएगा। मामले की परिस्थितियों को भी देखा जाएगा। अब मेलोनी सरकार स्कूलों में बुर्का और नकाब पर अलग से रोक लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कानून बनाने के लिए संसद में भेजा जाएगा। इसे 60 दिनों के भीतर संसद से मंजूरी मिलना जरूरी होगा। इटली में मेलोनी से भी ज्यादा दक्षिणपंथी नेता की एंट्री इटली में अगले साल 2027 में आम चुनाव होने हैं। इमिग्रेशन यानी दूसरे देशों से आने वाले लोगों का मुद्दा वहां पहले से ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा है। मेलोनी की पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली (FdI) को अब नेशनल फ्यूचर (FN) से चुनौती मिल रही है। यह पार्टी मेलोनी की पार्टी से भी ज्यादा सख्त इमिग्रेशन नीति की मांग करती है। FN ने इसी साल जुलाई में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने की मांग की थी। यानी जिस मुद्दे पर अब मेलोनी सरकार कानून लाने जा रही है, उस पर उनसे भी ज्यादा सख्त रुख रखने वाली पार्टी पहले ही दबाव बना रही थी। यूरोपीय अदालत ने बुर्का पर बैन को सही ठहराया यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स फ्रांस और बेल्जियम में सार्वजनिक जगहों पर बुर्का-नकाब पर रोक को सही ठहरा चुका है। फ्रांस में 2014 और बेल्जियम में 2017 के फैसले में अदालत ने कहा था कि लोगों के बीच मेलजोल बनाए रखना ऐसी रोक का आधार हो सकता है। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने इसका विरोध किया है। इटली के स्कूलों में 9.3 लाख विदेशी छात्र रिसर्च इंस्टीट्यूट फोंडाजियोने ISMU के मुताबिक, इटली के स्कूलों में करीब 9.3 लाख ऐसे छात्र पढ़ते हैं, जिनके पास इटली की नागरिकता नहीं है। यानी स्कूलों में पढ़ने वाले हर 100 छात्रों में करीब 12 विदेशी नागरिकता वाले हैं। इन बच्चों की संख्या के बावजूद, इटली में विदेशी नाबालिगों की कुल आबादी पिछले 10 साल में करीब 4.5% कम हुई है। यह आंकड़ा बताता है कि देश में विदेशी नागरिकता वाले बच्चों की कुल संख्या में कमी आई है। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी:सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड, लगातार 1413 दिन से सत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। पूरी खबर पढ़ें…
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