Bihar Govt ने बोर्ड व आयोगों के अध्यक्षों का वेतन बढ़ाकर 65000 रुपये किया
बिहार सरकार ने मंत्रियों के समकक्ष सुविधाओं के हकदार विभिन्न बोर्ड, आयोग, निगम और समितियों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के वेतन, दैनिक भत्ते और आतिथ्य भत्ते में वृद्धि की है। इस संबंध में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, मंत्रियों के समकक्ष सुविधाओं के पात्र अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों का मासिक वेतन 25,000 रुपये से बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया गया है।
वहीं, दैनिक भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने आतिथ्य भत्ते में भी वृद्धि की है। इसके तहत मंत्रिस्तरीय सुविधाओं के पात्र अध्यक्षों का मासिक आतिथ्य भत्ता 18,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये, राज्य मंत्री स्तर की सुविधाओं के पात्र पदाधिकारियों का 17,500 रुपये से बढ़ाकर 29,500 रुपये तथा उपमंत्री स्तर की सुविधाओं के पात्र पदाधिकारियों का 17,000 रुपये से बढ़ाकर 29,000 रुपये कर दिया गया है।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की ओर से 23 सितंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू होंगे, जबकि पूर्ववर्ती सरकारी संकल्पों के तहत उपलब्ध अन्य सभी सुविधाएं यथावत रहेंगी। एक अन्य अधिसूचना में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बिहार राज्य परिषद के सदस्यों के लिए मानदेय, वाहन भत्ता और मोबाइल रिचार्ज मद को मिलाकर 50,000 रुपये प्रतिमाह की समेकित राशि निर्धारित की है। विभाग के अनुसार, यह व्यवस्था 14 अगस्त 2025 की अधिसूचना में परिषद के उपसभापति, सचिव और सदस्यों को उपलब्ध सुविधाओं से संबंधित पूर्व प्रावधान के स्थान पर लागू की गई है।
संशोधित प्रावधान अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी होगा।
Federal Judge के आदेश के बाद White House में CNN और MS Now पत्रकारों की वापसी
अमेरिकी संघीय न्यायाधीश द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तीन समाचार संस्थानों के व्हाइट हाउस परिसर में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिए जाने के कुछ घंटे बाद इनमें से दो संस्थानों के संवाददाताओं को वहां जाने की अनुमति दे दी गई। बृहस्पतिवार दोपहर सीएनएन और एमएस नाउ के पत्रकारों को व्हाइट हाउस में फिर प्रवेश मिल गया। सुबह उन्हें वहां प्रवेश से रोक दिया गया था।
अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसके तहत तीन मीडिया प्रतिष्ठानों - सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) परिसर में आने से रोक दिया गया था। हालांकि, तीनों संस्थानों के संवाददाताओं ने कहा था कि आदेश के कुछ घंटे बाद भी उन्हें प्रवेश से रोका गया। समाचार संस्थानों ने अदालत में अर्जी देकर व्हाइट हाउस परिसर में अपने ऊपर अब भी लगे हुए प्रतिबंध के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया।
इसमें कहा गया कि ‘सीक्रेट सर्विस’ के एक एजेंट ने पत्रकारों के पहचान-पत्र जब्त कर लिए। ट्रंप और उन मीडिया संस्थानों के बीच खींचतान का यह ताजा मामला है, जिनकी कवरेज राष्ट्रपति को पसंद नहीं है।
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