महेश सहगल ने संभाली लायंस क्लब डबरा सिटी की कमान, बोले- अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाना लक्ष्य
लायंस क्लब डबरा सिटी की नई कार्यकारिणी ने बुधवार को अपने कार्यकाल की शुरुआत की। क्लब के 10वें पदस्थापना समारोह में सत्र 2026-27 के लिए महेश सहगल ने अध्यक्ष, नीलेश गुप्ता ने सचिव और जितेन्द्र जैन ने कोषाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। नई टीम ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में काम करने का संकल्प लिया।
नगर के एक निजी होटल में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि एमजेएफ लायन सुधीर बाजपेयी (आईपीडीजी) ने सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बताते हुए कहा कि असहाय, निर्धन और पीड़ित लोगों की निःस्वार्थ मदद से बढ़कर ईश्वर की कोई दूसरी आराधना नहीं हो सकती।
नई कार्यकारिणी को दिलाई शपथ
पदस्थापना अधिकारी एमजेएफ नितिन मांगलिक (पीडीजी) और इंडक्शन ऑफिसर एमजेएफ सी.एस. तोमर (पीडीजी) ने नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों को शपथ दिलाई। समारोह में एरिया लीडर अजय सपरा, रीजन चेयरमैन पीएमजेएफ राकेश अग्रवाल और जोन चेयरमैन-2 ब्रजेश गुप्ता भी मौजूद रहे।
पुरानी टीम ने सौंपा कार्यभार
वर्ष 2025-26 के अध्यक्ष रहे डॉ. ध्यानेंद्र सिंह, सचिव विनोद गुप्ता और कोषाध्यक्ष प्रदीप पांडा ने अपने कार्यकाल में क्लब की ओर से किए गए सेवा कार्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने नई टीम को कार्यभार सौंपते हुए सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का लक्ष्य: सहगल
अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद महेश सहगल ने कहा कि लायंस क्लब डबरा सिटी सेवा के क्षेत्र में लगातार काम करता आया है और नई टीम भी इसी सिलसिले को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और निर्धन वर्ग के उत्थान पर विशेष ध्यान रहेगा। सहगल ने कहा, “हमारा लक्ष्य शहर के अंतिम व्यक्ति तक सहायता और राहत पहुंचाना है।” समारोह के समापन पर मौजूद शहर के गणमान्य नागरिकों और क्लब सदस्यों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।
इन 3 फाइनेंस कंपनियों ने तोड़े नियम, RBI ने दिखाई सख्ती, लगाया लाखों का जुर्माना
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) देशभर के सभी बैंकों और नॉन बैकिंग फाइनेंस कंपनियों को रेगुलेट करता है। नियमों का अनुपालन करता है। अब आरबीआई ने तीन NBFC पर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस बात की जानकारी केंद्रीय बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है।
आरबीआई ने केएलएम एग्जिवा फिनवेस्ट लिमिटेड पर 2.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड पर 10 लाख रुपये और ओला फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड पर 3.10 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। एक निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन में खामियों का पता चला था।
कंपनियों को नोटिस जारी किया गया था
मार्च 2025 तक एनबीएफसी के वित्तीय स्थिति को चेक करने के लिए संवैधानिक निरीक्षण किया था। इस दौरान दिशा निर्देशों के अनुपालन में खामियों का पता चला। जिसे ध्यान में रखते हुए बैंकों को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया और उनसे पूछा कि उन पर जुर्माना क्यों ना लगाया जाए। इस पर मिली प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक प्रस्तुतियों पर के आधार पर जब आरोप सही साबित हुए तो पेनल्टी लगाने का फैसला लिया गया।
हालांकि आरबीआई ने अपने नोटिफिकेशन में स्पष्ट किया है कि ग्राहकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। सभी ट्रांजैक्शन और एग्रीमेंट पहले की तरह ही जारी रहेंगे। सेंट्रल बैंक ने कहा कि, “यह कार्रवाई विनियामक खामियों पर आधारित है, इसका उद्देश्य ट्रांजैक्शन या एग्रीमेंट की वैधता को प्रभावित करना नहीं है।”
क्या है वजह?
हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड ने कुछ लोन अकाउंट से अधिक इंटरेस्ट कलेक्ट किए। ओला फाइनेंशियल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड कुछ ग्राहकों के लिए जोखिम वर्गीकरण नहीं किया। केएलएम एग्जिवा फिनवेस्ट लिमिटेड ने गिरवी रखी गई सोने की चीजों की नीलामी से मिले उन अधिक पैसों का भुगतान कुछ उधार लेने वालों को करने में नाकाम रही, जो बकाया लोन से ज्यादा था।
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