साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को 67 रन से हराया:पहले वनडे में ब्रीट्जके का शतक, यानसन की फिफ्टी, महाराज के 4 विकेट
साउथ अफ्रीका ने तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 67 रन से हरा दिया। डरबन के किंग्समीड में पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 297 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया 41.2 ओवर में 230 रन पर ऑलआउट हो गया। साउथ अफ्रीका ने 168 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी और साउथ अफ्रीका के दोनों ओपनर्स को जल्दी आउट कर दिया। टोनी डी जॉर्जी 0 और क्विंटन डी कॉक 14 रन बनाकर पवेलियन लौटे। कप्तान टेम्बा बावुमा ने 48 गेंद पर 30 रन बनाए, जबकि रयान रिकेल्टन 27 रन बनाकर आउट हुए। 34वें ओवर में साउथ अफ्रीका का स्कोर 168/5 था। इसके बाद मैथ्यू ब्रीट्जके और मार्को यानसन ने पारी संभाली। दोनों ने छठे विकेट के लिए 107 रन जोड़े। इसी साझेदारी ने साउथ अफ्रीका को 300 के करीब पहुंचाया। ब्रीट्जके का दूसरा वनडे शतक मैथ्यू ब्रीट्जके ने 106 गेंद पर 112 रन बनाए। उन्होंने 14 चौके और 2 छक्के लगाए। यह उनके वनडे करियर का दूसरा शतक रहा। वह 47.2 ओवर में रन आउट हुए। मार्को यानसन ने भी तेज पारी खेली। उन्होंने 59 गेंद पर 75 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे। 48.6 ओवर में नाथन एलिस ने उन्हें LBW किया। यह यानसन का वनडे में संयुक्त रूप से सर्वोच्च स्कोर है। साउथ अफ्रीका ने आखिरी पांच ओवर में 54 रन जोड़े और 297/8 तक पहुंचा। ऑस्ट्रेलिया की ओर से नाथन एलिस ने 57 रन देकर 3 विकेट लिए, जबकि एडम जंपा ने 2 विकेट लिए। मार्श ने 36 गेंद पर 60 रन ठोके 298 रन का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने तेज शुरुआत की। कप्तान मिचेल मार्श ने पावरप्ले में ही रन बनाने की रफ्तार बढ़ा दी। उन्होंने 36 गेंद पर 60 रन बनाए। पारी में 5 चौके और 6 छक्के लगाए। 10वें ओवर में केशव महाराज ने उन्हें आउट कर साउथ अफ्रीका को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद ट्रेविस हेड और कूपर कॉनॉली ने पारी को आगे बढ़ाया। हेड ने 37 गेंद पर 36 और कॉनॉली ने 42 गेंद पर 38 रन बनाए। दोनों के आउट होने के बाद ऑस्ट्रेलिया की पारी संभल नहीं सकी। महाराज ने 4 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की पारी समेटी केशव महाराज साउथ अफ्रीका के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 9.2 ओवर में 20 रन देकर 4 विकेट लिए। उन्होंने मिचेल मार्श, कैमरन ग्रीन, जैक एडवर्ड्स और एडम जंपा को आउट किया। ब्योर्न फोर्टुइन ने 34 रन देकर 2 विकेट लिए। कॉर्बिन बॉश और जेराल्ड कोएत्जी को एक-एक विकेट मिला। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ ने 49 गेंद पर 44 रन बनाए। उन्होंने 6 चौके लगाए। इसके बाद मिशेल स्टार्क ने 27 गेंद पर 16 रन बनाए, लेकिन निचला क्रम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 41.2 ओवर में 230 रन पर आउट हो गई।
US कोर्ट ने Donald Trump के फैसले पर लगाई रोक, White House में पत्रकारों के प्रवेश की अनुमति
अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसके तहत तीन मीडिया प्रतिष्ठानों - सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) परिसर में आने से रोक दिया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि संबंधित मीडिया प्रतिष्ठानों को ‘व्हाइट हाउस’ आने-जाने की अनुमति बहाल होनी चाहिए। हालांकि, तीनों संस्थानों के संवाददाताओं ने कहा कि फैसले के कुछ घंटों बाद भी उन पर रोक लगी हुई थी।
समाचार संस्थानों ने अदालत में अर्जी देकर व्हाइट हाउस परिसर में अपने ऊपर अब भी लगे हुए प्रतिबंध के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई का अनुरोध किया। इसमें कहा गया कि ‘सीक्रेट सर्विस’ के एक एजेंट ने पत्रकारों के पहचान-पत्र जब्त कर लिए। ट्रंप और उन मीडिया संस्थानों के बीच खींचतान का यह ताजा मामला है, जिनकी कवरेज राष्ट्रपति को पसंद नहीं है।
ट्रंप ने सबसे पहले शुक्रवार को इन संस्थानों पर पाबंदी लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने इनकी खबरों को पहले ‘फर्जी’ कहा और बाद में तर्क दिया कि उनकी रिपोर्टिंग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। खबरिया संस्थानों ने एक संयुक्त मुकदमे में तर्क दिया कि यह प्रतिबंध ‘फर्स्ट अमेंडमेंट’ (संविधान के पहले संशोधन) का खुला उल्लंघन है, क्योंकि उन्हें उनकी कवरेज की विषयवस्तु के कारण निशाना बनाया गया था।
देर रात आए अपने फैसले में, अमेरिकी जिला जज टिमोथी केली ने व्हाइट हाउस को आदेश दिया कि वह तीनों संस्थानों की पहुंच ‘तत्काल बहाल करे’। उन्होंने कहा कि ये संस्थान 14 दिनों के लिए लागू होने वाले अस्थायी रोक आदेश पाने के लिए जरूरी कानूनी शर्तें पूरी करते हैं और उनके यह साबित करने की संभावना है कि उनके प्रेस पास बिना उचित प्रक्रिया के रद्द किए गए थे। उन्होंने लिखा, ‘‘यह एक कठिन शर्त है, लेकिन वादियों ने इसे पूरा किया है।’’ वर्ष 2017 में ट्रंप द्वारा मनोनीत किए गए और 2018 में इसी तरह के एक मामले में सीएनएन के एक पत्रकार की पहुंच बहाल करने का आदेश देने वाले अमेरिकी जिला न्यायाधीश केली ने कहा कि सरकार को उन मानकों को स्पष्ट करना चाहिए जिनके तहत प्रेस पास रद्द किए जा सकें।
न्यायाधीश ने बुधवार को एक आपात सुनवाई में दलीलें सुनीं जिसके बाद उनका फैसला आया। ऐसे आदेश आमतौर पर तब तक यथास्थिति बनाए रखने के लिए दिए जाते हैं, जब तक कि अदालत मामले की बारीकी से समीक्षा न कर ले। मीडिया प्रतिष्ठानों के वकील थियोडोर बूट्रस जूनियर ने ईमेल के जरिए दिए बयान में कहा, ‘‘यह प्रेस की स्वतंत्रता, उचित कानूनी प्रक्रिया और कानून के शासन को सही ठहराने वाला एक शानदार निर्णय है।
हम अदालत की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हैं।’’ इस फैसले के कुछ घंटे बाद तीनों संस्थानों के संवाददाताओं ने दावा किया कि उन्हें ‘व्हाइट हाउस’ में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। व्हाइट हाउस ने टिप्पणी के लिए ‘एसोसिएटेड प्रेस’ की ओर से भेजे गए ईमेल का और इस प्रश्न का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया कि क्या वह संवाददाताओं को प्रवेश की अनुमति देगा।।
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