Republic Day 2026: आजादी-जंग और सीक्रेट मिशन पर बनी हैं ये वेब सीरीज, इन OTT प्लेटफॉर्म्स पर करें बिंज वॉच
Republic Day 2026: हर साल देश 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाता है और इस साल 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) बनाया जाएगा. ऐसे में देशभर में इसकी तैयारी शुरू हो गई है. अगर आप इस दिन घर में बैठकर एंजॉय करना चाहते हैं तो हम आपके लिए कुछ ऐसी वेब सीरीज लेकर आए हैं, जो आपको देशभक्ति के रंग में रंग देंगी. जी हां, ओटीटी पर कई ऐसी सीरीज मौजूद हैं जो देशभक्ति से भरपूर हैं. चलिए देखते हैं लिस्ट में किस-किसका नाम है और आप इन्हें ओटीटी पर कहां देख सकते हैं.
1. 'द फॉरगोटेन आर्मी: आजादी के लिए' (The Forgotten Army: Azaadi Ke Liye)
साल 2020 में आई विक्की कौशल के छोटे भाई सनी कौशल की वेब सीरीज 'द फॉरगोटेन आर्मी: आजादी के लिए' देशभक्ति से जुड़ी है. कबीर खान के निर्देशन में बनी इस सीरीज में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की फौज की कल्पना की तस्वीर पेश की गई है. अमेजॉन प्राइम पर आप इस वेब सीरीज को देख सकते हैं.
2. 'स्पेशल ओप्स' (Special Ops)
साल 2020 में आई के के मेनन स्टारर वेब सीरीज 'स्पेशल ओप्स' में रॉ एजेंट और उसके मिशन की कहानी को दिखाया गया है. इस फिल्म को आप डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर देख सकते हैं.
3. 'बोस:डेड या अलाइव' (Bose: Dead/Alive)
'बोस:डेड या अलाइव': भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस पर बेस्ड है. इसमें राजकुमार राव लीड रोल में नजर आए हैं. ये सीरीज आप जियो सिनेमा पर देख सकते हैं.
4. 'सारे जहां से अच्छा' (Saare Jahan Se Accha: The Silent Guardians)
साल 2025 में आई एक्शन-थ्रिलर वेब सीरीज 'सारे जहां से अच्छा' 1970 के दशक पर आधारित है. सीरीज में भारत-पाकिस्तान के परमाणु तनाव के बीच भारतीय जासूस के एक मिशन की कहानी दिखाई गई है. इसमें सनी हिंदुजा, रजत कपूर, और तिलोत्तमा शोम जैसे स्टार्स हैं. इसे आप नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं.
5. '21 सरफरोश: सारागढ़ी 1897' (21 Sarfarosh – Saragarhi 1897)
मोहित रैना की वेब सीरीज '21 सरफरोश: सारागढ़ी 1897' उन 21 सरदार सैनिकों के बलिदान पर बेस्ड है, जिन्होंने 10,000 अफगान सैनिकों का मुकाबला किया था. अक्षय कुमार की फिल्म केसरी भी इस पर ही बेस्ड हैं. ये सीरीज प्राइम वीडियो पर देखी जा सकती है.
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Noida Engineer Death: नोएडा इंजीनियर की मौत मामले में बड़ा एक्शन, पुलिस ने बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया
Noida Engineer Death: नोएडा में इंजीनियर की मौत मामले में एक और एक्शन हुआ है. यहां पुलिस ने एक बिल्डर को गिरफ्तार किया है, जिसका नाम अभय सिंह और वह एमजेड विश्टाउन का मालिक है. ये कार्रवाई नॉलेज पार्क थाने की पुलिस ने की है. बता दें कि ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है. इस केस में नामजद बिल्डर अभय कुमार को नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान घटनास्थल से जुड़े निर्माण कार्य और सुरक्षा इंतजामों में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिनमें बिल्डर की भूमिका स्पष्ट होती जा रही है.
#WATCH | Noida techie death case | Greater Noida | Abhay Singh, CEO of MZ Wiztown Planners, arrested in the engineer Yuvraj's death case by the Police Commissioner's team.
— ANI (@ANI) January 20, 2026
(Noida Police) pic.twitter.com/YOK0R2U53R
दो बिल्डरों को किया था नामजद
इंजीनियर मौत मामले में दो बिल्डरों को नामजद किया गया था. दरअसल घटना के बाद ये सामने आया है कि पहली नजर में गलती बिल्डरों की दिखाई दे रही है. ऐसे में पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर में दो बिल्डरों के नाम लिखे. जांच में ये सामने आया कि युवराज की मौत में लापरवाही बड़ी वजह थी. अभय कुमार की गिरफ्तारी तो शुरुआत है माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और भी नाम सामने आएंगे और अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं.
https://x.com/ANI/status/2013567115585036714
क्या बोली SIT?
एडीजी मेरठ जोन और एसआईटी टीम के हेड भानु भास्कर, ने बताया कि अभी जांच शुरू हुई है. सब लोगों को बात करने के बाद 5 दिन में हम अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे. फिलहाल जांच जारी है इसलिए सबकुछ अभी नहीं कहा जा सकता है.
#WATCH ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश: सेक्टर 150 में कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी से भरे गड्ढे में कार गिरने से एक टेक एक्सपर्ट की डूबने से मौत हो गई। SIT टीम मौके पर पहुंची। pic.twitter.com/8TXFf49sCE
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 20, 2026
युवराज की कार की तलाश
उधर..सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता के मौत केस में मंगलवार को NDRF की टीम मौके पर पहुंची. टीम यहां युवराज की कार तलाशने में जुटी है. इस अभियान में कुल 3 एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं. इनमें तीन गोताखोर भी शामिल हैं. ये गोताखोर 70 फीट गहरे बेसमेंट के अंदर जाकर गाड़ी की तलाश कर रहे हैं.
कैसे हुआ हादसा?
युवराज मेहता गुरुग्राम से काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार निर्माणाधीन परिसर के बेसमेंट में गिर गई, जहां भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था. घने कोहरे और पर्याप्त संकेतक न होने के कारण उन्हें खतरे का अंदाजा नहीं हो पाया। कार गिरने के बाद युवराज ने बाहर निकलने की कोशिश की और अपने पिता को फोन कर मदद भी मांगी, लेकिन समय पर बचाव नहीं हो सका.
रेस्क्यू में देरी पर सवाल
इस पूरे मामले में रेस्क्यू ऑपरेशन की देरी सबसे बड़ा सवाल बनकर उभरी है. सूचना मिलने के बावजूद पुलिस और दमकल विभाग के पहुंचने में काफी समय लग गया. मौके पर न तो पर्याप्त उपकरण थे और न ही पानी निकालने की तत्काल व्यवस्था। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रेस्क्यू समय पर होता, तो युवराज की जान बच सकती थी.
एसआईटी जांच और आगे की कार्रवाई
प्राधिकरण की उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई है. एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए प्राधिकरण अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित विभागों की भूमिका की भी समीक्षा शुरू कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है.
प्रशासनिक लापरवाही पर उबाल
युवराज की मौत ने ग्रेटर नोएडा में निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों और मृतक के परिवार ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है. यह मामला अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की जिम्मेदारी तय करने की परीक्षा बन चुका है.
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