इंदौर की दातुनी पहाड़ी बनेगी ‘ऋषि पहाड़ी’? मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की नाम बदलने की अपील, बोले – ‘प्रकृति का दोहन करें, शोषण नहीं’
इंदौर में गुरुवार को दातुनी पहाड़ी पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया। दरअसल कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, दादा गुरु महाराज, विधायक मधु वर्मा और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। सभी ने पहाड़ी पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं आयोजन के दौरान पेड़ों की अहमियत, जल संरक्षण और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने पर विशेष चर्चा हुई।
दरअसल कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे सिर्फ पौधारोपण तक सीमित नहीं माना बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली बचाने का संकल्प भी लिया। आयोजकों का कहना था कि शहर की पहाड़ियों को हरा-भरा बनाना और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देना इस अभियान का बड़ा उद्देश्य है। दातुनी पहाड़ी पर लगाए गए पौधों की देखरेख के लिए भी आगे विशेष व्यवस्था करने की बात कही गई।
जानिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्या कहा?
वहीं कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंसान प्रकृति से लगातार संसाधन लेता है इसलिए उसे उससे कहीं ज्यादा वापस लौटाने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का उपयोग करना गलत नहीं है लेकिन उसका शोषण करने का किसी को अधिकार नहीं है। उनके मुताबिक जंगलों की कटाई और प्राकृतिक संतुलन बिगड़ने के कारण आज अतिवृष्टि, अनावृष्टि और दूसरी प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने हाल के वर्षों में बाढ़ के दौरान इमारतों के ढहने जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रकृति के साथ लगातार हो रही छेड़छाड़ का परिणाम है।
दातुनी पहाड़ी का नाम बदलकर ‘ऋषि पहाड़ी’ रखने की अपील
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों से अपील की कि वे सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित न रहें बल्कि उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी लें। उन्होंने दातुनी पहाड़ी का नाम बदलकर ‘ऋषि पहाड़ी’ रखने की बात भी कही। दादा गुरु महाराज का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे वर्षों से केवल नर्मदा के जल पर जीवन यापन कर रहे हैं जिसे उन्होंने विज्ञान के लिए भी चुनौती बताया। साथ ही उन्होंने इंदौर में इस बार कम बारिश को लेकर चिंता जताई और कहा कि सूखते पेड़ उन्हें सबसे ज्यादा दुख देते हैं।
दादा गुरु महाराज बोले – ‘पेड़ों में परमात्मा का स्वरूप देखती है सनातन संस्कृति’
वहीं दादा गुरु महाराज ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान किया गया यह पौधारोपण केवल एक आयोजन नहीं बल्कि प्रकृति संरक्षण का महायज्ञ है। उनके अनुसार पेड़ जीवन बचाने, पर्यावरण को संतुलित रखने और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का सबसे बड़ा माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति दुनिया की उन गिनी-चुनी परंपराओं में शामिल है जो पेड़-पौधों को देवत्व का स्वरूप मानकर उनकी पूजा करती है।
21 साल बाद MP में लौट रही लोक परिवहन बस सेवा, CM डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर देखीं तैयारियां, कल गडकरी के साथ करेंगे शुभारंभ
मध्य प्रदेश में 21 साल बाद फिर लोक परिवहन बस सेवा शुरू होने जा रही है। इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार शाम भोपाल के BHEL दशहरा मैदान पहुंचे और ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के शुभारंभ की तैयारियां देखीं। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाओं के साथ बसों के अंदर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
25 सितंबर को इसी मैदान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवा की शुरुआत करेंगे।
CM बोले- मध्य प्रदेश के लिए ऐतिहासिक होगा दिन
तैयारियों का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक होगा। प्रदेश में 21 साल बाद फिर लोक परिवहन बस सेवा शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका स्वरूप अपने आप में यूनिक है और सरकार का यह फैसला क्रांतिकारी साबित होगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक सुगम परिवहन सेवा में ई-बस से लेकर अलग-अलग सुविधाओं वाली बसों को चरणबद्ध तरीके से हर नगर और जिले तक पहुंचाया जाएगा। यात्रियों के लिए पानी, बस स्टॉप और बस स्टैंड जैसी जरूरी सुविधाओं पर भी काम किया जाएगा।
शहरों के साथ गांवों को भी बसों से जोड़ने की तैयारी
नई व्यवस्था में इंटरसिटी और इंट्रासिटी दोनों तरह की बसें शामिल होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़कें हैं और गांवों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हुआ है। अब लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा देने के लिए बस कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।
सुगम परिवहन सेवा के तहत बसों की सुरक्षा और निगरानी में भी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बसों में GPS और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं शामिल की जा रही हैं।
जगन्नाथपुरी से चारधाम तक बस चलाने की तैयारी
सुगम परिवहन सेवा का दायरा केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लग्जरी बसों के जरिए दूसरे राज्यों के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक भी यात्रियों को पहुंचाया जाएगा। इनमें ओडिशा का जगन्नाथपुरी, रामेश्वरम, मथुरा और चारधाम जैसे धार्मिक स्थल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद प्रदेश में दो मेट्रो सेवाएं भी शुरू हुई हैं और अब सड़क परिवहन की कमी को दूर करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
गडकरी के साथ करेंगे शुभारंभ
शुक्रवार को BHEL दशहरा मैदान में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उनके साथ बसों को हरी झंडी दिखाकर ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत करेंगे।
गुरुवार को कार्यक्रम स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंच, सभा स्थल और अन्य व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह भी मौजूद रहे।
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