अहमदाबाद में डॉ. आंबेडकर नेशनल फाउंडेशन म्यूजियम और ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन, डिजिटल तकनीक से दिखाई जाएगी बाबासाहेब की विरासत
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुरुवार को अहमदाबाद के रानीप में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर नेशनल फाउंडेशन, म्यूजियम और ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया. करीब 11.01 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस सुविधा को राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने विकसित किया है. म्यूजियम में आधुनिक डिजिटल, 3D और हाइपर-रियलिटी तकनीक के जरिए डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष, भाषणों और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया है.
उद्घाटन के दौरान हर्ष संघवी ने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि गुजरात में डॉ. आंबेडकर के विचारों और विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. उन्होंने वडोदरा के संकल्प भूमि प्रोजेक्ट और रानीप में बने इस आधुनिक म्यूजियम का भी उल्लेख किया.
संघवी ने बताया कि राज्य सरकार ने पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पारिवारिक आय की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया है. इसके अलावा संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर सामाजिक उत्थान, शैक्षणिक सुविधाओं, भवनों और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए 231 करोड़ रुपये की मंजूरी का भी उल्लेख किया.
डिजिटल तकनीक से दिखाई जाएगी आंबेडकर की विरासत
म्यूजियम में भित्तिचित्रों और विभिन्न प्रदर्शनियों के साथ डॉ. आंबेडकर के भाषणों के वर्चुअल अनुभव, लाइट एंड साउंड प्रेजेंटेशन और डिजिटल व 3D डिस्प्ले लगाए गए हैं. यहां हाइपर-रियलिटी तकनीक के जरिए भी उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया है. इसके अलावा आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ के प्रसंगों को भी प्रदर्शित किया गया है.
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युम्न वाजा ने कहा कि यह केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय जैसे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर है.
कार्यक्रम में सफाई कामगारों के उन बच्चों को प्रोत्साहन सहायता भी दी गई, जिन्होंने राज्य में बेहतर प्रदर्शन किया है. इसके अलावा दिव्यांग छात्र विजय कांजीभाई परमार को भी सम्मानित किया गया, जो नर्सिंह भगत हॉस्टल में रह चुके हैं और बाद में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हुए. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने हिस्सा लिया.
गुजरात: नागरिकों के पर्यावरण योगदान को मापने के लिए एआई ऐप लॉन्च
गांधीनगर, 24 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने एआई आधारित एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए नागरिक पर्यावरण से जुड़ी अपनी गतिविधियों को दर्ज कर सकेंगे। योग्य गतिविधियों का सत्यापन होने के बाद उन्हें ग्रीन पॉइंट्स मिलेंगे, जो उनके कुल ग्रीन सिटीजन स्कोर में जुड़ेंगे।
एआई ग्रीन सिटीजन स्कोर ऐप को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत गुजरात इंफॉर्मेटिक्स लिमिटेड (जीआईएल) ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य पौधारोपण और कचरा प्रबंधन से लेकर जल संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन तक की गतिविधियों में नागरिकों की भागीदारी का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक कई तरह की पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं और ऐप पर अपने योगदान को ट्रैक कर सकते हैं।
मोढवाडिया ने कहा, इस प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक पौधारोपण, कचरे को अलग करना और रीसाइक्लिंग, प्लास्टिक इकट्ठा करना, जल संरक्षण, पैदल चलना, साइकिल चलाना, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कारपूलिंग और समुदाय आधारित पर्यावरण गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। योग्य गतिविधियों पर नागरिकों को ग्रीन पॉइंट्स मिल सकते हैं, जिससे वे अपनी पर्यावरण गतिविधियों और कुल ग्रीन स्कोर को ट्रैक कर सकेंगे।
यह ऐप गतिविधियों को दर्ज करने और उनका सत्यापन करने के लिए डिजिटल और एआई तकनीक का इस्तेमाल करता है।
विभाग के अनुसार, यूजर ऐप के जरिए योग्य गतिविधियों की जानकारी जमा कर सकते हैं। इसके बाद विभाग उनका सत्यापन करता है और फिर ग्रीन पॉइंट्स दिए जाते हैं।
जहां जरूरी होगा, वहां गतिविधियों के सत्यापन के लिए फोटो और लोकेशन की जानकारी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मोढवाडिया ने कहा, प्लेटफॉर्म गतिविधियों के सत्यापन में मदद के लिए एआई आधारित फीचर्स का इस्तेमाल करता है। जहां जरूरी हो, वहां फोटो और लोकेशन की जानकारी का उपयोग किया जाता है। एआई ग्रीन असिस्टेंट पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों, अभियानों और ग्रीन पॉइंट्स के बारे में भी जानकारी देता है।
ऐप में पौधारोपण, कचरे को अलग करने, रीसाइक्लिंग और साफ-सफाई से जुड़ी गतिविधियों को रिकॉर्ड करने की सुविधा है। नागरिक जल संरक्षण और जल संसाधनों की सुरक्षा से जुड़ी अपनी गतिविधियों की जानकारी भी इसमें दर्ज कर सकते हैं।
ग्रीन मोबिलिटी के तहत यह प्लेटफॉर्म पैदल चलने, साइकिल चलाने, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और कारपूलिंग जैसी गतिविधियों को भी मान्यता देता है। यूजर इसके जरिए पर्यावरण से जुड़े अभियानों को खोजकर उनमें शामिल भी हो सकते हैं।
ऐप में एक्टिविटी हिस्ट्री की सुविधा भी है। इसके जरिए यूजर अपनी जमा की गई गतिविधियां, उनके सत्यापन की स्थिति और अर्जित किए गए पॉइंट्स देख सकते हैं।
लीडरबोर्ड के जरिए नागरिक प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रगति देख सकते हैं। वहीं, ऐप में मौजूद एआई असिस्टेंट पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों और ऐप की सेवाओं के बारे में मार्गदर्शन देता है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पी भारती ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण से जुड़ी गतिविधियों में लोगों की भागीदारी को आसानी से मापने और ट्रैक करने योग्य बनाना है।
भारती ने कहा, इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के लिए लोगों की भागीदारी को आसान, मापने योग्य और रोचक बनाना है। साथ ही नागरिकों और समुदायों को अपने रोजमर्रा के जीवन में पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ तरीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
सरकार के मुताबिक, यह प्लेटफॉर्म प्रत्येक व्यक्ति के पर्यावरण योगदान का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करता है। इसमें किसी गतिविधि को करने और उसे ऐप पर जमा करने से लेकर उसके सत्यापन, ग्रीन पॉइंट्स दिए जाने और नागरिक के ग्रीन स्कोर को अपडेट करने तक की पूरी प्रक्रिया शामिल है।
एक अधिकारी ने इस ऐप को डिजिटल ग्रीन डायरी और पॉइंट्स सिस्टम के रूप में बताया। यह पर्यावरण से जुड़ी सत्यापित गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है और नागरिकों को स्वच्छ तथा अधिक टिकाऊ गुजरात बनाने के प्रयासों में अपनी भागीदारी पर नजर रखने की सुविधा देता है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation







