मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं एवं निर्माण कार्यों के लिए 39.87 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वार्ड नं0 60 के मधुवन एन्क्लेव में एक नलकूप एवं उर्ध्व जलाशय के निर्माण हेतु ₹ 4.98 करोड़, जनपद नैनीताल की हल्द्वानी शाखा के अन्तर्गत हल्द्वानी में कुमायूं परिक्षेत्र के लिए राज्य स्तरीय जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला के निर्माण हेतु ₹ 2.21 करोड़, जनपद देहरादून में 26 एमएलडी एसटीपी लक्कडघाट ऋषिकेश जगजीतपुर एवं 0.0500 एमएलडी को-ट्रीटमेंट लक्कडघाट ऋषिकेश पर ग्रिड सोलर अधिष्ठापन का प्राक्कलन हेतु ₹ 4.30 करोड तथा जनपद टिहरी में 5.00 एमएलडी एसटीपी चोरपानी ऋषिकेश पर ग्रिड सोलर का अधिष्ठापन हेतु ₹ 2.15 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
पौडी के तहत निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली के विकासखण्ड देवाल के वाण में हैलीपैड निर्माण हेतु अवशेष धनराशि ₹ 1.88 करोड तथा जनपद पौडी में विधानसभा क्षेत्र पौडी के अन्तर्गत निर्माण कार्यों (निसनी लिंक मोटर रोड के सुधार कार्य) हेतु ₹ 3.17 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चम्पावत में विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बूढ़ाखेत-अमकडिया मोटर मार्ग का सुधारीकरण किये जाने हेतु ₹ 1.67 करोड़ तथा जनपद टिहरी गढ़वाल के विकासखण्ड थौलधार के अन्तर्गत उप्पू से औलणी मोटर मार्ग के पुनः निर्माण एवं सुदृढीकरण किये जाने हेतु ₹ 3.25 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद चमोली में नन्दा राजजात के अन्तर्गत विकासखण्ड देवाल के वाण पडाव हैलीपैड के समीप सरफेस पार्किंग एवं शौचालय के निर्माण हेतु ₹ 1.36 करोड, मुन्दोली के डनाला तोक में अस्थाई पार्किंग के निर्माण हेतु ₹ 40.22 लाख तथा मुन्दोली के सुराई तोक में अस्थाई पार्किंग के निर्माण हेतु ₹ 30.00 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
मानसून अवधि में सडकों का निर्माण
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद अल्मोडा के विधानसभा क्षेत्र जागेश्वर में दन्या के पास सिद्धेश्वर मंदिर का सौन्दर्यीकरण किये जाने हेतु ₹ 97.08 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही मानसून अवधि में सडकों के निर्माण हेतु राज्य आपदा मोचन निधि मद के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग को ₹ 1.00 करोड, ग्राम्य विकास विभाग को ₹ 50.00 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट में किरौली स्कूल से जैतबुगा तक सी०सी० मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु ₹ 74.44 लाख, जनपद हरिद्वार के विधानसभा क्षेत्र बी०एच०ई०एल० रानीपुर में सडकों के डामरीकरण एवं चौडीकरण के 04 निर्माण कार्यों हेतु ₹ 3.41 करोड की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
पर्यटन विभाग के अन्तर्गत विभागीय परियोजना
मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट के अन्तर्गत वि०ख० कनालीछीना के ग्राम पंचायत भौतली में आंतरिक सीसी मार्ग का निर्माण किये जाने 80.00 लाख रुपये, पर्यटन विभाग के अन्तर्गत विभागीय परियोजना खण्ड सिंचाई विभाग, द्वारा धारचूला, पिथौरागढ़ में काली नदी के किनारे पैदल चलने वालों के लिए रिवरफ्रंट डेवलेप किये जाने 6.00 करोड रुपये की धनराशि स्वीकृत किये जाने के साथ ही मा० उच्च न्यायालय नैनीताल, में सीसीटीवी कैमरे स्थापित किये जाने 77.29 लाख रुपये स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है.
'विकसित भारत 2047' के लिए विनिर्माण, निवेश और एआई कौशल पर फोकस जरूरी: मुख्य आर्थिक सलाहकार
मुंबई, 24 सितंबर (आईएएनएस)। मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को कहा कि यदि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करना है, तो उसे अपने विनिर्माण आधार को मजबूत करना होगा, अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करना होगा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)-आधारित भविष्य के लिए कार्यबल को तैयार करना होगा।
मुंबई में आयोजित 13वें एसबीआई बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव 2026 को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि भारत की विकास यात्रा ऐसे समय आगे बढ़ रही है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनावों, सप्लाई चेन के बढ़ते रणनीतिक उपयोग, जलवायु संबंधी अनिश्चितताओं और चीन के विनिर्माण क्षेत्र से कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों को अपनी पारंपरिक सोच और कार्यप्रणालियों में बदलाव लाना होगा। भारत के लिए दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को हासिल करने के साथ-साथ आर्थिक मजबूती और लचीलेपन का निर्माण भी उतना ही जरूरी होगा।
नागेश्वरन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को अधिक संतुलित और सुरक्षित बनाने में विनिर्माण क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि देश के सामने विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में से किसी एक को चुनने का सवाल नहीं है, बल्कि दोनों क्षेत्रों का समानांतर विस्तार जरूरी है। उन्होंने कहा कि टिकाऊ और व्यापक आर्थिक विकास के लिए सेवाओं और मैन्युफैक्चरिंग दोनों को मजबूत करना होगा।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आगे बताया कि तेल और सोने को छोड़कर भारत का माल व्यापार घाटा (गुड्स ट्रेड डेफिसिट) अभी भी जीडीपी के लगभग 3.5 से 4 प्रतिशत के बीच बना हुआ है। यह दर्शाता है कि देश को अपनी घरेलू विनिर्माण क्षमताओं को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल आयात प्रतिस्थापन नहीं होना चाहिए। भारत को घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धी निर्यात क्षमता विकसित करने पर भी उतना ही ध्यान देना होगा।
नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक निवेश आकर्षित करने के मामले में भारत को विकसित अर्थव्यवस्थाओं से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए केंद्र और राज्यों दोनों स्तरों पर नीतिगत ढांचे को और मजबूत बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था में निश्चितता, सरल नियामकीय वातावरण, निवेशकों की बेहतर सुरक्षा और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता जैसे कारक विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
मुख्य आर्थिक सलाहकार ने आवश्यक वस्तुओं के लिए रणनीतिक भंडार विकसित करने और उन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पुर्जों एवं घटकों के घरेलू उत्पादन पर भी जोर दिया, जो वैश्विक सप्लाई चेन में बाधा आने की स्थिति में बड़ी समस्या बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल बड़े औद्योगिक संयंत्र स्थापित करने से आर्थिक मजबूती नहीं आती, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत को सप्लाई चेन की कमजोर कड़ियों की पहचान करनी होगी और संभावित झटकों से निपटने की तैयारी पहले से करनी होगी, ताकि उत्पादन और आर्थिक गतिविधियां बाधित न हों।
--आईएएनएस
डीबीपी
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