ED की कार्रवाई के खिलाफ AAP का प्रदर्शन, GMADA दफ्तर के बाहर कार्यकर्ताओं ने किया घेराव
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है. मोहाली स्थित ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के दफ्तर में चल रही ED की तलाशी के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता GMADA कार्यालय के बाहर पहुंचे और जांच एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शन का नेतृत्व AAP के पंजाब कार्यकारी अध्यक्ष और विधायक अमनशेर सिंह शेरी कलसी ने किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आने के साथ केंद्रीय जांच एजेंसी की सक्रियता बढ़ गई है और इसका इस्तेमाल राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है.
'चुनाव के साथ बढ़ गया ED का दौर'
शेरी कलसी ने आरोप लगाया कि पंजाब में चुनावी गतिविधियां बढ़ने के साथ ED की कार्रवाई भी तेज हो गई है. उन्होंने कहा कि लंबी तलाशी और जांच के जरिए सरकार और पार्टी के नेताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.
उन्होंने दावा किया कि ऐसी कार्रवाई का मकसद राजनीतिक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों से ध्यान हटाना है. कलसी ने दिल्ली के चुनावों का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा गया था और अब पंजाब में भी इसी तरह का पैटर्न दिखाई दे रहा है.
उन्होंने कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है.
GMADA दफ्तर के बाहर जुटे कार्यकर्ता
ED की कार्रवाई के विरोध में AAP कार्यकर्ता GMADA मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी. रिपोर्टों के मुताबिक कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर परिसर की ओर बढ़े और बाद में पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
कुछ मीडिया रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान ED के वाहनों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी दी गई है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई.
प्रदर्शनकारियों ने जांच एजेंसी की कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए और इसे राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए.
शेरी कलसी ने लगाए राजनीतिक दबाव के आरोप
AAP नेता ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को केवल जांच तक सीमित नहीं देखा जा सकता, क्योंकि इसका समय चुनावों के करीब है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मौजूदा सरकार को कमजोर करने और पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है.
कलसी ने दावा किया कि पहले भी AAP नेताओं के खिलाफ लंबी जांच और तलाशी हुई, लेकिन पार्टी के नेताओं को लेकर जांच से कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग इस तरह के दबाव से प्रभावित नहीं होंगे.
हालांकि, ED की मौजूदा जांच अभी पूरी नहीं हुई है. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार GMADA में कार्रवाई जमीन अधिग्रहण, भूमि उपयोग में बदलाव, कुछ वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है. इसलिए तलाशी के अंतिम नतीजे जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे.
'कार्यकर्ता दबाव बर्दाश्त नहीं करेंगे'
प्रदर्शन के दौरान शेरी कलसी ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर पंजाब सरकार और उसके अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि अगर जांच एजेंसियां अपनी कार्रवाई करती हैं तो उसे कानून के दायरे में होना चाहिए. उनके मुताबिक चुनाव के समय इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने की आशंका पैदा करती है.
GMADA जांच से बढ़ा विवाद
GMADA में ED की कार्रवाई मंगलवार से शुरू हुई थी और कई घंटों तक जारी रही. रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी ने कार्यालय के विभिन्न हिस्सों में दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की. कार्रवाई का संबंध कुछ निजी कंपनियों और GMADA से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन से बताया जा रहा है.
इस मामले में पंजाब सरकार ने भी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है. अदालत ने कार्रवाई की निगरानी के लिए वारंट अधिकारी नियुक्त किया और स्थिति पर रिपोर्ट मांगी. इससे जांच को लेकर राज्य सरकार और केंद्रीय एजेंसी के बीच कानूनी विवाद भी सामने आया है.
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ED की कार्रवाई अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गई है. AAP इसे राजनीतिक दबाव बता रही है, जबकि जांच एजेंसी जमीन और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच कर रही है.
फिलहाल जांच और उसके राजनीतिक असर को लेकर दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे हैं. ED की जांच से सामने आने वाली सामग्री और अदालत में होने वाली आगे की कार्यवाही से ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में आरोपों का कानूनी आधार क्या है. वहीं AAP ने साफ किया है कि वह इस कार्रवाई के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर अपना विरोध जारी रखेगी.
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