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Cardboard Box Hacks: डिलीवरी के खाली डिब्बों से बनाएं काम की चीज़ें, जानें 3 शानदार तरीके

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'हनुमान अंश' की वजह टेंशन में आईं अनुप्रिया नागर, इंडस्ट्री छोड़ने का बना लिया था मन, फिर बाबा बागेश्वर ने किया चमत्कार

Anupriya Nagar Hanuman Ansh: बाबा नीम करोली पर बनी फिल्म हनुमान अंश (Hanuman Ansh) बॉक्स ऑफिस पर रोज नए-नए रिकॉर्ड बना रही है. सिर्फ 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने इंडिया में अब तक 285 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है. लेकिन जब ये फिल्म रिलीज हुई थी, तब इसे थिएटर में देखने के लिए बहुत ही कम लोग जा रहे थे और इसका शुरुआती दो हफ्तों में 2 करोड़ रुपये का भी बिजनेस नहीं हुआ था. लेकिन बाद में इस पर बाबा नीम करोली बाबा की ऐसी कृपा बरसी की, इस फिल्म ने कई बॉलीवुड की बड़ी फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. हालांकि, जब फिल्म अच्छी कमाई नहीं कर रही थी. उससे फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बहुत परेशान हो गई थीं और उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था. आइए इस बारे में जानते हैं.   

बाबा बागेश्वर धाम ने दिया आशीर्वाद

हनुमान अंश जब रिलीज हुई थी. उस समय इसे ना के बराबर शोज मिले थे. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म को फ्लॉप कहा जाने लगा. जिससे प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर बहुत दुखी हो गई थी. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और शहर-शहर जाकर थिएटर मालिकों मिलीं और फिल्म का प्रचार किया. वो कई धर्म गुरुओं से भी मिलीं और अपनी फिल्म के बारे में बताया. जिससे लोग उनकी फिल्म को देखने के लिए थिएटर में जाएं. वह सबसे पहले बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री से मिली. उनके मुताबिक, जब उनकी फिल्म  थिएटर से हटने की कगार पर पहुंच गई थी. उस समय बाबा बागेश्वर धाम से उन्हें आशीर्वाद मिला. उनके आशीर्वाद के दो दिन बाद उनकी फिल्म थिएटर में चलने शुरू हो गई. 

थियेटर से हटने वाली थी हनुमान अंश

अनुप्रिया नागर ने सिद्धार्थ कनन संग इंटरव्यू में बताया कि जब उनकी फिल्म नहीं चल रही थी उनका दिल टूट गया था. उन्हें सबसे ज्यादा दुख इस बात का था कि लोग उनकी फिल्म को देख नहीं रहे. उन्होंने कहा, 'जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल रही थी, मेरा दिल टूट गया था. बात पैसों या बिजनेस की नहीं थी. ये देखकर दुख हो रहा था कि लोग फिल्म नहीं देख रहे हैं. मैं सोच रही थी क्यों महाराज जी के भक्त ये फिल्म नहीं देख रहे. वो वक्त मुश्किल था. लेकिन मैं घर बैठकर बॉक्स ऑफिस के हालात बद्दतर होते हुए नहीं देख सकती थी. मैंने इसमें अपनी मेहनत की कमाई लगाई थी.'

इंडस्ट्री छोड़ने का बना लिया था मन

उन्होंने आगे बताया कि फिल्म का प्रमोशन करने के लिए वह दिल्ली गईं. वहां पर नेता और महाराज जी और उनके भक्तों से मिलीं. उन्होंने कहा, 'मैंने फिल्म का प्रमोशन अपने हाथ में लेने का फैसला किया. मैं दिल्ली गई. वहां बड़े नेताओं और महाराज जी के भक्तों से मिली. मैंने कुछ पॉडकास्ट भी किए.'  उन्होंने बताया, 'फिल्म रिलीज होने के 8वें दिन उनकी टीम ने बताया कि फिल्म के शो 300 से घटकर बस 30 हो गए हैं. क्योंकि 2 और फिल्में आ रही हैं. हमें ये भी बता दिया था कि मूवी कल को थियेटर से बाहर भी हो सकती है. टीम के लोगों को लगा कि अब सब खत्म हो गया है. मैंने Zurich वापस जाने की प्लानिंग कर ली थी. मुझे लगा अपने बैग पैक करूं और वापस लौट जाऊं. मुझे लगा ये इंडस्ट्री मेरे लिए नहीं है. मैं ऐसे स्टेज पर पहुंच गई थी जहां मैं इंडस्ट्री को छोड़ने का विचार कर रही थी.'

बाबा बागेश्वर के आशीर्वाद से चली फिल्म

अनुप्रिया के मुताबिक, उन्हें बताया गया था कि अब उनकी फिल्म को कोई चमत्कार ही बचा सकता है. जिसके बाद वो उस चमत्कार को ढूंढ़ने निकल गईं. उन्हें फिल्म के हटने की वजह से वजह से घबराहट हो रही थी. इसलिए अनुप्रिया बाबा बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद लेने के लिए उनके पास पहुंचीं. धीरेंद्र शास्त्री से मिलीं. अनुप्रिया के मुताबिक, बाबा ने उनसे पूछा, 'बहन कितने स्क्रीन्स पर तुम्हारी फिल्म चल रही है. जबकि अनुप्रिया ने उन्हें कुछ बताया तक नहीं था. बाबा ने कहा, 'तुमने अच्छा काम किया है.. तुम्हारे साथ भी सब अच्छा होगा. चिंता करने की जरूरत नहीं है.'  फिर इसके अलगे दो दिन बाद बाबा के आशीर्वाद का चत्मकार दिखा. फिल्म सिनेमाघरों में चलने लगी. बता दें कि इसे अनुप्रिया नीम करोली बाबा का चमत्कार मानती हैं. हालांकि, उन्होंने फिल्म की सक्सेस के लिए बाबा बागेश्वर का भी शुक्रिया किया.  

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