GMR Hospitality को मिला Delhi Airport के Terminal-3 पर खानपान केंद्र चलाने का ठेका
जीएमआर हॉस्पिटैलिटी लि. को दिल्ली हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर खाने-पीने के केंद्र स्थापित करने, संचालित करने और रखरखाव का ठेका मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यह ठेका शुरुआती तौर पर मई 2036 तक के लिए मिला है। इसे आगे 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
कंपनी ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (डायल) के साथ इसके लिए लाइसेंस समझौता किया है। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी और राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन करने वाली डायल, दोनों जीएमआर समूह की इकाई हैं। जीएमआर एयरपोर्ट्स लि. (जीएएल) ने बुधवार देर शाम शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘लाइसेंस शुल्क डायल को राजस्व में हिस्सेदारी के आधार पर दिया जाएगा।
यह शुल्क हर साल खानपान केंद्रों से होने वाले राजस्व के आधार पर तय होगा। इसके अलावा, जीएमआर हॉस्पिटैलिटी को डायल को न्यूनतम मासिक गारंटी और विज्ञापन शुल्क भी देना होगा।’’ कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए अनुमानित कुल लाइसेंस शुल्क क्रमशः करीब 49 करोड़ रुपये और 109 करोड़ रुपये होगा। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी टर्मिनल-3 पर खाने-पीने के केंद्रों की डिजाइन, वित्तपोषण, विकास, स्थापना, संचालन, प्रबंधन और रखरखाव के लिए चयनित बोलीदाता बनी है।
सूचना के अनुसार, यह संबंधित पक्षों के बीच बाजार दरों पर किया गया सौदा है और इसके लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सूचीबद्धता नियमों तथा कंपनी कानून, 2013 के तहत जरूरी मंजूरियां प्राप्त कर ली गई हैं। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी, जीएमआर एयरपोर्ट्स और ट्रैवल फूड सर्विसेज का संयुक्त उद्यम है। यह गोवा और हैदराबाद हवाईअड्डों पर खाने-पीने के केंद्रों का संचालन करती है।
जीएमआर एयरपोर्ट्स दिल्ली, हैदराबाद, गोवा, नागपुर और बीदर के अलावा इंडोनेशिया के मेदान स्थित कुआलानामू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का भी संचालन करती है। कंपनी हवाईअड्डा संचालन के साथ यात्रियों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबार के अवसरों का भी लाभ उठा रही है।
IGL ने वित्त वर्ष 2025-26 में जोड़े 3.7 लाख PNG कनेक्शन, 1364 करोड़ का शुद्ध लाभ
देश की प्रमुख शहरी गैस वितरण कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड गैस बिक्री दर्ज करते हुए 3.7 लाख से अधिक पीएनजी (पाइप के जरिये आपूर्ति की जाने वाली रसोई गैस) कनेक्शन दिए और 70 कंप्रेस्ड नैचुरल गैस (सीएनजी) स्टेशन जोड़े। आईजीएल के चेयरमैन शुभंकर सेन ने बृहस्पतिवार को कंपनी की 27वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को बताया कि कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान प्रतिदिन 93.9 लाख मानक घन मीटर (एमएमएससीएम) की रिकॉर्ड बिक्री हासिल की। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में आईजीएल का सकल कारोबार 17,785 करोड़ रुपये रहा, जबकि कर पश्चात लाभ (पीएटी) 1,364 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कंपनी की कुल संपत्ति 31 मार्च, 2026 तक 9,987 करोड़ रुपये थी। सहायक कंपनियों सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड (सीयूजीएल) और महाराष्ट्र प्राकृतिक गैस लिमिटेड (एमएनजीएल) के योगदान को शामिल करने पर कंपनी का कर पश्चात एकीकृत लाभ 1,543 करोड़ रुपये रहा। सेन ने कहा कि कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान 70 सीएनजी स्टेशन जोड़े, जिससे उसके कुल सीएनजी स्टेशन की संख्या बढ़कर 1,024 हो गई।
इसके साथ ही आईजीएल ने वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों का आधार भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कंपनी पारंपरिक ग्रिड बिजली के स्थान पर नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाश रही है। आईजीएल ने राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरवीयूएनएल) के साथ मिलकर 500 मेगावाट क्षमता का हरित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए संयुक्त उद्यम समझौता किया है।
इसके अलावा राजस्थान में 200 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए निविदा जारी की गई है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएनजी उपभोक्ताओं के स्थानों और सीएनजी ग्राहकों के लिए सीएनजी स्टेशन पर 575 से अधिक सुरक्षा शिविर आयोजित किए गए। उपभोक्ता सुरक्षा को कंपनी के मूल्यों में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।’’ बैठक में सेन के साथ प्रबंध निदेशक कुमार शंकर और वाणिज्य निदेशक मोहित भाटिया ने शेयरधारकों के सवालों के जवाब दिए।
आईजीएल के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 75 प्रतिशत यानी 1.50 रुपये प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। इसके अलावा कंपनी पहले ही 162.5 प्रतिशत यानी 3.25 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश दे चुकी है। आईजीएल दिल्ली और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित अन्य क्षेत्रों में शहरी गैस वितरण नेटवर्क संचालित करती है।
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