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UPI पर MDR शुल्क का केवल 10% मूल्य ही उपभोक्ताओं पर पड़ने का जोखिम: NPCI

यूपीआई लेनदेन के कुल मूल्य में से केवल करीब 10 प्रतिशत हिस्से पर ही प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क का बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ने की आशंका है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दिलीप असबे ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। असबे ने ‘13वें एसबीआई बैंकिंग एवं अर्थशास्त्र सम्मेलन 2026 में कहा कि एमडीआर से मिलने वाली राशि का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा सालाना 1,000 करोड़ रुपये से अधिक कारोबार करने वाले बड़े कारोबारियों से आएगा, जो पहले से ही क्रेडिट कार्ड स्वीकार करते हैं और काफी अधिक शुल्क का भुगतान करते हैं।

यूपीआई प्रणाली का संचालन करने वाली एनपीसीआई के प्रमुख ने एमडीआर के संभावित असर पर कहा, ‘‘उपभोक्ताओं से शुल्क लिए जाने का वास्तविक जोखिम कुल मूल्य का करीब 10 प्रतिशत है।’’ उन्होंने कहा कि यूपीआई लेनदेन की संख्या का करीब 96 प्रतिशत और कुल मूल्य का 75 प्रतिशत फिलहाल शुल्क के दायरे में आने की संभावना नहीं है। सरकार ने पिछले सप्ताह 2,000 रुपये से अधिक राशि के यूपीआई भुगतान पर कारोबारियों से 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लेने की घोषणा की थी। यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक होगा और 15 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा।

असबे ने कहा कि यूपीआई पारिस्थितिकी में करीब छह करोड़ सक्रिय व्यापारी हैं और इनमें करीब 75 प्रतिशत क्यूआर-कोड व्यापारियों को अबतक 2,000 रुपये से अधिक का एक भी लेनदेन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे कारोबारियों पर एमडीआर व्यवस्था का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये या उससे अधिक सालाना कारोबार वाले कारोबारियों से लिए जाने वाले एमडीआर का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा उपभोक्ताओं पर डाला जा सकता है।

हालांकि, ऐसे कारोबारी पहले से ही क्रेडिट कार्ड शुल्क को अपने मूल्य निर्धारण में शामिल करते हैं और आम तौर पर यूपीआई भुगतान पर छूट नहीं देते हैं। ऐसे में उनसे यह शुल्क उपभोक्ताओं पर डालने की उम्मीद कम है। असबे ने कहा कि बाकी हिस्से में उपभोक्ताओं पर शुल्क डाले जाने की संभावना है और बैंकों, एनपीसीआई तथा भुगतान सेवा प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए काम करना होगा कि शुल्क का बोझ उपभोक्ताओं पर न पड़े।

उन्होंने बताया कि एमडीआर से मिलने वाली राशि का पांच प्रतिशत युवा उद्यमियों और मदद की जरूरत वाले क्षेत्रों के लिए बनाए जाने वाले कोष में डालने का प्रस्ताव है। एनपीसीआई इस कोष को तैयार करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और अन्य संबंधित पक्षों के साथ काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोष तीन साल में करीब 3,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

इसका इस्तेमाल छोटे कारोबारियों के बीच यूपीआई स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। इसके तहत ‘साउंडबॉक्स’ और अन्य भुगतान बुनियादी ढांचे की अधिक तैनाती को बढ़ावा दिया जाएगा।

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GMR Hospitality को मिला Delhi Airport के Terminal-3 पर खानपान केंद्र चलाने का ठेका

जीएमआर हॉस्पिटैलिटी लि. को दिल्ली हवाईअड्डे के टर्मिनल-3 पर खाने-पीने के केंद्र स्थापित करने, संचालित करने और रखरखाव का ठेका मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि यह ठेका शुरुआती तौर पर मई 2036 तक के लिए मिला है। इसे आगे 10 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

कंपनी ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लि. (डायल) के साथ इसके लिए लाइसेंस समझौता किया है। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी और राष्ट्रीय राजधानी में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का संचालन करने वाली डायल, दोनों जीएमआर समूह की इकाई हैं। जीएमआर एयरपोर्ट्स लि. (जीएएल) ने बुधवार देर शाम शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, ‘‘लाइसेंस शुल्क डायल को राजस्व में हिस्सेदारी के आधार पर दिया जाएगा।

यह शुल्क हर साल खानपान केंद्रों से होने वाले राजस्व के आधार पर तय होगा। इसके अलावा, जीएमआर हॉस्पिटैलिटी को डायल को न्यूनतम मासिक गारंटी और विज्ञापन शुल्क भी देना होगा।’’ कंपनी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 के लिए अनुमानित कुल लाइसेंस शुल्क क्रमशः करीब 49 करोड़ रुपये और 109 करोड़ रुपये होगा। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी टर्मिनल-3 पर खाने-पीने के केंद्रों की डिजाइन, वित्तपोषण, विकास, स्थापना, संचालन, प्रबंधन और रखरखाव के लिए चयनित बोलीदाता बनी है।

सूचना के अनुसार, यह संबंधित पक्षों के बीच बाजार दरों पर किया गया सौदा है और इसके लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के सूचीबद्धता नियमों तथा कंपनी कानून, 2013 के तहत जरूरी मंजूरियां प्राप्त कर ली गई हैं। जीएमआर हॉस्पिटैलिटी, जीएमआर एयरपोर्ट्स और ट्रैवल फूड सर्विसेज का संयुक्त उद्यम है। यह गोवा और हैदराबाद हवाईअड्डों पर खाने-पीने के केंद्रों का संचालन करती है।

जीएमआर एयरपोर्ट्स दिल्ली, हैदराबाद, गोवा, नागपुर और बीदर के अलावा इंडोनेशिया के मेदान स्थित कुआलानामू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का भी संचालन करती है। कंपनी हवाईअड्डा संचालन के साथ यात्रियों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबार के अवसरों का भी लाभ उठा रही है।

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  Sports

Asian Games में Seema Kumari ने जीता Bronze Medal, 10000m रेस में लहराया तिरंगा

एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर स्पर्धा में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। वहीं, महिलाओं की ट्रिपल जंप स्पर्धा में उनकी साथी खिलाड़ी आशा इलांगो बहुत कम अंतर से पोडियम पर जगह बनाने से चूक गईं और चौथे स्थान पर रहीं, जबकि निहारिका वशिष्ठ 10वें स्थान पर रहीं। सीमा आखिर तक मेडल की दौड़ में बनी रहीं, जबकि विनफ्रेड यावी और नोज़ोमी तनाका गोल्ड और सिल्वर मेडल के लिए स्प्रिंट फ़िनिश में मुकाबला कर रही थीं। सीमा ने आखिरी दौर में पीछे चल रहे ग्रुप से आगे निकलकर तीसरा स्थान हासिल किया और भारत के एथलेटिक्स मेडल टैली में एक और मेडल जोड़ा।

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विनफ्रेड यावी ने 32:39.18 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि जापान की नोज़ोमी तनाका 32:41.54 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं और सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत की सीमा कुमारी ने महिलाओं की 10,000 मीटर फ़ाइनल में 32:50.05 का समय लेकर ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस बीच, आशा ने 13.83 मीटर की अपनी सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई, जो चीन की ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली ली यी के स्कोर के बराबर थी। हालांकि, भारतीय एथलीट ब्रॉन्ज़ मेडल से चूक गईं क्योंकि उनका दूसरा सबसे अच्छा प्रयास 13.65 मीटर का था, जो ली यी के 13.79 मीटर के प्रयास से कम था। आशा का छठा और आखिरी प्रयास 13.59 मीटर का रहा, जिससे शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह मेडल की दौड़ से बाहर रह गईं।

ली यी ने अपने छह प्रयासों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल मिला, जबकि उज़्बेकिस्तान की शरीफ़ा दावरोनोवा ने 14.35 मीटर के अपने अब तक के सबसे अच्छे प्रदर्शन के साथ गोल्ड मेडल जीता। आशा चौथे स्थान पर रहीं और मेडल की दौड़ में बहुत कम अंतर से चूक गईं; दोनों एथलीटों का बेस्ट मार्क 13.83 मीटर रहा, इसलिए अंतिम रैंकिंग का फ़ैसला दूसरे सबसे अच्छे जंप के आधार पर किया गया।

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वहीं, इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत के एथलेटिक्स अभियान के दौरान निहारिका 10वें स्थान पर रहीं। एशियाई खेलों में भारतीय एथलीट अनामिका अनीश और पूजा महिला हेप्टाथलॉन के पहले दिन मेडल की स्थिति से बाहर रहीं। अनामिका अपनी 200 मीटर हीट में चौथे स्थान पर रहीं और अभी कुल मिलाकर सातवें स्थान पर हैं, जबकि पूजा अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहीं और स्टैंडिंग में नौवें स्थान पर हैं।

Thu, 24 Sep 2026 19:03:00 +0530

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