चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली पुलिस में शिकायत:महुआ ने FIR की मांग की; विपक्ष की 6 महीने में दूसरी बार महाभियोग लाने की तैयारी
TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महुआ का आरोप है कि ज्ञानेश ने मतदाता सूची में नियमों के खिलाफ बदलाव किए गए और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए। ममता ने शिकायत की कॉपी X पर शेयर करते हुए लिखा है कि ज्ञानेश चोर कुमार एक मनमाना काम करने वाले अधिकारी हैं, जिन्होंने बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना काम किया। यह शिकायत ऐसे समय दर्ज की गई है जब चुनाव आयोग के भीतर भी ECINET/मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम और Form-6 में बदलाव को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आई है। इधर, कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष 6 महीने में दूसरी बार चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी में है। इससे पहले अप्रैल में महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन लोकसभा में खारिज हो गया था। शिकायत में महुआ के आरोप विपक्ष अगले सत्र में महाभियोग लाने की तैयारी में विपक्ष एक बार फिर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है। इससे पहले अप्रैल में भी विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग नोटिस दिया था लेकिन लोकसभा में वह प्रस्ताव खारिज हो गया था, जबकि राज्यसभा में अभी भी लंबित है।
नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार को मिली जमानत:कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूछा- 19 साल पुराने मामले में कार्रवाई क्यों
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में होने वाले उपचुनाव से पहले नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को जमानत दे दी। गुरुवार को अदालत ने फैसले में कहा कि पुलिस इस मामले में उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती। कोर्ट ने मिलन प्रधान को चुनाव लड़ने की भी इजाजत दे दी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने मिलन को जमानत देते हुए टिप्पणी की- यह आश्चर्यजनक है कि शिकायत 2007 में दर्ज की गई थी और जांच अधिकारी ने 19 साल बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की है। जस्टिस भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि राज्य सरकार की ओर से ऐसा कोई डॉक्यूटमेंट पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो कि कोई प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया था। कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के खेजुरी पुलिस थाने में दर्ज साल 2007 के इस केस के सिलसिले में 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कोई कार्रवाई न करे। इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। अब चुनाव प्रचार भी कर सकेंगे हल्दिया सब-डिविजनल कोर्ट ने उन्हें 19 सितंबर को 4 मामलों में 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। ये मामले 2007 के नंदीग्राम से जुड़े हैं। इसके बाद 21 सितंबर को कांथी कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के करीब दो दशक पुराने मामले में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। दोनों निचली अदालतों के आदेशों से प्रधान के लिए खुद प्रचार करने का मौका लगभग खत्म हो गया था। लेकिन हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वे चुनाव प्रचार भी कर सकेंगे। अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद उपचुनाव नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में जीती थी। उन्होंने कोलकाता की भवानीपुर सीट से भी जीत दर्ज की। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी। चुनाव आयोग ने इसी सीट पर उपचुनाव की घोषणा की। नंदीग्राम का पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास स्थान रहा है। 2007 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले जमीन अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में सुवेंदु अधिकारी ने मदद की थी। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… ममता की नई पार्टी का लोगो 'फुटबॉल खिलाड़ी' लॉन्च: इसी पर उपचुनाव लड़ेगी; इससे पहले 2 पार्टियों को मिल चुका यही सिंबल ममता बनर्जी गुट ने सोमवार को नई पार्टी 'ममता टीएमसी' का अस्थायी नया लोगो 'फुटबॉल खेलता खिलाड़ी' लॉन्च किया। TMC में टूट के बाद 17 सितंबर को चुनाव आयोग ने TMC का ओरिजनल नाम और ‘दो फूल-घास’ सिंबल फ्रीज कर दिया था। इसके बाद ममता और बागी गुट अरूप रॉय को नई पहचान मिली। पढ़ें पूरी खबर…
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