राहुल गांधी के गढ़ से अखिलेश यादव ने फूंका 2027 का चुनावी बिगुल, आखिर रायबरेली को ही क्यों चुना?
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अखिलेश यादव ने रायबरेली से PDA रथ यात्रा शुरू कर दी है। बछरावां में बुलडोजर से फूलों की बारिश कर उनका स्वागत हुआ। यात्रा को लेकर बीजेपी ने भी निशाना साधा और सपा की रणनीति पर सवाल उठाए।
Congress ने तेज की तैयारी, Parliament में CEC Gyanesh Kumar पर आएगा महाभियोग!
विपक्षी पार्टियां संसद के दोनों सदनों में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस लाएंगी। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों से संपर्क किया है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इसे अगले दो हफ्तों के भीतर पेश किया जाएगा। वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने गुरुवार को नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने चुनाव सूची (इलेक्टोरल रोल) के प्रबंधन से जुड़े मामले में उन पर कथित आपराधिक आचरण का आरोप लगाया। मोइत्रा ने कहा कि मैं आज भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन आई हूं, जिन्होंने आपराधिक आचरण किया है।
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मोइत्रा ने आरोप लगाया कि CEC ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची बनाए रखने की स्थापित प्रक्रियाओं को नजरअंदाज किया और चुनाव सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) से जुड़े फैसलों पर सवाल उठाए। उनके ये आरोप चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आए हैं। TMC सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को "चोर" बताते हुए X पर लिखा कि ज्ञानेश 'चोर' कुमार एक मनमाना काम करने वाले अधिकारी हैं, जिन्होंने बाकी दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना काम किया। असली वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करना आधिकारिक कर्तव्यों का हिस्सा नहीं है। उन्हें कोई छूट नहीं मिल सकती। उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। बस इतनी सी बात है।
भारत के चुनाव आयोग के साथ चल रहे विवाद के बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, इस राष्ट्रीय दबाव समूह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मुख्य मांग की। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने चेतावनी दी है कि अगर कुमार 48 घंटे के भीतर इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो ग्रुप विरोध प्रदर्शन करेगा। इसके साथ ही, ग्रुप ने चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को रोकने और आने वाले सभी चुनावों पर रोक लगाने की भी मांग की है।
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अभिजीत दिपके ने कहा कि कल चुनाव आयोग के बारे में आई एक रिपोर्ट से साबित होता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश के सबसे बड़े गद्दार हैं। वह देश के सबसे बड़े राष्ट्र-विरोधी हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए... वह भारत के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं... जब से ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने हैं, सरकार यह तय कर रही है कि कौन वोट देगा और कौन नहीं। क्या यही लोकतंत्र है?... कुल मिलाकर, 13 करोड़ से ज़्यादा वोट हटा दिए गए हैं। यह कोई छोटी संख्या नहीं है। 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष और सत्ताधारी पार्टी (NDA) के बीच का अंतर सिर्फ़ 2% था। 13 करोड़ वोट हटाना, कुल वोटों का लगभग 13% से 14% हिस्सा हटाने के बराबर है। क्या ज्ञानेश कुमार जानबूझकर उस 2% के अंतर को बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहे हैं ताकि वे कभी सत्ता से न हटें? ऐसा क्यों किया जा रहा है? इतने सारे वोट हटाने की क्या ज़रूरत थी?
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