10,000mAh बैटरी वाला Realme P4 Power 5G जल्द आ रहा है भारत! टीज़र लाइव, मिलेगा 144Hz डिस्प्ले
Realme P4 Power 5G को लेकर कंपनी ने आधिकारिक पुष्टि कर दी है. फोन में 10,000mAh बैटरी, 144Hz AMOLED डिस्प्ले और Android 16 आधारित Realme UI 7.0 मिलने की उम्मीद है. जानिए लॉन्च डेट, कीमत और फीचर्स के बारे में..
एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स 2026 में भारत 6वें नंबर पर:चीन नंबर-1 पर कायम, भारत को इंफ्रा और टैक्स में सुधार की जरूरत
एशिया के मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरने की भारत की कोशिशों को थोड़ा धीमा रिस्पॉन्स मिला है। एशिया मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स (AMI) 2026 की रिपोर्ट में भारत 11 प्रमुख एशियाई देशों की लिस्ट में 6वें नंबर पर है। 2024 की रिपोर्ट में भारत 8 देशों में चौथे नंबर पर था, लेकिन पिछले साल से यह छठे पायदान पर स्थिर बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने के लिए अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और टैक्स नियमों में और ज्यादा सुधार करने की जरूरत है। चीन नंबर-1 पर बरकरार, मलेशिया की लंबी छलांग इंडेक्स के मुताबिक, चीन अभी भी एशिया में मैन्युफैक्चरिंग के मामले में दुनिया की पहली पसंद बना हुआ है। वहीं मलेशिया ने इस बार बड़ी कामयाबी हासिल की है। मलेशिया ने वियतनाम को पीछे छोड़कर दूसरा स्थान हासिल किया है। वियतनाम तीसरे, सिंगापुर चौथे और दक्षिण कोरिया 5वें नंबर पर है। भारत इन देशों से पीछे छठे स्थान पर है, जबकि इंडोनेशिया 7वें और थाईलैंड 8वें नंबर पर है। 8 पैमानों पर मापी गई देशों की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता यह रिपोर्ट डिजन शिरा एंड एसोसिएट्स ने जारी की है। इसमें किसी भी देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 8 मुख्य आधारों पर परखा गया है। इनमें इकोनॉमी, पॉलिटिकल रिस्क, बिजनेस एनवायरनमेंट, इंटरनेशनल ट्रेड, टैक्स पॉलिसी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लेबर फोर्स और एनवायरनमेंट-सोशल-गवर्नेंस (ESG) शामिल हैं। भारत कहां मजबूत और कहां सुधार की जरूरत? भ्रष्टाचार और राजनीतिक जोखिम भी बड़ी चिंता रिपोर्ट में बताया गया है कि भ्रष्टाचार के मामले में भारत अपने प्रतिस्पर्धी 6 देशों से पीछे है। सिंगापुर इस मामले में सबसे पारदर्शी और सुरक्षित माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत को 'मेक इन इंडिया' को पूरी तरह सफल बनाना है, तो उसे अपनी रेगुलेटरी प्रोसेस को और आसान बनाना होगा। क्या है भविष्य की राह? भारत का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की मैन्युफैक्चरिंग इकोनॉमी बनने का है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत को केवल लेबर की उपलब्धता पर निर्भर रहने के बजाय स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देना होगा। अगर भारत अपनी लॉजिस्टिक्स लागत को कम कर लेता है, तो वह अगले कुछ वर्षों में वियतनाम और मलेशिया को कड़ी टक्कर दे सकता है। ये खबर भी पढ़ें... IMF ने भारत का जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.3% किया: कहा- भारत की विकास दर उम्मीद से बेहतर, अगले साल भी अर्थव्यवस्था में तेजी रहेगी इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) ने सोमवार को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ के अनुमान को 0.7% बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले अक्टूबर में IMF ने इसके 6.6% रहने का अनुमान जताया था। IMF ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में विकास दर उम्मीद से कहीं बेहतर रही है। खास तौर पर वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी और चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत पकड़ दिखाई है, जिसका असर पूरे साल के आंकड़ों पर दिखेगा। पूरी खबर पढ़ें...
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