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अब भारत के भरोसे ट्रंप, Gulf देशों के सामने ट्रेड रूट को दिया फुल सपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति बहुत साफ शब्दों में कह रहे हैं कि  जिस तरह से हमले हो रहे हैं और ऊर्जा पर संकट खड़ा हो रहा है। ऐसे में वैकल्पिक रास्ते चाहिए। उन्होंने सीधे तौर पर आईएमईसी के अलावा जो है पाइपलाइन और तेल की आवाजाही के दूसरे विकल्प रास्तों का भी समर्थन किया। लेकिन आईएमईसी क्या है जिसका समर्थन अमेरिकी राष्ट्रपति खुले दिल से कर रहे हैं जिसमें मुख्य केंद्र में भारत है। दरअसल भारत खाड़ी देश और यूरोप को जोड़ने वाला ये जो पूरा कॉरिडोर है जिसमें  भारत से इसकी शुरुआत होती है और ये मुंबई जो है यहां से शुरू होती है और ये शिपिंग रूट है। ये जो है ये शिपिंग रूट है। पानी के रास्ते  यहां से पहुंचते हैं जो यूएई पहुंचते हैं। 

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यूएई पहुंचने के बाद क्या होता है? 


आईएमसी कॉरिडोर में  रोड और रेल रूट बनता हुआ यूएई से होता हुआ आगे बढ़ता हैं। सऊदी अरब जाता है।  रियाद पहुंचता है। इसके बाद सऊदी के जरिए ये जो आगे का रास्ता सऊदी के से आगे जब मामला बढ़ता है तो वो इजराइल तक पहुंचता है और फिर इजराइल से यह जो रास्ता है वो फिर जहाज के रास्ते ग्रीस तक पहुंचता है और फिर मामला इटली तक जाता है। तो ये जो आईएमईसी है। होर्मुज  की चुनौती ईरान के कारण जो है ईरान के कारण जो है ईरान के कारण ये जो चुनौती है इसलिए ये अब विकल्प जो है वो बनता हुआ दिखाई दे रहा है। ये विकल्प बनता हुआ दिखाई दे रहा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का। इनका ये जो है ट्रंप जो हैं इनके लिए यह जो विकल्प है हमारा वो बनता हुआ ट्रंप के लिए दिखाई दे रहा है। आईएमईसी का ये जो कॉरिडोर है इसके मायने अगर बताए  तो ये जो कॉरिडोर है ये दो हिस्सों में है। जो पहला हिस्सा है वो भारत की खाड़ी से हमने आपको बताया कि कैसे खाड़ी देशों से जोड़ेगा। फिर ये आगे चलकर कैसे एक दूसरे को कनेक्ट करता है। खाड़ी देशों तक जाता है और इसमें जो सभी लोग शामिल है इसमें अमेरिका शामिल है। इसमें सऊदी अरब शामिल है। संयुक्त अरब अमीरात है, यूरोपीय संघ है, यूरोपीय यूनियन या फ्रांस है, जर्मनी है, इटली है, शामिल है।  
ये जो कॉरिडोर है  खाड़ी देशों को पहले जोड़ेगा जबकि दूसरा खाड़ी क्षेत्र जो है उसको वो यूरोप से जोड़ेगा। इसके तहत समुद्री मार्गों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने और शिप टू रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। ये एक सिर्फ एक व्यापारिक व्यापार का मार्ग नहीं बनना चाहता है। बल्कि भारत से खाड़ी और फिर यूरोप तक सामान की आवाजाही कैसे की जाए? एक ट्राई नेटवर्क एक सेफ नेटवर्क हो जिसमें चीन की बहुत भूमिका नहीं हो वो यह सुनिश्चित करता है रूट रेल के साथ जो है वो बिजली डिजिटल नेटवर्क हाइड्रोजन की भी जो एक परिकल्पना है कि आईएमईसी के केवल जो रेलवे और बंदरगाहों तक सीमित नहीं रखा गया है इसको। इसके अलावा इस परियोजना में बिजली के ट्रांसमिशन और डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए केबल बिछाने की संभावना भी जो है वह शामिल की गई है। इसके अलावा क्लीन हाइड्रोजन के ट्रांसपोर्ट के लिए पाइपलाइन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसका मकसद भारत खाड़ी यूरोप के बीच व्यापार को आसान बनाना है। सप्लाई चेन को मजबूत करना है और नए विकल्प को तैयार करना है।  

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भारत के लिए इससे क्या बदलेगा?


भारत के लिए आईएमईसी का जो महत्व है सिर्फ एक व्यापारिक मार्ग तक सीमित नहीं है। इसके जरिए भारत को खाड़ी और यूरोपीय बाजारों से जोड़ने वाली मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तैयार करने की योजना है। अगर परियोजना के प्रस्तावित हिस्से विकसित होते हैं तो भारत से यूरोप तक सामान पहुंचने के लिए मौजूदा समुद्री मार्गों के अलावा एक और विकल्प तैयार होगा। इससे सप्लाई चेन में विविधता आने और व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होने की संभावना है। लेकिन ट्रंप के समर्थन के बावजूद जो है आईएमईसी को लेकर एक बात साफ है कि अभी तक पूरी तरह से परिवहन कॉरिडोर नहीं है। इसके लिए कई देशों में रेलवे, बंदरगाह, लॉजिस्टिक दूसरे बुनियादी सुविधाओं को आपस में जोड़ना है।

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US Court का बड़ा आदेश: Donald Trump की मीडिया संस्थानों पर White House रोक 14 दिनों के लिए निलंबित

अमेरिका के एक संघीय न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फ़ैसले पर अस्थायी रोक लगा दी, जिसके तहत तीन मीडिया प्रतिष्ठानों-सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको को व्हाइट हाउस परिसर में आने से रोक दिया गया था। न्यायाधीश ने कहा कि संबंधित मीडिया प्रतिष्ठानों को व्हाइट हाउस आने-जाने की अनुमति फिर से मिलनी चाहिए। यह राष्ट्रपति ट्रंप और उन मीडिया संस्थानों के बीच बढ़ते टकराव का ताज़ा घटनाक्रम है, जिनकी कवरेज उन्हें पसंद नहीं है।

ट्रंप ने 18 सितंबर को इन मीडिया प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए आरोप लगाया था कि वे ‘‘फर्जी खबर’’ फैला रहे हैं। ट्रंप द्वारा 2017 में मनोनीत किए गए और 2018 में सीएनएन के एक पत्रकार की पहुंच बहाल करने का आदेश देने वाले अमेरिकी जिला न्यायाधीश टिमोथी केली ने बुधवार को दलीलें सुनीं और बिना किसी फैसले के सुनवाई खत्म कर दी। न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को अस्थायी रोक का आदेश जारी किया, जो 14 दिन तक लागू रहेगा।

ऐसे आदेश आमतौर पर तब तक यथास्थिति बनाए रखने के लिए दिए जाते हैं, जब तक कि अदालत मामले की बारीकी से समीक्षा न कर ले।

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  Sports

17 मेडल... एथलेटिक्स, शूटिंग और वुशू में भारत का धमाल, हॉकी और कबड्डी में भी दबदबा कायम

Asian Games day 6 Roundup: एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने मेडल टैली में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा. एथलेटिक्स में सीमा ने महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर देश का खाता खोला, वहीं मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले टीम ने रजत पदक अपने नाम किया. इसके अलावा भारतीय निशानेबाजों ने मिक्स्ड टीम स्कीट में ऐतिहासिक कांस्य पदक पर निशाना साधा. वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी ने लगातार दूसरा रजत जीतकर इतिहास रचा. Thu, 24 Sep 2026 21:42:47 +0530

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