खबर हटके- पहाड़ों पर दौड़ेंगे घोड़े जैसे रोबोट:बिजनेसमैन को लोन देने वाला करोड़पति भिखारी; उल्टे शरीर 3500 किमी चला शख्स
एक ऐसा रोबोट घोड़ा, जो अब जंगल और पहाड़ के मुश्किल जगहों पर भी आपको बैठाकर सैर कराएगा। वहीं मध्य प्रदेश का एक भिखारी करोड़पति निकला, जो व्यापारियों को पैसे उधार देता है। उधर एक शख्स हाथ के बल पर उल्टे 3500 किमी की नर्मदा परिक्रमा लगा रहा है। तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… ************* रिसर्च सहयोग: अदिति चौधरी आकाश कुमार खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
‘ऑपरेशन त्राशी-I’ में शहीद जवान को दी जाएगी अंतिम विदाई:थोड़ी देर में हेलिकॉप्टर से बागेश्वर पहुंचेगा पार्थिव शरीर, ग्रेनेड हमले में हुए थे घायल
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ में शहीद हुए बागेश्वर के हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया का आज 20 जनवरी को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। हवलदार गजेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर आज हेलिकॉप्टर से बागेश्वर लाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके पैतृक गांव ग्राम पंचायत बिथ्थी (पाण्याती) पहुंचाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों के छिपे होने की आशंका में चल रहे अभियान के दौरान अचानक हुए ग्रेनेड हमले में वे घायल हो गए थे। छर्रे लगने से उन्हें गंभीर चोटें आईं और 18-19 जनवरी की रात को राज्य के एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। व्हाइट नाइट कोर ने दी श्रद्धांजलि, 19 जनवरी को किया ट्वीट व्हाइट नाइट कोर ने 19 जनवरी को एक्स (ट्विटर) पर ट्वीट कर हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। ट्वीट में कहा गया कि जनरल ऑफिसर कमांडिंग, व्हाइट नाइट कोर और सभी रैंकों ने स्पेशल फोर्स के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। कोर ने बताया कि हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18-19 जनवरी की रात को सिंगपोरा इलाके में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान बहादुरी से कार्रवाई करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। पोस्ट में उनके साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करते हुए शोकाकुल परिवार के साथ खड़े रहने की बात कही गई। ग्रेनेड हमले में घायल हुए थे 8 सैनिक सुरक्षा बलों के अधिकारियों के मुताबिक चत्रू क्षेत्र के मंद्रल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में रविवार को आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू हुआ था। इसी दौरान आतंकियों की तरफ से अचानक ग्रेनेड हमला किया गया, जिसकी चपेट में सैनिक आ गए। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में 8 सैनिक घायल हुए थे। हमला होते ही सैनिकों को छर्रे लग गए और कई जवान घायल हो गए। इसी अभियान के दौरान हवलदार गजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सैन्य अस्पताल में ली अंतिम सांस अधिकारियों के मुताबिक घायल जवानों में से एक हवलदार गजेंद्र सिंह ने 18 और 19 जनवरी की रात को राज्य के एक सैन्य अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। इसके बाद उनकी शहादत की खबर जैसे ही उत्तराखंड पहुंची, गांव और परिवार में कोहराम मच गया। अभियान दोबारा शुरू, घने जंगल और खड़ी ढलानों में सर्च ऑपरेशन अधिकारियों के मुताबिक ग्रेनेड धमाके के बाद अभियान को रविवार देर रात रोक दिया गया था। इसके बाद सोमवार सुबह से घने जंगल और खड़ी ढलान वाले चुनौतीपूर्ण इलाके में इसे फिर से शुरू किया गया है। बताया गया कि सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कई टीमें इलाके की तलाशी ले रही हैं। ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इलाके में कड़ी सुरक्षा घेराबंदी की गई है, ताकि आतंकवादी भाग न सकें। इलाके में 2 से 3 आतंकी फंसे होने की आशंका अधिकारियों के मुताबिक इलाके में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 2 से 3 आतंकवादियों का एक समूह फंसा हुआ है। इसी को लेकर ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ नाम से संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यह मुठभेड़ इस साल जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच तीसरी झड़प है। इससे पहले 7 से 13 जनवरी के बीच कठुआ जिले के बिलवार क्षेत्र के कहोग और नजोते जंगलों में मुठभेड़ हुई थी, हालांकि किसी के मारे जाने की खबर नहीं थी। गांव में मातम, हर आंख नम हवलदार गजेंद्र सिंह के शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचे। शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाते हुए लोगों ने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन नजर आया और हर आंख नम थी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, पत्नी-बच्चों की हालत बिगड़ी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया के परिवार में उनके पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंदा गढ़िया, पत्नी लीला गढ़िया और दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र राहुल गढ़िया है, जबकि छोटा पुत्र धीरज गढ़िया कक्षा 4 में पढ़ता है और अपनी मां के साथ देहरादून में रहता है। जवान की पत्नी लीला गढ़िया दोनों पुत्रों के साथ हेलिकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड पहुंचीं। वहां से टैक्सी द्वारा उन्हें कपकोट लाया गया। परिजनों के अनुसार पत्नी बार-बार बेसुध हो रही हैं, जबकि मासूम बच्चे पिता को याद कर उनसे लिपटकर फूट-फूट कर रो रहे हैं। गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। छोटे भाई शिक्षक बोले- देश सेवा ही था लक्ष्य शहीद के छोटे भाई किशन सिंह गढ़िया एंजल एकेडमी स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि गजेंद्र सिंह गढ़िया शुरू से ही देश सेवा के प्रति समर्पित थे और अपने कर्तव्य को सर्वोपरि मानते थे। उन्होंने कहा कि देश के लिए सेवा करना ही उनका लक्ष्य था और वे हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी शहीद की वीरता को नमन किया है। मुख्यमंत्री धामी ने जताया शोक, दी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीर जवान के बलिदान पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति संवेदना जताई और दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहने की बात कही।
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