जमुई के बाद अब बिहार के इस जिले में युवती के साथ हुई छेड़छाड़, VIDEO में बैड टच और गाली-गलौज करते दिखे आरोपी
जमुई में छात्रा के साथ हुए छेड़छाड़ का मामला अभी देश भर में सुर्खियों में बना हुआ है. जमुई कांड अभी शांत नहीं हुआ कि उससे पहले समस्तीपुर से भी ऐसा ही एक मामला सामने आ गया है. बिहार के ही समस्तीपुर में भी एक युवती के साथ सरेराह अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है.
जानकारी के अनुसार, जिले के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध बाईपास रोड पर फोटो लेने रुकी एक युवती को कुछ युवकों ने कथित तौर पर घेर लिया. इस दौरान, युवती के साथ युवकों ने गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया. इस दौरान, किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बुधवार रात से वायरल हो गया. वीडियो सामने आते ही समस्तीपुर पुलिस एक्टिव हो गई है. पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई की और चार युवकों को हिरासत में ले लिया. पुलिस चारों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए छानबीन जारी है.
सड़क किनारे फोटो ले रही थी युवती, तभी पहुंचे युवक
स्थानीय लोगों की मानें तो युवती एक युवक के साथ बांध बाइपास रोड से गुजर रही थी. दोनों सड़क किनारे रुककर दोनों फोटो ले रहे छे. इसी दौरान, तीन लोग वहां पहुंचे और उन्होंने युवती को घेर लिया. इस दौरान, युवकों ने कथित तौर पर युवती के साथ बदसलूकी की. वायरल वीडियो में युवक, युवती से उसके माता-पिता का नाम, एड्रेस आदि पूछते हैं. वे गाली-गलौज करते हैं. वीडियो में युवती के साथ बैडटच करते हैं और उसे सड़क पर खींचते हैं. यह सब करते हुए किसी ने वीडियो बना लिया और उशे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जो देखते-देखते वायरल हो गया.
एक्शन में आई पुलिस
बुधवार देर शाम सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया. इसके बाद, पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो में दिख रहे युवकों की पहचान करना शुरू कर दिया. पुलिस द्वारा चिह्नित किए गए आरोपित युवकों की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव निवासी विकास शर्मा और राहुल कुमार के रूप में हुई है. इनमें से विकास शर्मा पर शराब तस्करी और इससे जुड़े कई मामले दर्ज हैं. पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार, अब तक दो युवकों की पहचान की जा चुकी है.
घटना में अन्य लोगों की भूमिका और उनकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है, तथा बाकी आरोपितों की पहचान भी की जा रही है. मामले की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने वायरल वीडियो की सत्यता की तुरंत जांच करने और घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
बालाघाट पुलिस कस्टडी कांड: गर्भवती महिला से अमानवीय बर्बरता, SIT जांच के बाद 4 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर थाने में एक गर्भवती महिला और उसके पति के साथ अमानवीय व्यवहार, अवैध हिरासत और मारपीट का एक गंभीर मामला सामने आया है. विशेष जांच दल की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए किरनापुर थाने के चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है. यह पूरा विवाद 21 अगस्त को किरनापुर पोस्ट ऑफिस के सामने हुई मामूली नकदी चोरी से जुड़ा हुआ है. इस मामले की जांच के नाम पर २ सितंबर को पुलिस टीम टिमकी टोला निवासी सावित्री और उनके पति कैलाश चौधरी को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी. आरोप है कि थाने के भीतर दोनों के साथ मारपीट की गई और गर्भवती महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. जबरन जुर्म कबूल करवाने के लिए दबाव बनाने के बाद ३ सितंबर को महिला को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश कर दिया गया.
स्थानीय स्तर पर हुए भारी विरोध प्रदर्शन और जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर डीएसपी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया गया था. एसआईटी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह बात साबित हुई है कि महिला को बिना किसी ठोस कानूनी आधार के अवैध रूप से थाने में बैठाकर रखा गया. सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी और न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति की प्रक्रियाओं का खुलेआम उल्लंघन किया गया. बिना पर्याप्त साक्ष्य के सिर्फ दबाव बनाकर और डरा-धमकाकर इकबालिया बयान लेने का प्रयास किया गया.
जांच में धांधली और बर्बरता की पुष्टि होने के बाद पहले से निलंबित चल रहे चार पुलिसकर्मियों पर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इनमें सब-इंस्पेक्टर दामेंद्र तुरकर, प्रधान आरक्षक आशीष बघेल, आरक्षक कपिल राजपूत और महिला आरक्षक मेघा टेकाम शामिल हैं.
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