Explainer: यूपी से राज्यसभा जाने वालों की लिस्ट लगभग तय! स्मृति ईरानी की वापसी? ...तो इस मंत्री की कुर्सी पर लटकी तलवार
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव कार्यक्रम का ऐलान होते ही भाजपा खेमे में संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन तेज हो गया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में इन सीटों पर नाम लगभग तय हो सकते हैं और इसी को लेकर लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है. बताया जा रहा है कि नेता अपने आकाओं के यहां हाजिरी लगा रहे हैं, जिससे उनका उच्च सदर का टिकट पक्का हो सके.
यूपी में आखिर राज्यसभा की यह सीटें खाली क्यों हो रही हैं?
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा भेजे गए मौजूदा 10 सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है. इनमें से आठ सीटें भाजपा के पास हैं जबकि एक-एक सीट समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के खाते में है. बता दें इन सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है जिससे पहले पार्टियों को अपने उम्मीदवार तय करने हैं.
Election Commission announces Biennial Elections in Uttar Pradesh (10 seats) and Uttarakhand (1 seat) and a by-election in West Bengal.
— ANI (@ANI) September 22, 2026
Date of poll: October 16, 2026
Date of counting of votes: October 16, 2026 pic.twitter.com/x4FLUlNPTr
ब्राह्मण चेहरों में किन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा है?
सूत्रों के मुताबिक मौजूदा सांसद सीमा द्विवेदी की सीट भी खाली हो रही है और उनकी जगह किसे मौका मिलेगा इसे लेकर पार्टी के भीतर गहन चर्चा चल रही है. हाल ही में भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए हरीश द्विवेदी को इस रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. इसके अलावा नेता अर्चना मिश्रा की दावेदारी को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन तीनों में से किसी एक या दो ब्राह्मण चेहरों को राज्यसभा भेजा जा सकता है ताकि इस समुदाय को साधा जा सके.
यूपी राज्यसभा चुनावों में केंद्रीय मंत्रियों को लेकर क्या स्थिति है?
मौजूदा राज्यसभा सांसद हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री हैं. सूत्रों का कहना है कि अगर पार्टी इन दोनों को आगे भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में बनाए रखना चाहती है तो इनका राज्यसभा जाना लगभग तय माना जा रहा है क्योंकि मंत्री पद के लिए संसद के किसी न किसी सदन की सदस्यता जरूरी होती है.
क्या स्मृति ईरानी राज्यसभा जा सकती हैं?
राजनीतिक हलकों में सबसे दिलचस्प चर्चा स्मृति ईरानी को लेकर है. सूत्रों के मुताबिक हाल ही में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय पदाधिकारी बनाकर फिर से सक्रिय राजनीति में लाया गया है. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी उन्हें भी राज्यसभा के जरिए संसद में वापस भेज सकती है.
OBC वर्ग से किसका नाम आगे चल रहा है?
पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा को OBC वर्ग से एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक वह पहले भी सांसद रह चुकी हैं और संगठन में उनकी सक्रियता को देखते हुए उनका नाम भी संभावित सूची में ऊपर बताया जा रहा है.
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दलित वर्ग के प्रतिनिधित्व पर क्या स्थिति है?
मौजूदा सांसद ब्रजलाल दलित समुदाय से आते हैं और अभी उनका कार्यकाल पूरा हो रहा है. सूत्रों के मुताबिक अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी उनकी जगह किसी नए दलित चेहरे को मौका देती है या फिर ब्रजलाल को ही दोबारा राज्यसभा भेजा जाता है.
बाकी मौजूदा सांसदों को लेकर क्या तस्वीर है?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक मौजूदा सांसद नीरज शेखर को दोबारा राज्यसभा भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है. वहीं, अरुण सिंह और गीता शाक्य का रिपीट होना अभी पूरी तरह साफ नहीं है. यानी इन दोनों की जगह पार्टी किसी और चेहरे को भी मौका दे सकती है.
▪️निर्वाचन आयोग ने 11 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की दस और उत्तराखंड की एक सीट शामिल है।
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) September 22, 2026
▪️आयोग ने पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की है।
▪️नामांकन प्रक्रिया 29 सितम्बर से शुरू होगी। मतदान 16 अक्टूबर को… pic.twitter.com/t2bxsRekwA
क्या किसी मुस्लिम चेहरे पर भी दांव लगाया जा सकता है?
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व सामाजिक समीकरणों को पूरी तरह साधने की कोशिश में है. ऐसे में किसी मुस्लिम चेहरे को भी राज्यसभा भेजे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि इस पर अभी कोई नाम सामने नहीं आया है.
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आखिर पार्टी इतने सधे हुए तरीके से नाम क्यों तय कर रही है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा हर जाति और समुदाय को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन बनाए रखना चाहती है. यही वजह है कि ब्राह्मण, दलित, OBC के साथ-साथ मुस्लिम चेहरे को भी शामिल करने पर विचार हो रहा है ताकि चुनाव से पहले पार्टी का सामाजिक आधार और मजबूत हो सके.
नामों पर अंतिम मुहर कब तक लगने की उम्मीद है?
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों के लिए नामांकन 6 अक्टूबर तक दाखिल किए जा सकेंगे और 9 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी. ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में भाजपा अपने संभावित उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दे देगी.
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