हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! धर्म नहीं परंपरा तय करेगी आदिवासी पहचान, ST दर्जा होगा खत्म
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ धर्म बदलने से ST दर्जा अपने आप खत्म नहीं होता। लेकिन संबंधित मामले में महिला जमीन खरीदने के समय अपनी जनजातीय पहचान और समुदाय से जुड़ाव साबित नहीं कर सकी, जिसके चलते कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी।
Fitness Tips: ग्लूट्स को मजबूत बनाने के लिए करें ये 7 आसान एक्सरसाइज, बिगिनर्स भी कर सकते हैं ट्राई
Glute Workout for Beginners: ग्लूट्स और हिप्स के आसपास की मांसपेशियां सिर्फ बॉडी शेप के लिए ही जरूरी नहीं होतीं। ये चलने, सीढ़ियां चढ़ने, उठने-बैठने और शरीर का बैलेंस बनाए रखने जैसे रोजमर्रा के कामों में भी भूमिका निभाती हैं।अगर लंबे समय तक बैठने या रोजमर्रा की कम एक्टिविटी के कारण शरीर के निचले हिस्से में कमजोरी महसूस होती है, तो ग्लूट्स की एक्सरसाइज मददगार हो सकती हैं।
अगर आप पहली बार ग्लूट वर्कआउट शुरू कर रहे हैं, तो शुरुआत आसान एक्सरसाइज से करना और सही फॉर्म पर ध्यान देना बेहतर रहता है।
1. ग्लूट ब्रिज
पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर पैर जमीन पर रखें। अब कूल्हों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं, ऊपर पहुंचकर ग्लूट्स को हल्का टाइट करें और फिर कंट्रोल के साथ नीचे आएं। यह बिगिनर्स के लिए आसान एक्सरसाइज मानी जाती है।
2. स्क्वाट
पैरों को कंधों की चौड़ाई के आसपास रखें। अब कुर्सी पर बैठने जैसी पोजिशन में धीरे-धीरे नीचे जाएं और फिर ऊपर आएं। स्क्वाट ग्लूट्स के साथ जांघों और पैरों की मांसपेशियों पर भी काम करता है।
3. लंजेस
एक पैर को आगे रखें और शरीर को धीरे-धीरे नीचे ले जाएं। फिर उसी पैर से पुश लेते हुए वापस शुरुआती स्थिति में आएं और दूसरी तरफ से दोहराएं। लंजेस ग्लूट्स और पैरों की स्ट्रेंथ के साथ बैलेंस पर भी काम करते हैं।
4. डॉन्की किक्स
चारों हाथ-पैरों के बल जमीन पर आएं। एक पैर के घुटने को मोड़े रखते हुए उसे पीछे और ऊपर की ओर उठाएं। फिर धीरे से नीचे लाएं और दूसरी तरफ से दोहराएं। शुरुआत में मूवमेंट को धीमा और कंट्रोल में रखना बेहतर है।
5. हिप थ्रस्ट
पीठ के ऊपरी हिस्से को किसी मजबूत बेंच या सपोर्ट पर रखें और पैरों को जमीन पर टिकाएं। अब कूल्हों को ऊपर उठाएं और ऊपर की स्थिति में ग्लूट्स को हल्का टाइट करें। बिगिनर्स इसे पहले बिना वजन के सीख सकते हैं।
6. स्टेप-अप
एक मजबूत और स्थिर प्लेटफॉर्म पर एक पैर रखें और उसी पैर से शरीर को ऊपर उठाएं। फिर सावधानी से नीचे आएं और पैर बदलकर दोहराएं। यह एक्सरसाइज ग्लूट्स और पैरों के साथ बैलेंस पर भी काम करती है।
7. बल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट
एक पैर को पीछे किसी मजबूत सपोर्ट पर रखें और दूसरे पैर पर वजन रखते हुए धीरे-धीरे नीचे जाएं। फिर शुरुआती पोजिशन में वापस आएं। यह बाकी एक्सरसाइज की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है, इसलिए शुरुआत में इसे अपनी क्षमता के अनुसार ही करें।
वर्कआउट करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- एक्सरसाइज शुरू करने से पहले हल्का वार्मअप करें।
- हर मूवमेंट को जल्दी-जल्दी करने के बजाय कंट्रोल के साथ करें।
- शुरुआत में अपनी क्षमता के हिसाब से कम रेपिटिशन रखें।
- फॉर्म बिगड़ने लगे तो रुकें और आराम करें।
- एक्सरसाइज के दौरान तेज या असामान्य दर्द हो तो उसे नजरअंदाज न करें।
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