Yamuna Expressway Bus Fire | कश्मीरी गेट से महोबा जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, महिला समेत 9 यात्रियों की जलकर मौत
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डे से उत्तर प्रदेश के महोबा के लिए रवाना हुई एक अनियंत्रित स्लीपर बस में बुधवार देर रात यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण आग लग गई। इस खौफनाक और दर्दनाक हादसे में एक महिला समेत नौ लोगों की जिंदा जलकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 26 अन्य यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार देर रात ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ। जब अधिकांश यात्री गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक बस से धुएं का गुबार निकलने लगा और देखते ही देखते पूरी बस आग के विकराल लपटों की चपेट में आ गई।
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अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि बस में करीब 35 यात्री सवार थे। बस कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी तभी ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बस में अचानक आग लग गयी। उन्होंने बताया कि आग लगने के बाद बस में धुआं भर गया और कुछ यात्री बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।
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उन्होंने बताया कि घटना के समय कुछ यात्री सो रहे थे। दमकल, पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। बस के शीशे तोड़ने के साथ गैस कटर की मदद से उसके हिस्से काटकर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकाला गया। कुछ मृतकों की पहचान हो गई है, जबकि अन्य की पहचान की जा रही है। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है और मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना देने का प्रयास किया जा रहा है।
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#WATCH | Greater Noida, UP | A passenger bus caught fire on the Yamuna Expressway. More details awaited. pic.twitter.com/6diWQ3dUcP
— ANI (@ANI) September 23, 2026
UNSC Reforms | जी-4 देशों का संयुक्त बयान जारी: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों में देरी पर जताई गहरी चिंता
जी-4 समूह के सदस्य देशों-ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान-ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपेक्षित सुधारों और अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) प्रक्रिया के दौरान हुई प्रगति में कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, जर्मनी के विदेश मंत्री योहान डेविड वाडेफुल, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु ने बहुपक्षीय व्यवस्था और सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।
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बैठक के बाद जारी यूएनएससी में सुधार पर जी-4 के संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान में कहा गया कि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मूल जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में फिलहाल सक्षम नहीं है। बयान में कहा गया कि यूएनएससी की प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
जी-4 देशों ने कहा कि इसकी एक प्रमुख वजह करीब आठ दशक पुरानी व्यवस्था है, जो आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती और शांति तथा सुरक्षा के मौजूदा एवं भविष्य की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के प्रयासों में बाधा डालती है। जी-4 के मंत्रियों ने कहा कि 18 वर्षों की कोशिशों के बावजूद आईजीएन प्रक्रिया यूएनएससी में वास्तविक सुधार की दिशा में कोई ठोस नतीजा देने में काफी हद तक “अप्रभावी” रही है।
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उन्होंने पिछली आईजीएन बैठक में भी प्रगति नहीं होने पर गहरी चिंता जताई। मंत्रियों ने विशेष रूप से लिखित आधार पर बातचीत शुरू होने से पहले ही तथाकथित ‘समझौता प्रस्ताव’ पेश किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। जी-4 देशों ने अफसोस जताया कि इस प्रस्ताव में सुरक्षा परिषद की सदस्यता की दोनों श्रेणियों स्थायी और अस्थायी में विस्तार के पक्ष में स्पष्ट बहुमत वाले सदस्य देशों के विचारों को ध्यान में नहीं रखा गया है।
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