पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति का किया स्वागत; झूला, पश्मीना शॉल और कश्मीरी केसर दिए गिफ्ट
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उनके परिवार का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने यूएई राष्ट्रपति और उनके परिवार को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़े पारंपरिक उपहार भेंट किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई राष्ट्रपति को गुजरात की पारंपरिक शाही नक्काशीदार लकड़ी की झूला (झूला) भेंट की। यह सुंदर झूला बारीक फूलों और पारंपरिक डिज़ाइनों से हाथ से तराशा गया है और गुजरात के कई परिवारों के घरों का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। गुजराती संस्कृति में झूला आपसी संवाद, पारिवारिक एकता और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव का प्रतीक है। यह उपहार यूएई द्वारा 2026 को ‘ईयर ऑफ फैमिली’ घोषित किए जाने के संदर्भ में भी विशेष महत्व रखता है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने शेख मोहम्मद बिन जायद को कश्मीरी पश्मीना शॉल एक सुसज्जित चांदी के डिब्बे में भेंट की। यह पश्मीना शॉल कश्मीर की बारीक ऊन से हाथ से तैयार की गई है, जो अपनी कोमलता, हल्केपन और गर्माहट के लिए जानी जाती है। शॉल को रखने के लिए उपयोग किया गया सजावटी चांदी का बॉक्स तेलंगाना में निर्मित है। ये दोनों उपहार मिलकर भारत की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा को दर्शाते हैं।
प्रधानमंत्री ने यूएई की प्रतिष्ठित महिला नेता शेखा फातिमा बिंत मुबारक अल केतबी को भी पश्मीना शॉल एक अलंकृत चांदी के डिब्बे में भेंट की। इसके साथ ही उन्हें कश्मीरी केसर भी चांदी के सुसज्जित बॉक्स में भेंट किया गया। कश्मीर घाटी में उगाया जाने वाला यह केसर अपने गहरे लाल रंग और खुशबू के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान का यह कुछ घंटों का भारत दौरा दोनों देशों के व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। एक ओर वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की चीन और रूस के साथ तनातनी है, वहीं ईरान में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इसके अलावा यूएई और सऊदी अरब के बीच तनाव की खबरें भी सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व की यह मुलाकात खास अहमियत रखती है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100.06 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इस उपलब्धि के साथ यूएई, भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में और मजबूती से शामिल हो गया है।
गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों में भारत और यूएई के रिश्ते लगातार और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2019 में यूएई द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया जा चुका है, जो दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है।
--आईएएनएस
डीएससी
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नितिन नबीन निर्विरोध चुने गए बीजेपी के 12वें अध्यक्ष, महज 45 की उम्र में मिली सबसे बड़ी पार्टी की जिम्मेदारी
BJP New President: भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है. वरिष्ठ नेता नितिन नवीन को पार्टी का निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है. रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन के समर्थन में कुल 37 सेट नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे. सभी नामांकन वैध पाए गए, जिसके बाद उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया.
प्रधानमंत्री मोदी समेत कई दिग्गजों ने किया प्रस्ताव
नितिन नवीन के नाम का प्रस्ताव करने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल रहे. इसके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने उनके नाम का समर्थन किया. नामांकन प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी नेतृत्व और संगठन दोनों में उनके नाम पर व्यापक सहमति है.
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— BJP (@BJP4India) January 19, 2026
Under the Bharatiya Janata Party’s Sangathan Parv, the constitutional and transparent process… pic.twitter.com/mmAKGFUcVq
दिसंबर में कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर दिया गया था संकेत
गौरतलब है कि भाजपा ने दिसंबर महीने में नितिन नवीन को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी. उस समय ही माना जाने लगा था कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है. कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठनात्मक फैसलों और चुनावी रणनीतियों में सक्रिय भूमिका निभाई.
युवा मोर्चा से लेकर चुनाव प्रबंधन तक का सफर
नितिन नवीन इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं. इस पद पर रहते हुए उन्होंने संगठन विस्तार, युवाओं को जोड़ने और जमीनी स्तर पर सक्रियता के जरिए अपनी कार्यकुशलता साबित की. इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव का सहप्रभारी बनाया गया.
बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ में प्रचार अभियान की रणनीति, बूथ मैनेजमेंट और चुनावी समन्वय में नितिन नवीन की अहम भूमिका रही. इसी प्रभावी रणनीति के चलते भाजपा वहां कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में सफल रही. पार्टी के भीतर यह माना जाता है कि इसी सफलता का इनाम उन्हें पहले कार्यकारी अध्यक्ष और अब राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर दिया गया.
बिहार और कायस्थ समाज के लिए ऐतिहासिक क्षण
नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना कई मायनों में ऐतिहासिक है. वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने वाले बिहार के पहले नेता हैं. इसके साथ ही वे पार्टी के पहले कायस्थ राष्ट्रीय अध्यक्ष भी होंगे. इससे बिहार और कायस्थ समाज में भाजपा की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है.
संगठन को आगे ले जाने की बड़ी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नितिन नवीन के सामने संगठन को और मजबूत करने, आगामी चुनावों की रणनीति तय करने और केंद्र व राज्यों के बीच समन्वय बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी. पार्टी नेतृत्व को उनसे मजबूत संगठन, अनुशासित कार्यशैली और चुनावी सफलता की उम्मीद है.
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