भारत-यूएस व्यापारिक वार्ता के बीच पीयूष गोयल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और सीनेटर स्टीव डेन्स से मिले
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। भारत-यूएस द्विपक्षीय व्यापारिक वार्ता के बीच सोमवार को केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और सीनेटर स्टीव डेन्स से मुलाकात की।
इस बैठक के बाद गोयल ने कहा कि उनके बीच दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर काफी सार्थक बातचीत हुई है।
इस बैठक की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गोयल ने लिखा, अपने अच्छे दोस्तों, अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्सऔर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से दोबारा मिलकर बहुत खुशी हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ।
इससे पहले गोर ने कहा था कि भारत और अमेरिका ट्रेड बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि ट्रेड भारत-अमेरिका संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।
वहीं, हाल ही में भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का पहला चरण अंतिम रूप लेने के काफी करीब है। हालांकि, इसके लिए कोई भी टाइमलाइन नहीं तय की गई है।
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में भारत के पीयूष गोयल और यूएस के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमिसन ग्रीर के बीच एक वर्चुअल मीटिंग हुई थी और दोनों तरफ की बातचीत करने वाली टीमें सहमति बनाने के लिए लगातार बातचीत कर रही हैं।
भारत, अमेरिका के साथ कई अन्य देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) के लिए बातचीत कर रहा है।
भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच एफटीए इस महीने के आखिर में शीर्ष यूरोपीय नेताओं के दौरे पर हो सकता है, जो कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के प्रमुख अतिथि हैं।
करीब एक हफ्ते पहले वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने पत्रकारों से कहा कि भारत और ईयू एफटीए पर बातचीत के अंतिम चरण में है और गणतंत्र दिवस परेड के एक दिन बाद, 27 जनवरी को होने वाली शीर्ष नेतृत्व की बैठक से पहले शेष मुद्दों को सुलझाने पर विचार कर रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि भारत और ईयू के बीच हुए एफटीए के 24 चैप्टर्स में से 20 पर बातचीत को अंतिम रूप दे दिया गया है और बाकी बचे मुद्दों को वार्ताकारों द्वारा जल्दी ही सुलझा लिया जाएगा।
यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और ईयू की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 25 से 27 जनवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे और 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों नेता अगले दिन भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
--आईएएनएस
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Noida इंजीनियर की मौत मामले में बड़ा एक्शन, अथॉरिटी CEO को हटाया, SIT करेगी जांच
Noida Engineer Death: नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में योगी सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम को पद से हटाकर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया है. इतना ही नहीं इस पूरे केस को लेकर 3 सदस्यीय एसआईटी का भी गठन किया गया है. इससे पहले इस मामले में एक जूनियर इंजीनियर को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि दो बिल्डरों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है.
पोस्टमार्टम में हुए ये खुलासे
दरअसल, युवराज मेहता की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें कई अहम बातें उजागर हुई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, युवराज की मौत दम घुटने और हार्ट फेलियर यानी कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि कार्डियक अरेस्ट ही मौत की मुख्य वजह रहा.
बर्फ से ठंडे पानी ठिठुरता रहा युवराज
यह हादसा शनिवार रात का बताया जा रहा है. उस समय नोएडा में कड़ाके की ठंड पड़ रही थी. जिस बेसमेंट में युवराज की कार गिर गई थी, वहां पानी भरा हुआ था. बताया जा रहा है कि यह पानी बेहद ठंडा था, लगभग बर्फ जैसा. हादसे के बाद युवराज काफी देर तक उसी ठंडे पानी में भीगा रहा.
जानकारी के मुताबिक, युवराज करीब दो घंटे तक अपनी कार पर खड़ा होकर मदद का इंतजार करता रहा. इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई. पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक ठंडे पानी में रहने, तेज ठंड और मानसिक तनाव के कारण उसकी तबीयत पर बुरा असर पड़ा.
आशंका जताई जा रही है कि मदद देर से मिलने के कारण युवराज घबरा गया. इसी घबराहट और तनाव के बीच उसे कार्डियक अरेस्ट आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने और हार्ट फेलियर, दोनों को मौत का कारण बताया गया है.
युवराज मेहता की मौत के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है. रविवार को भी सुबह से शाम तक घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटी रही. स्थानीय लोगों और राहगीरों ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
लोगों का कहना है कि युवराज लंबे समय तक मदद मांगता रहा, लेकिन समय पर कोई ठोस और प्रभावी रेस्क्यू नहीं किया गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर सही समय पर संसाधनों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन होता, तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी.
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