Budget 2026: वित्त मंत्री ही नहीं बल्कि ये प्रधानमंत्री भी पेश कर चुके हैं देश का बजट, जानें किस-किस का नाम है शामिल
Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2026 को बजट पेश करेंगी. वित्त मंत्री के तौर पर उनका ये लगातार 9वां बजट होगा. इसके साथ ही वे मोरारजी देसाई के सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले रिकॉर्ड के भी लगभग पास पहुंच जाएंगी. बता दें कि वैसे तो हर साल बजट सत्र के दौरान हमेशा केंद्रीय वित्त ही देश का बजट पेश करती हैं. लेकिन कई बार ऐसा मौका भी सामने आया है जब देश के प्रधानमंत्री ने बजट पेश किया. इस सूची में पहला नाम भारत में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का है. उसके अलावा देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का नाम भी शामिल हैं. चलिए जानते हैं अब तक किन-किन प्रधानमंत्रियों ने देश का बजट पेश किया है.
वित्त मंत्री की जगह ये प्रधानमंत्री पेश कर चुके हैं देश का बजट
पंडित जवाहरलाल नेहरू
बता दें कि वित्त मंत्री की जगह देश का बजट पेश करने वालों में पहला नाम देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का है. उन्होंने साल 1958 में केंद्रीय बजट पेश किया था. दरअसल, तत्कालीन वित्त मंत्री टीटी कृष्णामाचारी ने बजट से कुछ समय पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. ऐसे में वित्त मंत्री का पद खाली हो गया. जिसके चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बजट पेश किया था. बता दें कि टीटी कृष्णमाचारी का नाम मुंद्रा घोटाले में सामने आया था. उसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और फिर प्रधानमंत्री को केंद्रीय बजट पेश करना पड़ा.
पूर्व पीएम मोरारजी देसाई ने भी पेश किया था आम बजट
जवाहरलाल नेहरू के अलावा मोरारजी देसाई का नाम भी उन प्रधानमंत्रियों की सूची में शामिल है जिन्होंने केंद्रीय बजट पेश किया. मोरारजी देसाई ने साल 1959 से लेकर साल 1963 तक लगातार बजट पेश किया. इसके साथ ही उनके नाम 10 बार केंद्रीय बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है. जिसकी बराबरी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले साल कर लेंगी. मोरारजी देसाई ने आठ बार पूर्ण बजट और दो बार अंतिम बजट पेश किए थे. साल 1977 से 1979 के दौरान वे देश के प्रधानमंत्री थे. जबकि उससे पहले वे देश के वित्त मंत्री रहे.
इंदिरा गांधी ने भी पेश किया था देश का बजट
इसके अलावा देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम भी प्रधानमंत्री रहते बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है. दरअसल, उनके कार्यकाल के दौरान वित्त मंत्री मोरारजी देसाई ने इस्तीफा दे दिया था. जिसके चलते 1970-71 का आम बजट इंदिरा गांधी को पेश करना पड़ा था.
राजीव गांधी ने भी प्रधानमंत्री रहते हुए पेश किया था बजट
इस सूची में गांधी परिवार के एक और सदस्य का नाम शामिल है. दरअसल, गांधी-नेहरू परिवार के अब तक तीन प्रधानमंत्री रह चुके हैं. इस परिवार से राजीव गांधी तीसरे प्रधानमंत्री थे. इसके साथ ही उनके नाम भी प्रधानमंत्री रहते देश का बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज है. दरअसल, तत्कालीन वित्त मंत्री वी पी सिंह को पद से हटाने के बाद राजीव गांधी ने देश का बजट पेश किया था. उन्होंने जनवरी और जुलाई 1987 में वित्त मंत्री का पद संभाला था. इस दौरान उन्होंने वित्त वर्ष 1987-88 का बजट भी पेश किया था.
मनमोहन सिंह भी पेश कर चुके हैं देश का बजट
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी देश का बजट पेश कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने वित्त मंत्री के पद पर रहते हुए बजट पेश किया था. उनके बजट को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बजट माना जाता है. मनमोहन सिंह ने अपने बजट में उदारीकरण, प्राइवेटाइजेशन और ग्लोबलाइजेशन का जिक्र किया था. बता दें कि मनमोहन सिंह 1991 से 1996 तक देश के वित्त मंत्री रहे.
Yogi Government: यूपी में निवेशकों की लगी होड़, यमुना एक्सप्रेस-वे में उद्योग के साथ मेडिकल कॉलेज को मिली जमीन
Yogi Government Yamuna Expressway Region: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा मिल रहा है. इस दिशा में अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र के तहत चार प्रमुख संस्थाओं-इंडिया चिप प्रा.लि., एसेंट सर्किट, अंबर इंटरप्राइजेज और बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को औद्योगिक इकाइयों एवं मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर भूमि का आवंटन पत्र सौंपा. इस मौके पर सीएम ने निवेशकों से संवाद करते हुए प्रदेश की औद्योगिक नीति, सुशासन, सुरक्षा व्यवस्था और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर को यूपी की सबसे बड़ी ताकत बताया.
निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक आधारित बनाया: मुख्यमंत्री
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि बीते साढ़े आठ वर्ष में उत्तर प्रदेश ने नीति स्थिरता, सुशासन और काम को पूरा करने पर काफी जोर दिया है. उन्होंने कहा कि एक समय निवेश के मामले में पिछड़ा माना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज संभावनाओं से आगे बढ़कर ‘परिणामों’ का प्रतीक बना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से तकनीक आधारित बनाया गया है. इससे पारदर्शित में इजाफा होगा. निवेशकों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. निवेशकों की मदद को लेकर 118 ‘उद्यमी मित्र’ लगातार कार्य कर रहे हैं. निवेश प्रस्तावों से लेकर परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक हर स्तर पर मदद प्रदान की जा रही है.
45 लाख करोड़ का निवेश के प्रस्ताव मिले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘उद्योग प्रथम-निवेश प्रथम’ के मंत्र के साथ आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए प्रदेश में करीब ₹45 लाख करोड़ का निवेश के प्रस्ताव मिले हैं. इनमें से ₹15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर पहुंच चुके हैं.
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