आगर-मालवा में किसानों का अनोखा प्रदर्शन, कलेक्टर कार्यालय के सामने दाल-बाटी बनाकर जताया विरोध, जानें क्या है प्रमुख मांगें
आगर-मालवा: मध्यप्रदेश के आगर-मालवा में कलेक्टर कार्यालय के सामने अभी भी किसानों का प्रदर्शन जारी है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में किसान रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। जिसके बाद मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होने के कारण किसान कलेक्टर परिसर में ही धरना देकर बैठ गये। इतना ही नहीं किसानोंं ने एक अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज भी कराया।
दरअसल, भारतीय किसान संघ ने किसानों की किसानों की विभिन्न संस्थाओं को बुधवार को आगर नरवल रोड स्थित नई कृषि उपज मंडी से एक विशाल रैली निकाली। यह रैली छावनी नाका चौराह से होते हुए सारंगपुर मार्ग पर स्थित कलेक्ट्रेट भवन के सामने पहुंची, जहां पर किसानों ने प्रशासिनक अधिकारियों के सामने अपनी मांगे रखीं और वहीं डेरा डालकर बैठ गये। इतना ही नहीं इस रैली में पुरुष वर्ग के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही। इस रैली में किसान विरोधी कलेक्टर वापस जाओ वापस जाओ के नारे भी लगे।
किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने बनाई दाल-बाटी
वहीं, बड़ी संख्या में कलेक्टर परिसर में मौजूद किसानों की मांग जब प्रशासनिक अधिकारियों के कानों तक नहीं पहुंची तब उन्होंने अनोखों तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। कलेक्टर कार्यालय के सामने ही किसानों ने दाल-बाटी बनाना शुरू कर दिया और वहीं भोजन तैयार कर आंदोलन जारी रखा। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
कलेक्टर के रवैये से किसानों में नाराजगी
बता दें कि कुछ दिन पहले ही आगर कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीणा के कथित उपेक्षापूर्ण रवैये को लेकर भारतीय किसान संघ ने निंदा प्रस्ताव पारित किया था। इसके साथ ही 13 सितंबर को आगर जिले के प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर को हटाने की मांग भी की गई थी।
क्या हैं किसानों की प्रमुख मांगें?
जानकारी अनुसार, किसान अपनी 37 सूत्रीय मांगों को लेकर यह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2025-26 में सोयाबीन फसल में हुए नुकसान की फसल बीमा दावा राशि का तत्काल भुगतान कराने की मांग की। साथ ही जिले की चार्ट-फॉल रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा सोयाबीन फसल में पीला मोजेक रोग और फलन की स्थिति का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।
आगर मालवा से गौरव सरवारिया की रिपोर्ट
जामनगर में स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता गतिविधियों से 2,500 से अधिक लोग लाभान्वित
जामनगर, 23 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के जामनगर में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता, स्वास्थ्य देखभाल, अनुसंधान और वैज्ञानिक गतिविधियों की एक महीने की श्रृंखला आयोजित कर रहा है। इन गतिविधियों में आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और वैज्ञानिक अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
ये गतिविधियां आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार प्रतापराव जाधव और आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा के मार्गदर्शन में तथा आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी के प्रयासों से आयोजित की जा रही हैं।
इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में कार्यक्रम, औषधीय पौधों का रोपण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, शोध प्रस्तुतियां और कार्यशालाएं शामिल हैं। ये गतिविधियां स्कूलों, आंगनवाड़ियों, वृद्धाश्रमों, बालिका गृहों, शिक्षण संस्थानों, सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों में आयोजित की गई हैं।
अब तक कम से कम 2,577 लोग इन गतिविधियों में शामिल हुए हैं। 7 से 22 सितंबर तक सेना, वायुसेना, नौसेना और सीआईएसएफ के प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों, महिला संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा 11 सार्वजनिक स्थानों पर आयुर्वेदिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए।
आईटीआरए ने शोध प्रस्तुतियों, प्रयोगशाला गुणवत्ता नियंत्रण प्रशिक्षण, क्यूआक्ससेल कनेक्ट प्रदर्शन और प्रशिक्षण, माइक्रोबायोम कार्यशाला और कायाप्रबोधिनी वेबिनार सहित वैज्ञानिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित की हैं।
युवाओं के लिए एंशिएंट स्टेपल, मॉडर्न प्लेट रील प्रतियोगिता, युवा संसद, स्टूडेंट एंबेसडर कार्यक्रम, राष्ट्रीय निबंध और ई-पोस्टर प्रतियोगिताएं, रन फॉर आयुर्वेद, मास्टर शेफ कुकिंग प्रतियोगिता तथा आयुर्वेद में नए मीडिया और डिजिटल संचार पर संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं।
आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी ने कहा कि आयुर्वेद दिवस अभियान में स्वास्थ्य, पोषण, अनुसंधान, शिक्षा, पर्यावरण और युवाओं की भागीदारी को एक साथ लाया गया है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद को स्वास्थ्य के समग्र और निवारक दृष्टिकोण के रूप में बढ़ावा देना है।
--आईएएनएस
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