कई दिनों बाद मां से मिलने पहुंचे अनुपम खेर, दुलारी ने लाडले को दिया खास तोहफा, हुईं भावुक
बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने हाल ही में अपनी मां दुलारी से काफी दिनों बाद मुलाकात की. जैसे ही उन्होंने अपनी मां को गले लगाया, उनकी आंखों में भावनाओं का एक बवंडर उमड़ पड़ा. उन्होंने इस मुलाकात पर सोशल मीडिया पोस्ट भी किया. पोस्ट के कैप्शन में अनुपम खेर ने खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, ‘टजब मैंने मां को गले लगाया तो वह इमोशनल हो गईं. उनके हाथ से बैग गिर गया और जब मैंने उसे उठाने से मना किया तो मां नाराज हो गईं और मुझे अच्छी-खासी डांट मिली. ’अनुपम खेर ने इस अनुभव को साझा करते हुए आगे कहा, 'दरअसल पेरेंट्स को काम करते रहने देना चाहिए. इससे उन्हें यह एहसास होता है कि वे अभी भी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं और उनकी अपनी क्षमता और महत्व बना रहता है.'
फ्लॉप डेब्यू के बाद डूब गया था जूही चावला का करियर, फिर इस गाने ने रातोंरात बना दिया था नेशनल क्रश
नई दिल्ली. बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस जूही चावला की मासूमियत और उनकी दिलकश मुस्कान ने 80 के दशक के आखिर में बॉलीवुड में जो जादू बिखेरा, उसका सबसे बड़ा श्रेय 1988 में आई फिल्म 'कयामत से कयामत तक' के एक सदाबहार गाने को जाता है. वैसे तो इस फिल्म के सभी गाने हिट थे, लेकिन वह गाना जिसने जूही चावला को रातों-रात हर भारतीय युवा की 'धड़कन' और नेशनल क्रश बना दिया, वह था 'गजब का है दिन, सोचो जरा...'. इस गाने के बाद जूही चावला की किस्मत पूरी तरह बदल गई थी. इस गाने में जूही चावला और आमिर खान की केमिस्ट्री ने एक नई तरह की ताजगी पेश की. जूही की सादगी और उस गाने में उनके हाव-भाव इतने प्राकृतिक थे कि दर्शकों को उनसे प्यार हो गया. बता दें, जूही चावला ने इससे पहले 'सल्तनत' (1986) से डेब्यू किया था, लेकिन वह फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही. लोग उन्हें भूल चुके थे, लेकिन जैसे ही रेडियो और टीवी पर 'गजब का है दिन' बजना शुरू हुआ, जूही चावला का नाम हर जुबान पर छा गया.
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