एफएसएसएआई ने ज्यादा नमक, चीनी और वसा वाले पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर रेड वार्निंग लेबल लगाने का दिया प्रस्ताव
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग (एफओपीएल) लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अधिक नमक, चीनी या वसा (फैट) वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेट के सामने स्पष्ट रूप से लाल रंग का चेतावनी चिन्ह (रेड वार्निंग लेबल) लगाना अनिवार्य किया जा सकता है।
यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। अदालत ने खाद्य नियामक और सरकार से फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लागू करने की समयसीमा पर स्पष्ट जानकारी मांगी थी।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि किसी पैकेज्ड खाद्य उत्पाद में निर्धारित सीमा से अधिक नमक, चीनी या वसा पाया जाता है, तो उसके पैकेट के सामने सफेद पृष्ठभूमि पर लाल हेक्सागन (षट्कोणीय) चेतावनी चिन्ह (वार्निंग लेबल) प्रदर्शित करना होगा।
एफएसएसएआई का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय उत्पाद की पोषण संबंधी जानकारी तुरंत और आसानी से समझने में मदद करेगी, जिससे वे अधिक जागरूक खाद्य विकल्प चुन सकेंगे।
नियामक ने संकेत दिया है कि एफओपीएल को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के बजाय एक ही चरण में लागू करने की योजना है। एफएसएसएआई के अनुसार, प्रस्तावित चेतावनी प्रारूप कुछ हद तक कनाडा में अपनाए गए मॉडल से प्रेरित है और इसका उद्देश्य उन पोषक तत्वों को उजागर करना है, जिनका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई उत्पाद केवल एक ही पोषक तत्व जैसे नमक, चीनी या वसा की निर्धारित सीमा से अधिक है, तब भी चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा। ऐसी स्थिति में लाल हेक्सागन के भीतर संबंधित पोषक तत्व का नाम लिखा जाएगा।
यदि किसी उत्पाद में दो या तीनों पोषक तत्व निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाते हैं, तो सभी संबंधित पोषक तत्वों का उल्लेख एक ही चेतावनी चिन्ह के भीतर किया जाएगा।
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल उन उत्पादों तक सीमित नहीं होगा जिनमें एक से अधिक जोखिमकारी पोषक तत्व मौजूद हों। यदि कोई खाद्य पदार्थ किसी एक निर्धारित पोषक तत्व की सीमा भी पार करता है, तो वह इस चेतावनी प्रणाली के दायरे में आएगा।
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण का कहना है कि इस लेबलिंग व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की पोषण प्रोफाइल के बारे में स्पष्ट, सरल और तुरंत समझ आने वाली जानकारी उपलब्ध कराना है।
हालांकि नियमों को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग जगत और आम जनता से व्यापक परामर्श किया जाएगा। एफएसएसएआई के अनुसार, परामर्श प्रक्रिया पूरी होने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाओं के बाद मसौदा नियमों को जारी और अंतिम रूप देने में करीब चार महीने का समय लग सकता है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस में CCTV फुटेज सामने आया, परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का बताया जा रहा फुटेज
IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में अब एक CCTV क्लिप सामने आने की जानकारी है. दावा किया जा रहा है कि यह फुटेज 18 सितंबर को IIT बॉम्बे के एग्जाम रूम का है. फुटेज में साहिल वाकोड़े परीक्षा देते हुए दिखाई दे रहा है. दावा है कि परीक्षा खत्म होने से करीब 20 मिनट पहले का यह CCTV फुटेज है. सामने आए CCTV क्लिप में एक छात्र सबसे आगे की बेंच पर बैठा दिखाई दे रहा है, जिसकी पहचान साहिल वाकोड़े के तौर पर की जा रही है.
शिक्षक और साहिल के बीच कुछ देर बातचीत हुई
वीडियो में साहिल ने काले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई है और वह अपनी सीट पर बैठकर परीक्षा देता दिखाई दे रहा है. इसी दौरान एक शिक्षक साहिल के पास आकर रुकते हैं और उससे कुछ सवाल करते हुए दिखाई देते हैं. CCTV फुटेज के मुताबिक, शिक्षक और साहिल के बीच कुछ देर बातचीत होती दिखाई दे रही है.
IIT बॉम्बे छात्र सुसाइड केस में CCTV फुटेज सामने आया, परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का बताया जा रहा फुटेज pic.twitter.com/4iPZ3dYhas
— Mohit Saxena (@mohit_famous) September 23, 2026
CCTV क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं
इस दौरान साहिल अपनी बेंच से उठता है और फिर दोबारा बैठ जाता है. इसके बाद भी कुछ समय तक शिक्षक और साहिल के बीच बातचीत जारी रहती है. बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम परीक्षा समाप्त होने से करीब 20 मिनट पहले का है. हालांकि, इस CCTV क्लिप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है. फुटेज में बातचीत का ऑडियो उपलब्ध है या नहीं और शिक्षक-साहिल के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है.
इस CCTV फुटेज से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच अब मामले की जांच कर रही एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है.
* IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोड़े केस
* CCTV फुटेज सामने आने का दावा
* 18 सितंबर के एग्जाम रूम का बताया जा रहा फुटेज
* परीक्षा खत्म होने से 20 मिनट पहले का फुटेज
* सबसे आगे की बेंच पर बैठे दिखाई दे रहे साहिल
* शिक्षक साहिल के पास आकर बातचीत करते दिखाई दिए
* बातचीत के दौरान साहिल बेंच से उठा, फिर बैठा
* CCTV की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी
आईआईटी बॉम्बे सुसाइड मामले में सबसे बड़ा सबूत
18 सितंबर का ये एग्जामिनेशन हॉल का सीसीटीवी फुटेज है. साहिल इसमें सबसे आगे पहली बेंच पर काली टी शर्ट पहने बैठा है. एग्जाम दोपहर 1 बजे तक थी, आख़िर के 20 मिनटों में क्या हुआ वो इस फुटेज के ज़रिए जाँच एजेंसियां तफ्तीश कर रही हैं. क्लासरूम में तीन पर्यवेक्षक देखे जा सकते हैं. मोबाइल में देखने की कोशिश कर रहा था तभी प्रोफेसर ने उसे चीटिंग करते हुए पकड़ा. और प्रोफेसर को उसने मोबाइल दिया ये तस्वीर में साफ़ दिखाई दे रहा है. जिसके बाद प्रोफेसर ने उसकी आंसर शीट ली और फिर साहिल बेंच से खड़े होकर प्रोफेसर के साथ एग्जामिनेशन हॉल से बाहर जाता हुआ दिखाई दे रहा है.
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