समोसा आमतौर पर आलू से जुड़ा होता है. लेकिन पटना के मैकेनिकल इंजीनियर रवि ने इस परंपरा को बदल दिया. राजधानी के रूपसपुर में उन्होंने ‘समोसा किंग’ नाम से ऐसा आउटलेट शुरू किया, जहां आलू के अलावा करीब 40 तरह के अनोखे फ्लेवर वाले समोसे मिलते हैं. चीज कॉर्न, मलाई पनीर, पिज्जा, मंचूरियन और चॉकलेट समोसा यहां खास पसंद किए जाते हैं. रवि ने 2018 में इंजीनियरिंग पूरी कर नौकरी की, लेकिन लॉकडाउन में पटना लौटकर ठेले से समोसा बेचने की शुरुआत की. लोगों को स्वाद पसंद आया और धीरे-धीरे ग्राहक बढ़ते गए. मेहनत रंग लाई और ठेले से आउटलेट तक का सफर तय हुआ. आज रोज 300–400 ग्राहक दुकान पर पहुंचते हैं और ऑनलाइन भी बड़ी संख्या में ऑर्डर आते हैं. अब रवि बिहार के हर जिले में ‘समोसा किंग’ की फ्रैंचाइजी खोलने की तैयारी में हैं.
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कराची में दमकलकर्मी ऐतिहासिक डाउनटाउन इलाके में स्थित एक शॉपिंग मॉल में लगी भीषण आग के बाद लापता हुए 65 से अधिक लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस आग में छह लोगों की मौत हो गई और इमारत का कुछ हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया। वीडियो में इमारत से उठती लपटें दिखाई दे रही थीं, जबकि दमकलकर्मी शनिवार रात को शुरू हुई इस आग को घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए पूरी रात संघर्ष करते रहे। 24 घंटे से अधिक समय तक आग पर काबू पाने के बाद, दमकलकर्मियों ने लगभग ढह चुकी इमारत के भाप निकलते मलबे को ठंडा करना शुरू किया। दमकलकर्मियों ने पाकिस्तान के स्थानीय टेलीविजन स्टेशन जियो न्यूज को बताया कि 1,200 से अधिक दुकानों वाले मॉल में वेंटिलेशन की कमी के कारण इमारत धुएं से भर गई और बचाव कार्य में देरी हुई।
प्रांतीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री शरजील इनाम मेमन ने कहा कि इस घटना में जिन लोगों की जान गई है और जो घायल हुए हैं वे सभी दम घुटने के शिकार हुए हैं। ओधो ने पत्रकारों को बताया कि मॉल में लगभग 1,200 दुकानें थीं जिनमें ज्वलनशील वस्तुएं थीं तथा तहखाने और मेज़ानाइन समेत सभी मंजिलों पर आग लगने से वे सभी दुकानें नष्ट हो गईं। बचाव सेवा रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता हसनुल हसीब खान ने बताया कि छह लोगों की मौत हो गई और इमारत से बाहर निकाले गए लगभग 20 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। बचाव अभियान के दौरान स्नोर्कल सीढ़ी से गिरने से एक दमकलकर्मी की जान चली गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए।
रेस्क्यू 1122 के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) आबिद जलाल ने रविवार शाम मीडिया को बताया कि आग पर 75 प्रतिशत तक काबू पा लिया गया है, लेकिन अब भी बहुत काम बाकी है। उन्होंने कहा कि इमारत बहुत जर्जर थी और उसका पिछला हिस्सा पहले ही ढह चुका है और सामने का हिस्सा भी ढह सकता है। इसलिए हमारी सबसे बड़ी चिंता यह है कि आग पूरी तरह बुझने तक हम लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव दल नहीं भेज सकते। उन्होंने कहा कि अग्निशमन कर्मियों समेत 12 लोग आग बुझाने में लगे हैं तथा दमकल की 22 गाड़ियों की मदद ली जा रही है। खान ने कहा जैसे ही प्रशीतन का काम शुरू होगा, हम आगे बचाव अभियान शुरू करेंगे, लेकिन इमारत की बनावट बहुत जटिल है क्योंकि इसमें तहखाना और मेजेनाइन फ्लोर के साथ सैकड़ों दुकानें एवं स्टोर हैं।
गुल प्लाजा का निर्माण 80 के दशक के में हुआ था और यह सभी वर्गों के लोगों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य था क्योंकि इसमें किफायती क्रॉकरी, सजावट का सामान, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े, महिलाओं के सौंदर्य प्रसाधन, इत्र और अन्य उत्पादों की सैकड़ों दुकानें थीं। न्यूज इंटरनेशनल पोर्टल ने दमकलकर्मियों के हवाले से कहा कि मॉल में हवादार ढांचों की कमी और खिड़कियों के बंद होने के कारण इमारत के अंदर धुआं भर गया है, जिससे बचाव कार्य में बाधा आ रही है। यह मॉल लगभग 1.75 एकड़ में यानी लगभग एक फुटबॉल मैदान के बराबर क्षेत्र में फैला हुआ है। आग के कारण इस इमारत को बहुत अधिक क्षति पहुंची है। प्लाजा के दुकानदारों के संघ के प्रमुख अब्दुल कादिर ने व्यापारियों को हुए नुकसान को लाखों रुपये में बताया। न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को इस घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाने चाहिए। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
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