Responsive Scrollable Menu

गणेश उत्सव: अनंत चतुर्दशी में नंबर 14 का इतना महत्व क्यों? जानिए गांठों और लोकों का रहस्य

अनंत चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व गणेश उत्सव के समापन से भी जुड़ा है।

साल 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। इस पूजा में एक चीज खास तौर पर ध्यान खींचती है और वह है संख्या 14। अनंत सूत्र में 14 गांठें बांधी जाती हैं और कई परंपराओं में 14 प्रकार के नैवेद्य का भी उल्लेख मिलता है। आखिर अनंत चतुर्दशी में 14 का इतना महत्व क्यों है?

अनंत चतुर्दशी में 14 का क्या महत्व है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, संख्या 14 का संबंध चौदह लोकों से माना जाता है। हिंदू धार्मिक ग्रंथों में ब्रह्मांड को 14 लोकों में विभाजित बताया गया है। इनमें सात ऊपरी लोक और सात निचले लोक माने गए हैं।

  • सात ऊपरी लोक हैं- भूः, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः और सत्यलोक।
  • सात निचले लोक हैं- अतल, वितल, सुतल, तलातल, महातल, रसातल और पाताल।

इसी वजह से अनंत चतुर्दशी के अनुष्ठानों में संख्या 14 को विशेष धार्मिक महत्व दिया जाता है। इसे भगवान विष्णु के सर्वव्यापी और अनंत स्वरूप से भी जोड़ा जाता है।

अनंत सूत्र में 14 गांठें क्यों होती हैं?
अनंत चतुर्दशी की पूजा में अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। आमतौर पर इस पवित्र धागे में 14 गांठें लगाई जाती हैं। इन गांठों को चौदह लोकों का प्रतीक माना जाता है।

पूजा के बाद भक्त इस सूत्र को भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए धारण करते हैं। मान्यता है कि अनंत सूत्र भगवान विष्णु के संरक्षण और आशीर्वाद का प्रतीक है।

कई जगह पुरुष इसे दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में धारण करती हैं। हालांकि, इसे लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग परंपराएं भी देखने को मिलती हैं।

14 साल तक व्रत रखने की मान्यता
अनंत चतुर्दशी से जुड़ी एक मान्यता 14 वर्षों तक व्रत और पूजा करने की भी है। धार्मिक परंपरा में माना जाता है कि श्रद्धालु लगातार 14 वर्षों तक अनंत चतुर्दशी पर पूजा और व्रत करें तो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

यह मान्यता मुख्य रूप से श्रद्धा और धार्मिक परंपरा से जुड़ी है। इसका उद्देश्य भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की आराधना और परिवार की सुख-शांति की कामना करना है।

क्या 14 प्रकार के नैवेद्य भी चढ़ाए जाते हैं?
अनंत चतुर्दशी की पूजा में कई स्थानों पर 14 प्रकार के नैवेद्य या प्रसाद अर्पित करने की परंपरा भी मिलती है। हालांकि, पूजा की सामग्री और विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार बदल सकती है।

इसलिए 14 का महत्व केवल एक रस्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस पर्व की धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग रूपों में दिखाई देता है।

ज्योतिष और अंक ज्योतिष में 14 का क्या मतलब है?
अंक ज्योतिष में 14 को जोड़ने पर 5 अंक प्राप्त होता है। यानी 1+4=5। अंक ज्योतिष में 5 अंक का संबंध बुध ग्रह से माना जाता है।

बुध को बुद्धि, बातचीत, व्यापार, तर्क और गणना से जोड़ा जाता है। ज्योतिषी अनीश व्यास के अनुसार, अंक 5 से जुड़े लोगों के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन नए संपर्क बनाने और पुराने संपर्कों को मजबूत करने के लिहाज से अनुकूल माना जा सकता है।

हालांकि, ज्योतिष और अंक ज्योतिष से जुड़ी ऐसी मान्यताएं धार्मिक एवं ज्योतिषीय परंपराओं पर आधारित हैं।

अनंत चतुर्दशी में 14 का सार
अनंत चतुर्दशी में संख्या 14 को मुख्य रूप से चौदह लोकों और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप से जोड़कर देखा जाता है। अनंत सूत्र की 14 गांठें इसी धार्मिक मान्यता का प्रमुख प्रतीक मानी जाती हैं।

इस पर्व का संदेश भगवान विष्णु की आराधना, श्रद्धा, परिवार की सुख-शांति और जीवन में संतुलन की कामना से जुड़ा है। इसलिए अनंत चतुर्दशी पर 14 की संख्या केवल एक अंक नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों, परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित है। पूजा-पाठ, व्रत और अनंत चतुर्दशी से जुड़े नियम एवं मान्यताएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं। इन्हें धार्मिक आस्था के संदर्भ में ही देखें।

Continue reading on the app

Ganesh Visarjan: बप्पा को विदाई से पहले भक्तों ने मांगी मन्नत, 10 तस्वीरों में देखें गणपति विसर्जन

गणेश उत्सव के दौरान देशभर में भक्तों ने गणेश प्रतिमाओं को श्रद्धा के साथ विदाई दी। भोपाल में डोल ग्यारस के मौके पर भक्तों ने कृत्रिम तालाब में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। वहीं, दूसरे शहरों में भी लोगों ने बप्पा को विदा किया। देखें तस्वीरें..

Continue reading on the app

  Sports

शुभमन गिल खुशकिस्मत हैं कि उनके पास रोहित-विराट हैं… कोच गौतम गंभीर ने ऐसा क्यों कहा?

Gautam Gambhir On Shubman Gill: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने शुभमन गिल की कप्तानी पर बड़ा बयान दिया है. इसके साथ-साथ उन्होंने गिल को खुशकिस्मत भी बताया है. Wed, 23 Sep 2026 23:14:30 +0530

  Videos
See all

सुबह टहल रही महिला से बदसलूकी, कैमरे में कैद हुई हरकत #shorts #viralnews #viralnews #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T22:50:16+00:00

Jamui Encounter: जमुई के 'जल्लादों' का एनकाउंटर, Nandan को Bihar Police ने ठोका! | Bihar News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-23T23:00:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers