Jharkhand News: गढ़वा जिले के 23 हजार छात्रों को मिलेगी फ्री साइकिल, स्कूल पहुंचना होगा आसान
Jharkhand News: झारखंड के गढ़वा जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 23 हजार 286 छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साइकिल दी जा रही है. साइकिल वितरण के लिए जिले के अलग-अलग प्रखंडों में क्लस्टर बनाए गए हैं. इन क्लस्टरों में साइकिल पहुंचने के बाद विद्यार्थियों के अनुसार उनकी फिटिंग की जा रही है. फिटिंग का काम पूरा होने के बाद पात्र विद्यार्थियों को साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है.
आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को योजना का लाभ
इस योजना का लाभ आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को घर से स्कूल आने-जाने में सुविधा देना है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए साइकिल मिलने से विद्यालय तक पहुंचना आसान होगा. योजना के जरिए विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करने का भी प्रयास किया जा रहा है. इससे उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
एससी वर्ग के 6,045 विद्यार्थियों को साइकिल
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अनुसूचित जाति यानी एससी वर्ग के कुल 6,045 छात्र-छात्राओं को साइकिल दी जानी है. इनमें 3,088 छात्र और 2,957 छात्राएं शामिल हैं. वहीं अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग के 3,636 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. इनमें 1,869 छात्र और 1,767 छात्राएं शामिल हैं.
पिछड़ा वर्ग के सबसे ज्यादा विद्यार्थी शामिल
साइकिल पाने वाले विद्यार्थियों में पिछड़ा वर्ग के छात्रों की संख्या सबसे अधिक है. इस वर्ग के कुल 9,332 छात्र-छात्राओं को निश्शुल्क साइकिल दी जा रही है. इनमें 4,673 छात्र और 4,659 छात्राएं शामिल हैं. इसके अलावा अल्पसंख्यक वर्ग के 4,273 विद्यार्थियों को भी योजना के तहत साइकिल उपलब्ध कराई जा रही है. इनमें 2,049 छात्र और 2,224 छात्राएं शामिल हैं.
क्लस्टरों में हो रही साइकिल की फिटिंग
गढ़वा जिले के विभिन्न प्रखंडों में बनाए गए क्लस्टरों में साइकिल पहुंचने के बाद विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार उसकी फिटिंग की जा रही है. फिटिंग पूरी होने के बाद तय प्रक्रिया के तहत साइकिल विद्यार्थियों को दी जा रही है. विभाग ने वर्ग के अनुसार लाभुक विद्यार्थियों का चयन किया है. योजना में छात्र और छात्राओं दोनों को शामिल किया गया है. साइकिल मिलने से विद्यार्थियों को रोजाना स्कूल आने-जाने में सुविधा होगी. विभाग की ओर से वितरण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके.
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BJP संगठन में बड़ा फेरबदल, स्मृति ईरानी से सुनील बंसल तक नेताओं को मिली राज्यों की जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में नई जिम्मेदारियों के तहत अपने राष्ट्रीय महामंत्रियों को अलग-अलग राज्यों का प्रभार सौंपा है. पार्टी ने इस फेरबदल में अनुभवी नेताओं के साथ युवा चेहरों को भी अहम जिम्मेदारियां दी हैं. माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन के विस्तार को ध्यान में रखते हुए नेताओं की जिम्मेदारियां तय की गई हैं.
बीजेपी की नई टीम में स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, राम माधव, सतीश पूनिया, सुनील बंसल और अनिल एंटनी जैसे प्रमुख नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी मिली है. इनमें कुछ नेताओं को उन राज्यों का प्रभार दिया गया है, जहां आने वाले समय में विधानसभा चुनाव होने हैं.
स्मृति ईरानी को हरियाणा और छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बीजेपी ने हरियाणा और छत्तीसगढ़ का प्रभारी नियुक्त किया है. लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से हार के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं जरूर हुई थीं, लेकिन पार्टी संगठन में उनकी भूमिका लगातार बनी रही. राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद अब उन्हें दो बीजेपी शासित राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है. पार्टी संगठन में उनके लंबे अनुभव और सार्वजनिक संवाद की शैली को देखते हुए उन्हें इन राज्यों में संगठन से जुड़े कामों की जिम्मेदारी संभालनी होगी.
हरीश द्विवेदी को बिहार के साथ कर्नाटक का प्रभार
उत्तर प्रदेश के बस्ती से आने वाले हरीश द्विवेदी को बिहार के साथ कर्नाटक का प्रभारी बनाया गया हैय वह पहले भी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और बिहार जैसे बड़े राज्य में काम करने का अनुभव रखते हैं. हरीश द्विवेदी बस्ती लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं. संगठन के स्तर पर उनकी सक्रियता और कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क को देखते हुए बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री की टीम में जगह दी. अब बिहार के साथ कर्नाटक जैसे बड़े राज्य की जिम्मेदारी मिलने से संगठन में उनकी भूमिका और बढ़ गई है.
राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड का प्रभार
बीजेपी ने राम माधव को तमिलनाडु के साथ उत्तराखंड का प्रभारी बनाया है. आरएसएस और बीजेपी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे राम माधव को रणनीतिक और संगठनात्मक मामलों का अनुभव रखने वाले नेताओं में गिना जाता है. राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटने के बाद वह कुछ समय तक संघ के कामकाज से जुड़े रहे. इसके बाद बीजेपी के केंद्रीय संगठन में उनकी वापसी हुई. अब दो राज्यों की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी भूमिका फिर महत्वपूर्ण हो गई है. तमिलनाडु बीजेपी के लिए दक्षिण भारत में विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है, जबकि उत्तराखंड में पार्टी के सामने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को मजबूत करने की चुनौती है.
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सुनील बंसल के पास बंगाल और तेलंगाना
बीजेपी के प्रमुख संगठनात्मक रणनीतिकारों में शामिल सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का प्रभारी बनाए रखा गया है. उत्तर प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली थीं. संगठन के बूथ स्तर तक काम करने और चुनावी प्रबंधन में उनकी भूमिका को बीजेपी के भीतर काफी अहम माना जाता है. ओडिशा में पार्टी के प्रदर्शन और पश्चिम बंगाल में संगठन विस्तार के बाद भी केंद्रीय नेतृत्व ने उन पर भरोसा कायम रखा है. अब तेलंगाना में पार्टी के संगठन को मजबूत करने और पश्चिम बंगाल में अपने आधार को विस्तार देने की जिम्मेदारी उनके पास रहेगी.
सतीश पूनिया को पंजाब और जम्मू-कश्मीर का प्रभार
राजस्थान के पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और नेता सतीश पूनिया को पंजाब के साथ जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है. राजस्थान विधानसभा चुनाव में आमेर सीट से हार के बाद भी पार्टी संगठन में उनकी भूमिका खत्म नहीं हुई. इसके बाद उन्हें हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई थी। पार्टी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सरकार बनाई. इसके बाद पूनिया को राज्यसभा भेजा गया और बीजेपी की राष्ट्रीय टीम में महामंत्री की जिम्मेदारी भी मिली. अब पंजाब और जम्मू-कश्मीर जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभार मिलने से संगठन में उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है.
अनिल एंटनी को नागालैंड और गोवा की जिम्मेदारी
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ए.के. एंटनी के बेटे अनिल एंटनी को भी बीजेपी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है. बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही उन्हें पार्टी ने लगातार संगठनात्मक भूमिकाएं दी हैं. नितिन नवीन की टीम में राष्ट्रीय सचिव बनाए जाने के बाद अब उन्हें नागालैंड का प्रभारी और गोवा का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है. नागालैंड में बीजेपी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ गोवा में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज को आगे बढ़ाना उनके सामने प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा. गोवा में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में वहां की जिम्मेदारी राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
चुनावी राज्यों पर बीजेपी का फोकस
बीजेपी की नई जिम्मेदारियों में उन राज्यों को खास महत्व दिया गया है, जहां आगामी समय में विधानसभा चुनाव होने हैं. पंजाब, उत्तराखंड और गोवा जैसे राज्यों में संगठन को चुनावी तैयारियों के लिए मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा. नई टीम में अनुभवी संगठनकर्ताओं और अपेक्षाकृत युवा चेहरों को जिम्मेदारियां देकर बीजेपी ने राज्य स्तर पर संगठन को सक्रिय रखने की रणनीति अपनाई है. अब इन नेताओं की अगली चुनौती अपने-अपने राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की होगी.
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