तुला राशि में बनेगा Laxmi Narayan Yog, 26 सितंबर से इन 3 राशियों पर बरसेगी कृपा
ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की युति से बनने योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है लक्ष्मी नारायण योग, जिसे धन, सुख-सुविधाओं और सफलता के लिए जाना जाता है।
अक्सर बुध और शुक्र एक ही राशि में आते ही साथ स्थित होते हैं, तब इस योग का निर्माण माना जाता है। बुध को बुद्धि, तर्क और वाणी का कारक माना जाता है। दूसरी ओर, शुक्र धन, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों से संबंधित ग्रह हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का साथ कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है।
इस बार 26 सितंबर को गणेश विसर्जन के अगले दिन तुला राशि में लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होने जा रहा है। यह योग 6 नवंबर तक रहने वाला है। इस अवधि में कुछ राशियों के लिए मालामाल होने का समय है। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के लोगों के लिए यह योग बेहद भी लाभदायक माना जा रहा है। करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर प्राप्त होंगे। बिजनेस करने वालों को किसी लाभदायक सौदे या नए प्रोजेक्ट में जबरदस्त फायदा देखने को मिलेगा। नौकरी करने वाले लोगों के सामने आगे बढ़ने के अवसर देखने को मिलेंगे। इतना ही नहीं, आमदनी के साधनों में विस्तार होने के साथ ही लंबे समय से अटका हुआ धन भी वापस मिलेगा। कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातको के लिए लक्ष्मी नारायण योग फलदायक होगा। इस समय आपकी आर्थिक स्थिति बेहतरीन होगी। आय बढ़ाने के मार्ग खुलेंगे। बिजनेस में अच्छा मुनाफ मिलेगा। आपने जो भी पहले निवेश किए हैं, उनसे आपको फायदा मिल सकता है। नई योजनाओं पर कार्य शुरु होगा। संपत्ति से संबंधित निवेश के लिए यह समय अनुकूल रहने वाला है।
तुला राशि
इस राशि के जातकों को काफी लाभ प्राप्त होगा। बिजनेस में लाभ के अवसर बढ़ सकते हैं और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी। परिवार में सुखद वातावरण बना रहने वाला है। लाइफ पार्टनर या प्रेमी के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी। किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं। घर, वाहन या नौकरी से संबंधित कोई अच्छी खबर प्राप्त होगी। नौकरी की तलाश करने वालों के बेहतरीन मौका प्राप्त होगा।
Sensex 299 अंक चढ़कर 74,828 पर बंद, Nifty में भी मजबूती दर्ज
कच्चे तेल के दाम में नरमी के साथ घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को तेजी आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 299 अंक चढ़ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 23,450 अंक के करीब पहुंच गया। विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में नरमी के अलावा पश्चिम एशिया में संकट कम होने की उम्मीद के साथ रेटिंग एजेंसियों के भारत के वृद्धि अनुमान बढ़ाने से धातु, वित्तीय और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) कंपनियों के शेयरों में लिवाली से भी बाजार को समर्थन मिला।
बीएसई के 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 299.17 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,828.25 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 444.66 अंक चढ़कर 74,973.74 अंक तक पहुंच गया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी भी 117.80 अंक यानी 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,446.80 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से टाटा स्टील, बजाज फाइनेंस, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, पावर ग्रिड और लार्सन एंड टुब्रो में प्रमुख रूप से तेजी रही। दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एचसीएलटेक, इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाइटन और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल हैं। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.35 प्रतिशत बढ़कर 99.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच निवेशकों ने लिवाली की जिससे घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने की उम्मीद और अमेरिकी तेल मानक वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) के 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई।’’ पोनमुडी ने कहा, ‘‘बेहतर वैश्विक माहौल, तेल कीमतों में नरमी और घरेलू आर्थिक वृद्धि के मजबूत अनुमान से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और उन्होंने बड़ी कंपनियों के अलावा अन्य शेयरों में भी लिवाली की।’’ एसएंडपी, फिच, एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) जैसी वैश्विक एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का वृद्धि दर अनुमान बढ़ाकर करीब सात प्रतिशत कर दिया। यह संशोधन जून तिमाही में आर्थिक गतिविधियों में मजबूती और पश्चिम एशिया में संघर्ष के बावजूद घरेलू मांग में तेजी को देखते हुए किया गया है।
छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.85 प्रतिशत और मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई में कुल 2,809 शेयर बढ़त में रहे, जबकि 1,579 शेयरों में गिरावट रही। वहीं 209 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘सितंबर के शुरुआती अनुमान वाले खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) के उम्मीद से बेहतर आंकड़ों ने आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का भरोसा बढ़ाया है। इससे संकेत मिलता है कि आर्थिक वृद्धि बनी हुई है।’’ एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे।
यूरोप के अधिकांश बाजारों में दोपहर कारोबार के दौरान गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार मंगलवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
सेंसेक्स मंगलवार को 329.91 अंक टूटकर 74,529.08 अंक और निफ्टी 85.30 अंक की गिरावट के साथ 23,329 अंक पर बंद हुआ था।
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