Rahul Gandhi 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र में कांग्रेस के जिला इकाई अध्यक्षों को संबोधित करेंगे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी 21 जनवरी को कुरुक्षेत्र में हरियाणा और उत्तराखंड के पार्टी के जिला इकाई अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रविवार को हरियाणा के जिला इकाई अध्यक्षों को संबोधित करने के बाद यहां पत्रकारों को बताया कि गांधी 21 जनवरी को यहां पहुंचेंगे।
कांग्रेस ने हरियाणा और उत्तराखंड में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इन राज्यों के जिला इकाई अध्यक्षों के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है। कुरुक्षेत्र में 13 से 22 जनवरी तक आयोजित इस शिविर में हरियाणा के 33 और उत्तराखंड के 27 जिला अध्यक्ष भाग ले रहे हैं।
हुड्डा ने पत्रकारों से कहा कि भाजपा ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन आय बढ़ने के बजाय उनकी लागत कई गुना बढ़ गई है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं को धोखा देने का आरोप भी लगाया।
हुड्डा ने दावा किया कि चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सभी महिलाओं को 2,100 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था, लेकिन अब यह लाभ केवल सीमित संख्या में महिलाओं को ही मिल रहा है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाले नए अधिनियम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हुड्डा ने कहा कि भाजपा नीत सरकार ने दलितों, पिछड़े वर्गों, गरीबों, ग्रामीणों और पंचायतों के अधिकारों पर हमला किया है।
उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में आठ लाख से अधिक मनरेगा कामगार होने के बावजूद, 2024-25 के दौरान केवल 2,100 परिवारों को ही 100 दिन का काम उपलब्ध कराया गया।
Peter Navarro ने फिर साधा भारत पर निशाना, कहा : भारत में AI के लिए अमेरिका के लोग क्यों कर रहे भुगतान
व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने एक बार फिर भारत की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि अमेरिका के नागरिक भारत में कृत्रिम मेधा (एआई) के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं?
नवारो की ये टिप्पणियां भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव के बीच शनिवार को आईं। नयी दिल्ली-वाशिंगटन के संबंधों में खटास की शुरुआत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क (टैरिफ) लगाने के बाद हुई। इस टैरिफ में रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है।
नवारो ने ‘रियल अमेरिकाज वॉयस’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, “सवाल यह उठता है कि अमेरिका के नागरिक भारत में एआई के लिए भुगतान क्यों कर रहे हैं? चैट जीपीटी अमेरिकी जमीन पर काम कर रहा है, अमेरिकी बिजली का उपयोग कर रहा है और चैट जीपीटी के बड़े उपयोगकर्ताओं को सेवाएं प्रदान कर रहा है, उदाहरण के लिए भारत, चीन और दुनिया के अन्य हिस्सों में। इसलिए यह एक और मुद्दा है, जिसे सुलझाया जाना चाहिए।”
उन्होंने पिछले साल रूस से तेल खरीदने, अधिक शुल्क लगाने के लिए भारत की लगातार आलोचना की थी और भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ करार दिया था। नवारो ने भारत के रूस से तेल खरीदने को ‘ब्लड मनी’ भी कहा था और बताया था कि यूक्रेन युद्ध से पहले दिल्ली ने मॉस्को से बड़ी मात्रा में तेल नहीं खरीदा था।
वहीं, भारत का कहना है कि किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।नेवारो ने ‘ब्रिक्स’ देशों पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘‘असल बात यह है कि इस समूह के किसी भी देश का अस्तित्व अमेरिका को उत्पाद बेचे बिना नहीं रह सकता। और जब वे अमेरिका को अपने उत्पाद बेचते हैं, तो अपने निर्यात के माध्यम से, वे अनुचित व्यापार तौर तरीकों से हमारा खून चूसने वाले वैंपायर (पिशाचों) की तरह होते हैं।
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