Trishul Missile: क्यों फेल होकर भी अमर हो गया भारत का यह दिव्यास्त्र?
भारत के मिसाइल कार्यक्रम का हिस्सा रही 'त्रिशूल' मिसाइल का सफर रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. 1983 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का मकसद थल, नभ और जल सेना को एक अचूक हथियार देना था. हालांकि तकनीकी चुनौतियों और देरी के कारण यह दिव्यास्त्र अपने आखिरी मुकाम तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन इससे मिली सीख ने आज के आधुनिक स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मजबूत नींव का काम किया. जानिए कैसे असफल होकर भी त्रिशूल मिसाइल ने भारत के रक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है.
शेल कंपनियों से घुमाया करोड़ों का फंड? कोलकाता से बेंगलुरु और दिल्ली तक 16 ठिकानों पर ED के ताबड़तोड़ छापे
कॉर्पोरेट अधिग्रहण के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े, मनी लॉन्ड्रिंग और फेमा उल्लंघन के मामले में ED ने बड़ा शिकंजा कसा है. जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु समेत तीन प्रमुख महानगरों में एक साथ 16 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की. सुबह-सवेरे हुई इस कार्रवाई से कारोबारी हलकों में हड़कंप मच गया.
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