धर्मशाला से मोहाली शिफ्ट हुआ इंडिया A-ऑस्ट्रेलिया A महिला मैच:बारिश से आउटफील्ड खराब, 29 सितंबर से होगा मुकाबला
BCCI ने इंडिया A महिला और ऑस्ट्रेलिया A महिला के बीच रेड-बॉल मैच का वेन्यू बदल दिया है। यह मुकाबला अब धर्मशाला की जगह मोहाली में होगा। 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक होने वाला चार दिवसीय मैच PCA IS बिंद्रा स्टेडियम में खेला जाएगा। धर्मशाला में लंबे समय तक हुई बारिश से आउटफील्ड और मैदान की स्थिति प्रभावित हुई थी। BCCI ने बुधवार को वेन्यू बदलने का ऐलान किया। यह सीरीज 12 सितंबर से शुरू हुई थी और इसमें तीन T20, तीन वनडे और एक रेड-बॉल मैच शामिल है। मोहाली में होंगे सीरीज के सभी मैच अब तक सीरीज के सभी मुकाबले मोहाली में ही खेले गए हैं। इनमें नए और पुराने, दोनों स्टेडियम का इस्तेमाल हुआ है। यह मुकाबला सीरीज का एकमात्र मल्टी-डे मैच है। BCCI ने रिलीज जारी कर बताया कि चार दिवसीय मैच 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक PCA IS बिंद्रा स्टेडियम, मोहाली में होगा। धर्मशाला के आउटफील्ड पर पहले भी उठे सवाल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान कुछ खिलाड़ियों ने धर्मशाला के आउटफील्ड की आलोचना की थी। इसके बाद HPCA ने आउटफील्ड की समस्या दूर की थी। धर्मशाला स्टेडियम भारत के उन चुनिंदा मैदानों में है, जहां सब-एयर ड्रेनेज सिस्टम लगा है। इस सिस्टम का मकसद तेज बारिश के बाद आउटफील्ड को 15 से 20 मिनट में खेलने लायक बनाना है।
UP Election 2027: अंबेडकर नगर की 5 सीटों पर सपा का दबदबा बरकरार रहेगा या लगेगा झटका?
साल 1995 में बना अंबेडकर नगर जिला अपने नाम में ही सामाजिक न्याय की राजनीति का प्रतीक है. मगर वक्त के साथ यहां की सियासत ने कई करवटें ली हैं. बता दें आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यहां की राजनीतिक गरमाई हुई है. आइए जानते हैं जिले की सभी पांच सीटों का पूरा गणित.
अंबेडकर नगर जिले की 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती
जनगणना 2011 के मुताबिक अंबेडकर नगर जिले की कुल आबादी करीब 24 लाख है, जिसमें पुरुषों की संख्या करीब 12 लाख 12 हजार और महिलाओं की संख्या करीब 11 लाख 85 हजार दर्ज हुई थी. यहां प्रति हजार पुरुषों पर 976 महिलाएं हैं, जो प्रदेश के औसत से काफी बेहतर माना जाता है. साक्षरता दर की बात करें तो वह करीब 74 प्रतिशत रही जिसमें पुरुष साक्षरता करीब 82 प्रतिशत और महिला साक्षरता करीब 63 प्रतिशत दर्ज हुई. बता दें जिले की करीब 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है.
हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत है
धार्मिक आबादी की बात करें तो यहां हिंदू समुदाय की हिस्सेदारी करीब 80 प्रतिशत और मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 19 प्रतिशत है. मुस्लिम आबादी खासतौर पर टांडा, जलालपुर और अकबरपुर जैसे कस्बाई इलाकों में ज्यादा केंद्रित है. अनुसूचित जाति की आबादी का हिस्सा भी यहां करीब 25 प्रतिशत है जो प्रदेश के औसत से कहीं ज्यादा है और दलित वोट बैंक को जिले की राजनीति में बेहद अहम बनाता है.
बीमारी के सामने बेबसी से लेकर बेहतर इलाज के भरोसे तक आयुष्मान भारत ने करोड़ों जिंदगियों की कहानी बदल दी।#8YearsOfAyushmanBharat pic.twitter.com/4siRC46BgJ
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अंबेडकर नगर जिले में 5 विधानसभा सीटें, जिसमें से 1 आरक्षित
अंबेडकर नगर जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं कटेहरी, टांडा, जलालपुर, अकबरपुर और अलापुर. बता दें इनमें से अलापुर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है जबकि बाकी चारों सीटें सामान्य श्रेणी में आती हैं. 2022 के नतीजे पर गौर करें तो चुनाव आयोग के मुताबिक यहां सपा का पूरी तरह क्लीन स्वीप हुआ था. जिले की सभी पांच सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी जबकि भाजपा और बसपा दोनों का यहां खाता तक नहीं खुल सकी थीं.
2022 में पांचों विधानसभा सीटों का ये रहो थे नतीजे
कटेहरी विधानसभा सीट की बात करें तो सपा के लाल जी वर्मा ने भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी के अवधेश द्विवेदी को हराया था.
टांडा सीट पर सपा के राम मूर्ति वर्मा ने भाजपा के कपिलदेव वर्मा को पराजित किया था. बता दें इस सीट पर जिले में सबसे ज्यादा मतदान हुआ था.
जलालपुर सीट पर सपा के राकेश पांडेय ने बसपा के डॉ. राजेश सिंह को करीब 13 हजार 630 वोटों से हराया था.
अकबरपुर सीट पर सपा के रामअचल राजभर ने भाजपा के धर्मराज निषाद को करीब 12 हजार 336 वोटों से मात दी थी. बता दें राजभर 2017 में बसपा के टिकट पर यही सीट जीत चुके थे.
अलापुर (सुरक्षित) सीट है यहां सपा के त्रिभुवन दत्त ने भाजपा के त्रिवेणी राम को करीब 9 हजार 383 वोटों से हराया था.
अंबेडकर नगर जिले ने तय किया बसपा-भाजपा से होते हुए सपा तक का सफर
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2017 के विधानसभा चुनाव में अंबेडकर नगर जिले की तस्वीर पूरी तरह अलग थी. उस चुनाव में भाजपा ने टांडा और अलापुर सीटें जीती थीं. बसपा ने कटेहरी और अकबरपुर पर कब्जा जमाया था. इसके अलावा जलालपुर सीट सपा के खाते में गई थी. बता दें जिन नेताओं ने 2017 में बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी वही लाल जी वर्मा और रामअचल राजभर 2022 में सपा में शामिल होकर फिर विधायक बने थे. दिलचस्प बात ये है कि इस दल-बदल ने साफ दिखाया कि जिले में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ अक्सर पार्टी के झंडे से ज्यादा असर डालती है.
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने विभिन्न राज्यों के निम्नलिखित प्रदेश प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्तियां की है। pic.twitter.com/isYWxWBRIi
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अंबेडकर नगर जिले में अब मौजूदा हालात क्या हैं?
2027 से पहले जिले की राजनीति में सबसे बड़ा झटका कटेहरी सीट पर लगा है. दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के लाल जी वर्मा अंबेडकर नगर संसदीय सीट से सांसद चुने गए जिसके बाद कटेहरी विधानसभा सीट खाली हो गई. नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में सपा ने लाल जी वर्मा की पत्नी शोभावती वर्मा को मैदान में उतारा मगर भाजपा के धर्मराज निषाद ने बड़े अंतर से जीत दर्ज कर यह सीट सपा से छीन ली. राजनीतिक जानकारों की मानें तो यह हार सपा के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है क्योंकि कटेहरी में कुर्मी, निषाद और ब्राह्मण मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं और भाजपा ने निषाद बिरादरी को साधकर यहां बढ़त बनाई.
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PDA समीकरण को फिर से मजबूत करने की चुनौती
ऐसा माना जा रहा है कि इस उपचुनाव के नतीजे ने 2027 से पहले साफ संकेत दे दिया है कि भाजपा जिले में वापसी की जमीन तैयार करने में जुटी है जबकि सपा को अपने परंपरागत पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण को फिर से मजबूत करने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर बसपा भी अपने पुराने आधार वाले इस जिले में संगठन को फिर खड़ा करने की कोशिश में जुटी है ताकि दलित वोट बैंक पर दोबारा पकड़ बनाई जा सके.
आज देश में फिरकापरस्त ताकतों से राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी लड़ रहे हैं।
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हमारे साथ जो नेता आज पार्टी में शामिल हुए हैं, मैं उन सभी को बधाई देता हूं।
कांग्रेस पार्टी में आने के लिए हमें प्रभारी श्री @AdvRajendraPal जी, प्रदेश अध्यक्ष श्री @kashikirai जी और सांसद श्री… pic.twitter.com/2QyRoK7Svd
अंबेडकर नगर जिले की पांचों सीट पर क्या है जातीय समीकरण
- कटेहरी सीट पर कुर्मी, निषाद और ब्राह्मण मतदाता सबसे ज्यादा निर्णायक वोट बैंक हैं. यही वजह है कि इस सीट पर प्रमुख दल अक्सर पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार को ही चुनाव मैदान में उतारते हैं.
- टांडा सीट की बात करें तो इस सीट पर मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में हैं. इसके अलावा यहां यादव और अन्य पिछड़ी जातियां भी अहम भूमिका में रहती हैं.
- जलालपुर सीट पर मुस्लिम और ब्राह्मण मतदाताओं के बीच संतुलन नतीजा तय करता रहा है.
- अकबरपुर सीट पर राजभर और अन्य पिछड़ी जातियों का प्रभाव हैं. साथ ही यहां मुस्लिम मतदाता भी बड़ी भूमिका में रहते हैं.
- अलापुर (सुरक्षित) सीट पर दलित मतदाता सबसे बड़ा समूह है. इसके अलावा यादव और मुस्लिम मतदाता भी यहां काफी प्रभावशाली हैं.
"आने वाले समय में जनता अपने मतदान से इस सरकार को हमेशा हमेशा के लिए बुलडोज कर देगी।"
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• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/zbryl4GEcC
FAQ
सवाल: अंबेडकर नगर जिले में कुल कितनी विधानसभा सीटें हैं?
जवाब: अंबेडकर नगर जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं, कटेहरी, टांडा, जलालपुर, अकबरपुर और अलापुर.
सवाल: इनमें से कौन-सी सीट आरक्षित है?
जवाब: अलापुर सीट अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित है, बाकी चारों सीटें सामान्य श्रेणी की हैं.
सवाल: 2022 चुनाव में अंबेडकर नगर जिले में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
जवाब: सपा ने सभी पांच सीटों पर जीत दर्ज की, भाजपा और बसपा दोनों का जिले में खाता तक नहीं खुल सका.
सवाल: कटेहरी सीट पर अभी किसका कब्जा है?
जवाब: 2022 में सपा के लाल जी वर्मा यहां से जीते थे, मगर सांसद बनने के बाद खाली हुई इस सीट पर नवंबर 2024 के उपचुनाव में भाजपा के धर्मराज निषाद ने बड़ी जीत दर्ज की.
सवाल: अंबेडकर नगर जिले की आबादी में हिंदू और मुस्लिम समुदाय का हिस्सा कितना है?
जवाब: जनगणना 2011 के अनुसार जिले में हिंदू आबादी करीब 80 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी करीब 19 प्रतिशत है.
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