Nandigram Bypoll: कांग्रेस पहुंची Calcutta High Court, BJP उम्मीदवार के हलफनामे पर उठाए सवाल
कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने बुधवार को कहा कि उसने नंदीग्राम उपचुनाव में अपने उम्मीदवार मिलन प्रधान की जमानत के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है और पार्टी ने भाजपा प्रत्याशी हासीरानी रथ के हलफनामे में कथित विसंगतियों को चुनौती देते हुए एक रिट याचिका भी दायर की। कांग्रेस ने कहा कि रिट याचिका में, हलफनामे में कथित विसंगतियों और इस मामले में निर्वाचन आयोग की ‘‘कार्रवाई या निष्क्रियता’’ की न्यायिक समीक्षा का भी अनुरोध किया गया है। नंदीग्राम में उपचुनाव छह अक्टूबर को होना है।
चुनाव प्रचार चार अक्टूबर को खत्म हो जाएगा और मतगणना नौ अक्टूबर को होगी। नंदीग्राम में 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के सिलसिले में प्रधान को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया था। 2007 के मामले में चार लंबित गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट को लेकर एक अदालत ने उन्हें तीन अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एक अन्य अदालत ने उन्हें दो दशक पुराने शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में पांच अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कांग्रेस ने अपनी रिट याचिका में दावा किया कि भाजपा उम्मीदवार रथ के हलफनामे में कहा गया है कि उनकी उम्र ‘‘60 साल से अधिक’’ है और उन्होंने 1965 में 10वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिससे उनकी उम्र और शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के समय में विसंगति का पता चलता है। रथ ने हलफनामे में अपनी जन्मतिथि का जिक्र नहीं किया और अपनी आयु ‘‘60 साल से अधिक’’ बताई है।
शैक्षणिक योग्यता वाले ‘कॉलम’ में, रथ ने बताया कि उन्होंने 1965 में चौखली गंगा पद्मा मिलन कन्या विद्यापीठ (उच्च माध्यमिक) से 10वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। ये प्रविष्टियां एक समान नहीं हैं। अगर रथ 2026 में 60 वर्ष की थीं, तो उनका जन्म 1966 के आसपास हुआ होगा, यानी 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के एक साल बाद, जैसा कि चुनावी हलफनामे में बताया गया है।
अगर वह 65 साल की थीं, तो उनका जन्म 1961 के आसपास हुआ होगा, जिसका मतलब है कि उन्होंने लगभग चार साल की उम्र में 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। इसके उलट, यदि उन्होंने 10वीं कक्षा आम तौर पर 14-16 साल की उम्र में उत्तीर्ण की होगी, तो उनका जन्म 1949-51 के आस-पास हुआ होगा, जिससे 2026 में उनकी उम्र लगभग 75-77 साल होगी। कांग्रेस ने एक बयान में कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शुभंकर सरकार के निर्देशों पर अमल करते हुए, पार्टी ने आज कलकत्ता उच्च न्यायालय में, नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की ओर से जमानत याचिका दायर की।
साथ ही, भाजपा प्रत्याशी हासीरानी रथ द्वारा जमा किए गए हलफनामे और उसमें कथित विसंगतियों पर निर्वाचन आयोग के जवाब से जुड़ी एक रिट याचिका दायर की।’’ बयान में कहा गया है कि रिट कार्यवाही के लिए, सरकार ने मीता चक्रवर्ती को प्रदेश कांग्रेस की वकील और प्रतिनिधि के तौर पर काम करने के लिए अधिकृत किया है। इसमें वकालतनामा पर हस्ताक्षर करना और वकीलों को नियुक्त करना भी शामिल है। चक्रवर्ती प्रदेश कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग की अध्यक्ष तथा दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस कमेटी की प्रमुख हैं।
बयान के अनुसार, अधिवक्ता अजितेश पांडे एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड हैं।
युद्ध पर लंबी-चौड़ी फेंक रहे थे ट्रंप, UN में ईरान ने कर दिया बेइज्जत
एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। दोनों तरफ से जोरदार हमले हो रहे हैं तो दूसरी ओर जंग अब उस मोड़ पर दिखाई दे रही है जहां अगला कदम सिर्फ मैदान जंग नहीं बल्कि कूटनीति के मेज पर भी तय होगा। एक तरफ ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य दबाव और हमलों का सिलसिला जारी है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान को लेकर एक बार फिर बेहद सख्त संदेश दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनके सामने अब एक बड़ा फैसला है कि ईरान के साथ डील की जाए या फिर उसके खिलाफ कारवाई को और आगे बढ़ाया जाए। ट्रंप के इसी भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधि मंडल ने यूएनजीए हॉल से वॉकआउ कर दिया। ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तेहरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि अमेरिका तब तक दबाव जारी रखेगा जब तक ईरान परमाणु हथियारों से जुड़ी चिंताओं का समाधान नहीं करता। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद नहीं करता और उन गतिविधियों से पीछे नहीं हटता जिन्हें अमेरिका आतंकवाद के समर्थन के रूप में देखता है।
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ट्रंप ने यह भी दोहराया कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। ट्रंप ने अपने भाषण में अमेरिकी सैन्य अभियानों का भी बचाव किया। उन्होंने दावा किया अमेरिकी अभियानों ने ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। हालांकि इन अभियानों और उनके प्रभावों को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावे सामने आते रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि मुझे एक बड़ा फैसला लेना है। जब डील हो जाएगी तो क्या हम पहले से कहीं बेहतर देश बनाएंगे? शायद मध्यपूर्व या दुनिया के सबसे महान देशों में से एक या मैं खत्म कर दूं और क्या मैं उन्हें जल्दी खत्म कर दूं ताकि उन्हें लोगों और देशों को मारने और बर्बाद करने का मौका मिले ही ना। ट्रंप ने कहा कि क्या मैं उन्हें ऐसी जगह धकेल दूं जहां बचने का कोई मौका ना हो और भविष्य में महानता और इज्जत की कोई उम्मीद ना रहे। ट्रंप का यह बयान उनकी उस बात के कुछ दिन बाद आया है जिनमें ट्रंप ने एग्जिओस को बताया था कि ईरान युद्ध में वे ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां बड़े हमले फिर से शुरू करने हैं या नहीं यह तय करना पड़ेगा।
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यूएन मंच पर उन्होंने इसी मुद्दे को और ज्यादा खोल कर रख दिया और दुनिया को संकेत भी दिया कि आने वाले समय में क्या-क्या हो सकता है। संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने के बाद अमेरिका ईरान के साथ समझौता कर सकता है। ट्रंप के मुताबिक मुझे ऐसा लगता है कि हम चुनाव के ठीक बाद डील कर लेंगे क्योंकि उनके लिए ऐसा ना करना समझदारी नहीं है। वे यह देखने का इंतजार कर रहे हैं कि मैं मिड टर्म चुनाव में कैसा प्रदर्शन करता हूं। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि तेहरान फिलहाल इंतजार की नीति पर है और अमेरिकी घरेलू राजनीति का नतीजा देखना चाहता है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल के वॉकआउट के बावजूद कूटनीतिक संपर्क जारी रहा। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के जरिए कई घंटों तक बातचीत हुई खबरें ऐसी सामने आ रही हैं।
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