Responsive Scrollable Menu

क्या है स्वदेशी प्लेटफॉर्म Zoho? जिसे रेलमंत्री भी रहे इस्तेमाल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को देगा टक्कर

क्या है स्वदेशी प्लेटफॉर्म Zoho? जिसे रेलमंत्री भी रहे इस्तेमाल, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल को देगा टक्कर

Continue reading on the app

'बुरांश का जल्दी खिलना खतरे की घंटी':नौटियाल बोले- सरकार इसे हल्के में ले रही; पर्यावरणविद का दावा- ये स्थायी बदलाव नहीं

उत्तराखंड का राज्य वृक्ष बुरांश पर इस बार समय से पहले ही फूल खिलने लगे हैं। आमतौर पर मार्च-अप्रैल में पहाड़ इसके रंग से भर जाते थे, लेकिन इस साल बारिश और बर्फबारी न होने से सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में बारिश और बर्फबारी ना होना ही बुरांश जल्दी खिलने की वजह माना जा रहा है। मामले पर एक्टिविस्ट अनूप नौटियाल इसे गवर्नेंस और पॉलिसी से जोड़कर देख रहे हैं, उनका कहना है की बुरांश का जल्दी खिलना कोई नई बात नहीं है, मुद्दा ये है कि सरकार क्लाइमेट चेंज के लिए कुछ कर नहीं रही है। वहीं, पर्यावरणविद एसपी सती कहते हैं कि इसे बुरांश की प्राकृतिक टेंडेंसी और मौसम की वेरिएबिलिटी के तौर पर भी समझना चाहिए। यह कोई स्थायी चीज नहीं है, अगर बारिश जल्दी हो तो बुरांश पहले की तरह मार्च-अप्रैल में ही खिलता हुआ दिखेगा। सूखे के बीच समय से पहले खिलना, बदलते मौसम की तरफ इशारा आमतौर पर बसंत ऋतु में बुरांश के फूल पहाड़ों की खूबसूरती बढ़ाते हैं। माघ, फागुन, चैत्र, बैशाख के महीनों में पहाड़ी इलाकों में मौसमी फल-फूलों की गतिविधि बढ़ती है और मार्च-अप्रैल में बुरांश अपने पीक पर रहता है। लेकिन इस साल बारिश और बर्फबारी न होने से सूखे जैसे हालात हैं। ऐसे में बुरांश का जल्दी खिलना इस बात की तरफ इशारा कर रहा है कि तापमान और नमी के पैटर्न में बदलाव के साथ पौधों की प्रतिक्रिया भी बदल रही है। उत्तराखंड का राजकीय वृक्ष, हिमाचल-नागालैंड का राजकीय पुष्प बुरांश उत्तराखंड का राजकीय वृक्ष है। जबकि यह हिमाचल प्रदेश और नागालैंड का राजकीय पुष्प भी है। नेपाल में भी बुरांश के फूल को राष्ट्रीय फूल घोषित किया गया है। यही वजह है कि बुरांश सिर्फ उत्तराखंड की पहचान नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र की एक अहम प्राकृतिक पहचान माना जाता है। अनूप नौटियाल बोले- 'ये क्लाइमेट नहीं, गवर्नेंस का भी इश्यू है' अनूप नौटियाल का कहना है कि बुरांश का समय से पहले खिलना कोई पहली बार की घटना नहीं है। उनके मुताबिक यह बदलाव पिछले कई सालों से देखा जा रहा है, इसलिए सवाल सिर्फ “क्यों हो रहा है” का नहीं, बल्कि यह भी है कि इसे लेकर कोई गंभीर स्टडी और नीति स्तर पर तैयारी क्यों नहीं हुई। 'ये बुरांश की प्रकृति में भी है, इसे स्थायी बदलाव मत मानिए' पर्यावरणविद एसपी सती का कहना है कि बुरांश का जल्दी खिलना हमेशा “स्थायी परिवर्तन” का संकेत नहीं होता। उनके मुताबिक बुरांश मौसम के बदलावों को काफी हद तक एकॉमॉडेट कर लेता है और बारिश, ठंड या तापमान के हिसाब से फूलने में फ्लक्चुएशन दिखाता है। सती के मुताबिक अगर यह बदलाव स्थायी रूप से होने लगे तो उसे जेनेटिक चेंज की तरह देखा जा सकता है, लेकिन अभी इसे पूरी तरह “परमानेंट” मान लेना सही नहीं है। उनके मुताबिक अगले साल अगर दिसंबर से मार्च के बीच बारिश का पैटर्न बदल जाए तो फूलने का समय भी पुराने ढंग में लौट सकता है। 'क्लाइमेट वेरिएबिलिटी बढ़ रही, कई प्रजातियां अपना सीजन बदलती हैं' एसपी सती के मुताबिक मौसम में वेरिएबिलिटी बढ़ने से सिर्फ बुरांश नहीं, कई पौधे और जीव भी अपने व्यवहार में बदलाव दिखाते हैं। उनका कहना है कि कई प्रजातियां अपने ब्रीडिंग या सीजनल एक्टिविटी में बदलाव करती हैं, ताकि सर्वाइवल बना रहे। वहीं अनूप नौटियाल का कहना है कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्य में ऐसे संकेतों को केवल “नेचुरल फ्लक्चुएशन” कहकर हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह इकोलॉजिकल बदलाव का संकेत है और इसे लेकर राज्य को तैयारी और नीति स्तर पर सोचना होगा। अब समझिए बुरांश की अहमियत... --------------------- ये खबर भी पढ़ें... केदारनाथ-बद्रीनाथ में अभी तक नहीं जमी बर्फ:NASA की सैटेलाइट तस्वीरों में पहाड़ सूखे-काले; तुंगनाथ में 1985 के बाद पहली बार बर्फ गायब उत्तराखंड में इस बार सर्दियों के पीक सीजन में भी हिमालय के कई इलाकों में सामान्य के मुकाबले बहुत कम हिमपात रिकॉर्ड हुआ है। NASA FIRMS प्लेटफॉर्म से ली गई सैटेलाइट तस्वीरें इसकी गवाही दे रही हैं, जिसमें केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक धामों के आसपास के पहाड़ सूखे और काले नजर आ रहे हैं।(पढ़ें पूरी खबर)

Continue reading on the app

  Sports

भारतीय खिलाड़ियों की निगाह इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने पर, इंडिया ओपन में हो गए थे फेल

भारतीय बैडमिंटन प्लेयर पिछले सप्ताह घरेलू धरती पर खेले गए इंडिया ओपन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 5 लाख US डॉलर इनामी इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। Mon, 19 Jan 2026 14:27:57 +0530

  Videos
See all

वो तोड़ेंगे मंदिर मूर्तियां हम निभाएंगे भाईचारा ? Bangladesh Elections l Aurangzeb l Vote Jihad #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-19T09:38:14+00:00

Kuldeep Sengar Breaking News: 3 बजते ही कुलदीप सेंगर को बड़ा झटका | Delhi High Court | Latest #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-19T09:30:29+00:00

BJP मुख्यालय पहुंचे JP Nadda #bjp #aajtak #shorts #hindinews #delhi #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-19T09:30:28+00:00

Mumbai Mayor Election Live Updates : मुंबई मेयर को लेकर चौंकाने वाली खबर ! |BMC Election Result 2026 #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-19T09:35:15+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers