UP Election 2027: औरैया की 3 सीटों पर बिछी चुनावी बिसात...
Kursi Ka Countdown: 17 सितंबर 1997 को दो तहसीलों औरैया और बिधूना को जिला इटावा से अलग करके नए जिले औरैया के रूप में जोड़ा गया. जिला औरैया राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 (मुगल सराय रोड) पर स्थित है, यह इटावा जिला मुख्यालय के पूर्व में 64किमी और कानपुर शहर के पश्चिम में 105 किमी की दूरी पर है. औरैया में 7 ब्लाक हैं जिनके नाम हैं,औरैया, अजीतमल, बिधूना, सहार, अछल्दा, भाग्यनगर, एरवाकटरा. ‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात औरेया की…
औरैया जिले की तीन विधानसभा सीटों में फिलहाल समाजवादी पार्टी का दबदबा है. बिधूना (202) सीट पर 2022 में सपा की रेखा वर्मा ने भाजपा की रिया शाक्य को हराया था, जबकि दिबियापुर (203) में सपा के प्रदीप कुमार यादव ने भाजपा के लाखन सिंह राजपूत को महज 473 वोटों के अंतर से शिकस्त दी थी. वहीं, औरैया-एससी (204) सीट भाजपा के पास है, जहां 2022 में गुड़िया कठेरिया ने सपा के जितेंद्र कुमार दोहरे को हराया था. इस तरह जिले की तीन सीटों में दो पर सपा और एक पर भाजपा का कब्जा है.
औरैया जिले की कुल जनसंख्या और साक्षरता दर
2011 की जनगणना के अनुसार, उत्तर प्रदेश के औरैया जिले की कुल आबादी 13,79,545 है, जिसमें करीब 7.39 लाख पुरुष और 6.40 लाख महिलाएं हैं. जिले की साक्षरता दर 78.95% है. पुरुषों की साक्षरता दर 86.11%, जबकि महिलाओं की साक्षरता दर 70.61% है. यहां लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 864 महिलाएं हैं और जनसंख्या घनत्व 681 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है.
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औरैया जिले की धार्मिक जनसंख्या
2011 की जनगणना के अनुसार, औरैया जिले में हिंदू धर्म मानने वाली आबादी सबसे अधिक है. जिले की कुल 13,79,545 आबादी में करीब 92.32 फीसदी यानी 12,73,546 लोग हिंदू हैं. इसके बाद मुस्लिम आबादी 7.39 फीसदी यानी 1,01,963 है. जिले में ईसाई समुदाय की आबादी 0.07 फीसदी (1,004), सिख समुदाय की 0.03 फीसदी (371), बौद्ध समुदाय की 0.02 फीसदी (332) और जैन समुदाय की 0.02 फीसदी (228) है.
आइये सिलसिलेवार ढंग से जानते हैं, एक-एक सीट के बारे में...
1. औरैया (SC) सीट
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में औरैया जिले की औरैया (एससी) विधानसभा सीट (204) से बीजेपी की गुड़िया कठेरिया ने जीत दर्ज की थी. उन्हें कुल 88,631 वोट (45.56%) मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के जितेंद्र कुमार दोहरे 66,184 वोट (33.82%) के साथ दूसरे स्थान पर रहे. बहुजन समाज पार्टी के रवि शास्त्री दोहरे को 36,159 वोट (18.48%) मिले और वह तीसरे स्थान पर रहे. गुड़िया कठेरिया ने जितेंद्र कुमार दोहरे को 22,447 वोटों के अंतर से हराया था.
2. बिधूना (202) सीट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में औरैया जिले की बिधूना (202) सीट पर समाजवादी पार्टी की रेखा वर्मा (97,257 वोट, 42.60%) ने भाजपा की रिया शाक्य (89,492 वोट, 39.38%) को 7,765 वोटों के अंतर से हराया, जबकि बसपा के गौरव रघुवंशी (32,220 वोट, 14.18%) तीसरे स्थान पर रहे.
3. दिबियापुर (203) सीट
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में औरैया जिले की दिबियापुर विधानसभा सीट (203) पर बेहद करीबी मुकाबला देखने को मिला. समाजवादी पार्टी के प्रदीप कुमार यादव ने 80,865 वोट (40.53%) हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी के लाखन सिंह राजपूत को 80,392 वोट (40.29%) मिले और वह दूसरे स्थान पर रहे. वहीं, बहुजन समाज पार्टी के अरुण कुमार दुबे (लाले दुबे) को 31,500 वोट (15.79%) मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे. प्रदीप कुमार यादव ने लाखन सिंह राजपूत को महज 473 वोटों के अंतर से हराया था.
अब आगे क्या होगा?
औरैया जिले की तीनों विधानसभा सीटों बिधूना (202), दिबियापुर (203) और औरैया (204) में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और भाजपा के बीच मुकाबले की चर्चा है. मौजूदा स्थिति में बिधूना और दिबियापुर से समाजवादी पार्टी की रेखा वर्मा और प्रदीप कुमार यादव विधायक हैं, जबकि औरैया (एससी) सीट से भाजपा की गुड़िया कठेरिया विधायक हैं.
बिधूना सीट के बारे में राजनीतिक चर्चाओं में स्थानीय सामाजिक और जातीय समीकरणों को अहम बताया जाता है, जबकि दिबियापुर में पिछले विधानसभा चुनावों के नतीजों के आधार पर सपा और भाजपा के बीच करीबी मुकाबले का इतिहास रहा है. वहीं, औरैया (एससी) सीट पर भाजपा के सामने अपनी मौजूदा स्थिति बनाए रखने की चुनौती और स्थानीय मुद्दों की भूमिका को लेकर चर्चा होती रही है. हालांकि, 2027 का चुनाव अभी भविष्य में है, इसलिए फिलहाल किसी सीट के संभावित नतीजे को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी.
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बीजेपी ने जारी की राज्यों के प्रभारियों की नई लिस्ट, यूपी-पंजाब समेत इन राज्यों में बदली जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई जिम्मेदारियां तय की हैं. पार्टी की ओर से यह बदलाव ऐसे समय किया गया है, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं. नई नियुक्तियों में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है.
उत्तर प्रदेश की कमान विनोद तावड़े को
उत्तर प्रदेश में पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. तावड़े के लिए यह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं.
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद तावड़े उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक बैठकों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा भी कर चुके हैं. उन्होंने वरिष्ठ नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के साथ संगठन की स्थिति पर चर्चा की है.
यूपी में संगठन पर फोकस
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा विधानसभा वाला राज्य है और यहां चुनावी तैयारियां काफी पहले शुरू हो जाती हैं. तावड़े की जिम्मेदारी में प्रदेश संगठन के साथ समन्वय, बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों की समीक्षा और चुनावी तैयारियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर काम करना शामिल रहेगा.
तावड़े के साथ जगदीश पटेल को सह-प्रभारी बनाए जाने से राज्य संगठन में केंद्रीय नेतृत्व और स्थानीय इकाइयों के बीच समन्वय की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी.
पंजाब में सतीश पूनिया को जिम्मेदारी
पंजाब में पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी नियुक्त किया है, जबकि अलका गुर्जर को सह-प्रभारी बनाया गया है.
पंजाब में भी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में नई नियुक्तियों को राज्य में संगठन को चुनाव के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. पूनिया के सामने राज्य संगठन के साथ तालमेल और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी.
राजस्थान में संजय भाटिया प्रभारी
राजस्थान में संजय भाटिया को प्रभारी बनाया गया है. उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है.
राजस्थान में हाल ही में विधानसभा चुनाव हो चुके हैं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर नई जिम्मेदारियों के जरिए पार्टी ने राज्य में अपनी व्यवस्था को आगे बढ़ाने का काम जारी रखा है.
महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा को जिम्मेदारी
महाराष्ट्र में पार्टी ने बैजयंत जय पांडा को प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ अमित मालवीय, सदानंद शेट तनावाडे और कमलजीत सहरावत को सह-प्रभारी बनाया गया है.
यहां चार नेताओं की टीम राज्य संगठन के साथ मिलकर पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाएगी. बैजयंत पांडा इससे पहले भी पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं.
बिहार में हरीश द्विवेदी, छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी
बिहार में हरीश द्विवेदी को प्रभारी नियुक्त किया गया है. उनके साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता सह-प्रभारी की भूमिका निभाएंगे.
वहीं छत्तीसगढ़ में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को प्रभारी बनाया गया है और सिद्धार्थ शम्भू को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है.
स्मृति ईरानी को संगठन में नई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना हालिया फेरबदल का एक प्रमुख हिस्सा है. इससे पहले उन्हें पार्टी की राष्ट्रीय टीम में भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई थी.
नई नियुक्तियों का क्या मतलब?
राज्य प्रभारियों की भूमिका किसी प्रदेश में पार्टी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच समन्वय की होती है. वे प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठकें करते हैं, संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करते हैं और पार्टी की केंद्रीय रणनीति को राज्य स्तर पर लागू कराने में भूमिका निभाते हैं.
खास तौर पर उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे चुनावी राज्यों में इन नियुक्तियों का महत्व बढ़ जाता है. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए विनोद तावड़े ने संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा शुरू कर दी है, जबकि पंजाब में सतीश पूनिया को नई जिम्मेदारी दी गई है.
चुनावी राज्यों पर खास नजर
पार्टी का यह संगठनात्मक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब अगले विधानसभा चुनावों के लिए राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं. नई टीम में अनुभवी नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है.
अब इन प्रभारियों के सामने प्रदेश संगठन के साथ समन्वय मजबूत करने, स्थानीय मुद्दों की समीक्षा करने और पार्टी की चुनावी तैयारियों को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी होगी. उत्तर प्रदेश और पंजाब में आने वाले महीनों में इन नेताओं की गतिविधियां खास तौर पर चर्चा में रह सकती हैं.
इस नई नियुक्ति सूची के जरिए पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास किया है. आने वाले समय में इन प्रभारियों की बैठकों, राज्य दौरों और संगठनात्मक फैसलों से यह स्पष्ट होगा कि संबंधित राज्यों में पार्टी किस तरह अपनी चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाती है.
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