IND vs WI : किस भारतीय बल्लेबाज ने वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI में लगाए हैं सबसे ज्यादा छक्के, देखें टॉप-10 बैटर्स की लिस्ट
IND vs WI : क्रिकेट के इतिहास की शुरुआत में अगर आप आएंगे तो सबसे मजबूत टीमों में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का नाम शुमार होगा. लेकिन आज के समय में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम दुनिया की सबसे कमजोर टीमों में गिनी जाने लगी है. अब वेस्टइंडीज क्रिकेट भारत का दौरा करने वाली है, जहां उसे व्हाइट बॉल सीरीज खेलनी है, जिसमें 3 वनडे और 5 टी20 मैच शामिल होंगे. ये सभी मुकाबले भारत में खेले जाएंगे.
भारत और वेस्टइंडीज की बीच सबसे पहला वनडे सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से होगी, जबकि इसका अंतिम मैच 3 अक्टूबर को खेला जाएगा. इस सीरीज में इंडियन क्रिकेट टीम को रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी खेलते हुए देखने के लिए मिलने वाले हैं. ऐसे में इस सीरीज की शुरुआत से पहले आज हम आपको वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले टॉप-10 भारतीय बल्लेबाजों के बारे में बताने वाले हैं.
वेस्टइंडीज के खिलाफ ODI में सबसे ज्यादा छक्के लगाने भारतीय बल्लेबाज
वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के खिलाफ वनडे क्रिकेट के अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड इंडियन क्रिकेट टीम के 39 वर्षीय दाएं हाथ के बल्लेबाज रोहित शर्मा ने नाम है. रोहित के अलावा किन अन्य 9 बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के वनडे क्रिकेट में लगाए हैं और कौन टॉप 10 की लिस्ट में शामिल हैं. आइए जानते हैं.
2️⃣1️⃣st 100-run partnership in ODIs ????
— BCCI (@BCCI) July 19, 2026
Rohit Sharma ???? Virat Kohli ????
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1 - रोहित शर्मा
भारत के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज हैं. रोहित ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में 2009 से लेकर 2023 तक 37 मैचों की 35 पारियों में कुल 35 छक्के लगाए हैं. हिटमैन ने 175 चौकों की मदद से इस टीम के खिलाफ 1613 रन भी स्कोर किए हैं.
2 - एमएस धोनी
इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और कैप्टन कूल ने नाम से पहचाने जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी वेस्टइंडीज के खिलाफ खिलाड़ी वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर हैं. धोनी ने 2005 से लेकर 2019 तक 39 मुकाबलों की 33 पारियों में कुल 28 छक्के लगाए हैं. उनके वेस्टइंडीज के खिलाफ 1005 रन भी बनाए हैं.
3 - विराट कोहली
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा छक्के लागने वाले इंडियन क्रिकेट टीम के तीसरे नंबर के बल्लेबाज हैं. विरटा ने 2009 से लेकर 2023 तक 43 मैचों की 41 पारियों में 25 छक्के लगाए हैं. किंग कोहली के नाम वेस्टइंडीज के खिलाफ 2261 रन भी दर्ज हैं.
4 - श्रेयस अय्यर
वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लागने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में श्रेयस अय्यर चौथे स्थान पर बने हुए हैं. अय्यर ने अब तक वेस्टइंडीज के खिलाफ 2019 से लेकर 2022 तक 10 मचों की 9 पारियों में कुल 15 छक्के लगाए हैं. उनके नाम कुल 507 रन भी दर्ज हैं.
Presenting #TeamIndia's newest T20I captain ????????
— BCCI (@BCCI) June 6, 2026
Congratulations to Shreyas Iyer as he takes the helm in the shortest format of the game ????@ShreyasIyer15 pic.twitter.com/frfAXAOkTA
5 - वीरेंद्र सहवाग
भारत के पूर्व क्रिकेटर और विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारत के नंबर-5 बल्लेबाज हैं. सहवाग ने कैरिबियाई टीम के खिलाफ 2001 से लेकर 2011 तक 27 मैचों की 27 पारियों में कुल मिलाकर 15 छक्के लगाए हैं. उन्होंने इस टीम के खिलाफ 836 रन भी बनाए हैं.
6 - युवराज सिंह
भारत के बाएं हाथ के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज युवराज सिंह भी इस लिस्ट में शामलि हैं. युवराज सिंह भारत की ओर से वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में छठवें स्थान पर हैं. उन्होंने 2002 से लकर 2017 तक कुल 15 छक्के लगाए हैं. युवराज ने इस टीम के साथ 95 चौकों की मदद से 987 रन भी बनाए हैं.
7 - शिखर धवन
इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज शिखर धवन जो गब्बर के नाम से जाने जाते हैं. वो भी इस लिस्ट में शामिल हैं. धवन वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय प्लेयर्स की लिस्ट में सातवें नंबर पर हैं. उनहोंने 2011 से लेकर 2022 तक 31 मैचों की 30 पारियों में 14 छक्के लगाए हैं.
8 - सौरव गांगुली
भारतीय क्रिकेट टीम को आगे भढ़ाने वाले और भविष्य संवारे वाले पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज सौरव गांगुली भी वेस्टइंडडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे क्रिकेट में छक्के लगाने वाले आठवें खिलाड़ी हैं, गांगुल ने 1992 से लेकर 2007 तक 27 मैचों की 27 पारियों में अपने बल्ले से कुल 13 छक्के लगाए हैं.
9 - कृष्णमाचारी श्रीकांत
10 - कपिल देव
| रैंक | भारतीय बल्लेबाज | छक्के |
|---|---|---|
| 1 | रोहित शर्मा | 35 |
| 2 | एमएस धोनी | 28 |
| 3 | विराट कोहली | 25 |
| 4 | श्रेयस अय्यर | 15 |
| 5 | वीरेंद्र सहवाग | 15 |
| 6 | युवराज सिंह | 15 |
| 7 | शिखर धवन | 14 |
| 8 | सौरव गांगुली | 13 |
| 9 | कृष्णमाचारी श्रीकांत | 13 |
| 10 | कपिल देव | 11 |
भारत की एथेनॉल मांग वित्त वर्ष 31 तक बढ़कर 17.9 अरब लीटर पहुंचने की उम्मीद
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की एथेनॉल इंडस्ट्री नई क्षमता लगाने के नहीं, बल्कि क्षमता उपयोग के चरण में प्रवेश कर चुकी है और ई25 मिश्रण लागू होने की स्थिति में देश में एथेनॉल की मांग वित्त वर्ष 31 तक बढ़कर बेस केस (सामान्य) स्थिति में 17.9 अरब लीटर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
ब्रिकवर्क रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, 18.25 अरब लीटर की मौजूदा डिस्टिलेशन क्षमता बेस और बेयर केस स्थिति के तहत मांग को पूरा करने के लिए पहले से ही पर्याप्त है।
बेस केस के हिसाब से, मौजूदा 18.25 अरब लीटर क्षमता का लगभग 98 प्रतिशत इस्तेमाल होगा। अगर ब्लेंडिंग ई20 पर बनी रहती है, तो बेयर केस (सबसे खराब स्थिति) में मांग 14.3 अरब लीटर रहने का अनुमान है, जिसका मतलब है कि क्षमता का लगभग 78 प्रतिशत इस्तेमाल होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर ब्लेंडिंग ई30 के स्तर तक पहुंचती है, तो बुल केस (सबसे अच्छे हालात) में वित्त वर्ष 2031 तक एथेनॉल की मांग 21.5 अरब लीटर तक पहुंच सकती है। इससे मांग मौजूदा क्षमता से लगभग 18 प्रतिशत ज्यादा हो जाएगी।
इस दौरान ई30 का स्तर वह मोड़ होगा जब यह सेक्टर मौजूदा संसाधनों के इस्तेमाल से आगे बढ़कर नई क्षमता बनाने की जरूरत की ओर बढ़ेगा।
रेटिंग एजेंसी का मानना है कि इसके चलते, ब्लेंडिंग पॉलिसी की रफ्तार ही अतिरिक्त पूंजीगत व्यय और सेक्टर की ग्रोथ तय करने वाला मुख्य कारक बनी रहेगी।
रिपोर्ट में कहा गया, फीडस्टॉक में संरचनात्मक बदलाव से मांग का परिदृश्य भी बदल रहा है। ईएसवाई26 के पहले चरण के आवंटन में अनाज-आधारित रूट की हिस्सेदारी 72 प्रतिशत थी, जबकि चीनी-आधारित रूट की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत थी। यह 2021 के रोडमैप में तय किए गए 55:45 (चीनी-अनाज) के अनुपात के ठीक उलट है।
अकेले मक्के की हिस्सेदारी कुल आवंटन में 45.7 प्रतिशत थी। हालांकि, अनाज-आधारित डिस्टिलरीज के ईबीआईटीडीए मार्जिन में गिरावट देखी गई है, वित्त वर्ष 21 में यह 9.2 प्रतिशत था जो वित्त वर्ष 25 में घटकर 6.7 प्रतिशत रह गया, जिससे फीडस्टॉक की लागत का दबाव साफ पता चलता है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया, ई20 का लक्ष्य काफी हद तक हासिल हो चुका है और पर्याप्त क्षमता पहले से मौजूद है, इसलिए अब इस सेक्टर का ध्यान क्षमता के बेहतर इस्तेमाल, फीडस्टॉक के अनुकूलतम उपयोग और मौजूदा संपत्तियों से कमाई करने पर केंद्रित होने की उम्मीद है।
अगर ब्लेंडिंग ई30 की ओर बढ़ती है, तो नई डिस्टिलेशन क्षमता और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
रिपोर्ट में एथेनॉल सेक्टर के लिए क्रेडिट आउटलुक को स्थिर बनाए रखा गया है। इसके पीछे सरकार द्वारा नियंत्रित खरीद और मूल्य निर्धारण, ई20 ब्लेंडिंग के लक्ष्य को हासिल करना और अक्टूबर 2025 तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा इस सेक्टर को 420 अरब रुपए से अधिक की मंजूरी जैसे कारक हैं।
--आईएएनएस
एबीएस
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