2030 तक हेपेटाइटिस 'बी' और 'सी' को खत्म करने के लिए भारत प्रतिबद्ध, यूएनजीए में दोहराया संकल्प
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस से निपटने और हेपेटाइटिस बी और सी को जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करके यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने यूएनजीए 81 के साइड इवेंट एडवांसिंग ग्लोबल एक्शन टू एलिमिनेट हेपेटाइटिस को संबोधित किया। यह कार्यक्रम हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए यूएन ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स द्वारा आयोजित किया गया था।
स्वास्थ्य सचिव ने हेपेटाइटिस से निपटने पर 2030 के एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) एजेंडा और 2030 तक हेपेटाइटिस बी और सी को जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने के वैश्विक लक्ष्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान, उपचार और देखभाल में भारत की व्यापक और लोगों पर केंद्रित प्रतिक्रिया पर प्रकाश डाला।
भारत ने हर स्तर पर अपने प्रयासों को मजबूत किया है। इसमें गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग और हेपेटाइटिस बी टीकाकरण से लेकर मुफ्त जांच और इलाज, सुरक्षित रक्त आधान सेवाएं और नशे के लिए इंजेक्शन लेने वाले लोगों के लिए परामर्श और पुनर्वास सहायता शामिल है।
इन प्रयासों का पैमाना आंकड़ों में दिखता है। भारत में 22.5 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है जबकि 6,52,000 से ज्यादा मरीजों को मुफ्त इलाज मिला है। पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने 2030 के लक्ष्यों की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए निरंतर वैश्विक सहयोग, रोकथाम, जांच और उपचार तक समान पहुंच और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत वायरल हेपेटाइटिस से निपटने और 2030 तक इसे जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने के लिए समन्वित, सुलभ और समान कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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जबलपुर में चलती कार बनी आग का गोला, नर्मदा दर्शन कर लौट रहा था परिवार, सूझबूझ से बचीं जानें
जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र में लम्हेटा घाट के पास देर रात एक बड़ा हादसा होने से टल गया। यहाँ नर्मदा दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की चलती कार में अचानक आग लग गई। कार से उठती लपटें देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दरअसल, सही समय पर स्थानीय लोगों की नजर कार से निकलते धुएं पर पड़ गई, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया और कार सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए।
लोगों ने चेताया, चालक की सूझबूझ से बची जान
कार जैसे ही लम्हेटा घाट के करीब पहुंची, उसमें से अचानक चिंगारी और धुआं निकलने लगा। राहगीरों ने तुरंत शोर मचाकर कार चालक को इसकी जानकारी दी। खतरा भांपते ही चालक ने बिना एक पल गंवाए गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा किया। इसके बाद कार में सवार महिलाओं और बच्चों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। लोगों के बाहर निकलते ही पूरी कार आग का गोला बन गई।
फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना तुरंत तिलवारा थाना पुलिस को दी गई। खबर मिलते ही पुलिस टीम दमकल की गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। आपको बता दें कि फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कार में जलती भयंकर आग और उठते धुएं की वजह से हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात भी पूरी तरह थम गया था।
नर्मदा दर्शन कर लौट रहा था परिवार
मिली जानकारी के अनुसार कार में सवार परिवार नर्मदा जी के दर्शन करके अपने घर लौट रहा था। गनीमत यह रही कि समय रहते सभी लोग बाहर निकल आए, वरना कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई। दरअसल, अब तिलवारा थाना पुलिस मामला दर्ज कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कार में आग शॉर्ट सर्किट से लगी या कोई और वजह थी।
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