नोएडा : मौसम में बदलाव के साथ बढ़ा डेंगू का प्रकोप, 12 दिन में 85 मरीज मिले, अस्पतालों में अलर्ट जारी
नोएडा, 23 सितंबर (आईएएनएस)। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच जिले में एक बार फिर डेंगू का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव और बदलते मौसम के बीच मच्छरों से होने वाली इस बीमारी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बीते 24 घंटे में डेंगू के छह नए मरीजों की पुष्टि हुई है।
इसके साथ ही पिछले 12 दिनों के दौरान जिले में डेंगू से संक्रमित पाए गए मरीजों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। लगातार सामने आ रहे नए मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में पिछले करीब दो सप्ताह के दौरान प्रतिदिन औसतन सात नए डेंगू मरीज सामने आए हैं। कम समय में बड़ी संख्या में मरीजों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।
विभाग की ओर से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार को लेकर भी विशेष निगरानी रखने के लिए कहा गया है। मौसम में बदलाव के साथ डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं। घरों और आसपास जमा साफ पानी में एडीज मच्छर पनपता है, जो डेंगू संक्रमण का प्रमुख वाहक है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से घरों, सोसायटियों और आसपास के क्षेत्रों में पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जा रही है। कूलर, गमले, पुराने टायर, छतों और अन्य ऐसे स्थानों की नियमित जांच करने की सलाह दी गई है, जहां पानी कुछ दिनों तक जमा रह सकता है।
स्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर भी है कि बुखार, तेज सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, अथवा अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लोग लापरवाही न बरतें। चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से भी बचने की सलाह दी जा रही है। अस्पतालों में बढ़ते मामलों को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। साथ ही जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए मच्छररोधी गतिविधियों और जागरूकता अभियान को भी तेज करने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती डेंगू के संक्रमण की रफ्तार को नियंत्रित करना है। लगातार नए मरीज मिलने के कारण आने वाले दिनों में निगरानी और रोकथाम की गतिविधियों को और प्रभावी बनाए जाने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
पीकेटी/एसके
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
2030 तक हेपेटाइटिस 'बी' और 'सी' को खत्म करने के लिए भारत प्रतिबद्ध, यूएनजीए में दोहराया संकल्प
नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने 2030 तक वायरल हेपेटाइटिस से निपटने और हेपेटाइटिस बी और सी को जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करके यह जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने यूएनजीए 81 के साइड इवेंट एडवांसिंग ग्लोबल एक्शन टू एलिमिनेट हेपेटाइटिस को संबोधित किया। यह कार्यक्रम हेपेटाइटिस को खत्म करने के लिए यूएन ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स द्वारा आयोजित किया गया था।
स्वास्थ्य सचिव ने हेपेटाइटिस से निपटने पर 2030 के एसडीजी (सतत विकास लक्ष्य) एजेंडा और 2030 तक हेपेटाइटिस बी और सी को जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने के वैश्विक लक्ष्य के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने रोकथाम, स्क्रीनिंग, निदान, उपचार और देखभाल में भारत की व्यापक और लोगों पर केंद्रित प्रतिक्रिया पर प्रकाश डाला।
भारत ने हर स्तर पर अपने प्रयासों को मजबूत किया है। इसमें गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग और हेपेटाइटिस बी टीकाकरण से लेकर मुफ्त जांच और इलाज, सुरक्षित रक्त आधान सेवाएं और नशे के लिए इंजेक्शन लेने वाले लोगों के लिए परामर्श और पुनर्वास सहायता शामिल है।
इन प्रयासों का पैमाना आंकड़ों में दिखता है। भारत में 22.5 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है जबकि 6,52,000 से ज्यादा मरीजों को मुफ्त इलाज मिला है। पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने 2030 के लक्ष्यों की दिशा में प्रगति में तेजी लाने के लिए निरंतर वैश्विक सहयोग, रोकथाम, जांच और उपचार तक समान पहुंच और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत वायरल हेपेटाइटिस से निपटने और 2030 तक इसे जन स्वास्थ्य के खतरे के रूप में खत्म करने के लिए समन्वित, सुलभ और समान कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम
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