नोएडा में कार समेत दलदल में गिरा इंजीनियर, मौत:80 मिनट तक मदद के लिए चिल्लाता रहा; पिता को फोन कर कहा- मैं मरना नहीं चाहता
नोएडा में घने कोहरे की वजह से साफ्टवेयर इंजीनियर की दलदल में गिरकर मौत हो गई। वह करीब 80 मिनट तक पिता के सामने चिल्लाता रहा। उनसे फोन कर कहा- पापा मुझे बचा लो, मैं मरना नहीं चाहता। इसके बाद कार समेत नाले के पानी से भरे 30 फीट गहरे दलदल में समा गया। इंजीनियर युवराज मेहता अपनी ग्रैंड विटारा कार से गुरुग्राम से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। रास्ते में एटीएस ले ग्रांड के पास कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फीट गहरे पानी से भरे दलदल में गड्ढे में गिर गई। युवराज की कार गड्ढे में गिरते ही दलदल में समाने लगी। युवराज किसी तरह कार से निकलकर उसके ऊपर चढ़ गए। पिता को फोन करके पूरी घटना बताई। डायल-112 पर सूचना देकर पिता मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक सर्वेश सिंह भी फोर्स के साथ वहां आए। दमकल कर्मी भी छोटी-बड़ी क्रेन के साथ पहुंचे। युवराज से कुछ ही मीटर दूर पिता और तमाम फोर्स थी, लेकिन कोहरे की वजह से वह एक-दूसरे को देख नहीं पा रहे थे। वह मोबाइल का टॉर्च जलाकर चिल्लाता रहा- पापा मुझे बचा लो, मेरी कार डूब रही है। कुछ ही समय में उसकी आवाज आनी बंद हो गई। करीब ढाई घंटे बाद उसका शव निकाला गया। घटना शुक्रवार देर रात की है। पहले देखिए 4 तस्वीरें... अब पढ़िए पूरी घटना... 16 जनवरी की रात करीब 12 बजे युवराज मेहता (27) अपनी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा के सेक्टर-150 टाटा यूरिका पार्क जा रहे थे। सेक्टर-150 मोड़ पर यूटर्न था। कोहरे की वजह से उन्हें आगे का रास्ता नहीं दिखा और उनकी कार नाले को तोड़ते हुए पानी से भरे प्लॉट के गड्ढे में गिर गई। मॉल के बेसमेंट के लिए यहां 30 फीट का गड्ढा खोदा गया था। युवराज किसी तरह डूबती कार से बाहर निकलकर उसकी छत पर चढ़ गए। 12.20 बजे अपने पिता को फोन करके हादसे की जानकारी दी। पिता ने तुरंत डायल-112 पर घटना की सूचना दी। कुछ ही मिनट में पिता वहां पहुंच गए। करीब 30 मिनट बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें पहुंची। रात 1.15 बजे एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची। NDRF के पहुंचने से पहले डूब चुका था उस समय घने कोहरे की वजह से युवराज की सिर्फ आवाजें ही सुनाई दे रही थी। युवराज करीब 80 मिनट तक चिल्लाता रहा कि कोई मुझे बचा लो। कार जल्दी ही डूब जाएगी। लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर सकता। फिर पौने दो बजे के करीब गड्ढे भरे पानी में कार समेत युवराज डूब गए। 1.55 पर एनडीआरएफ की टीम भी गाजियाबाद से मौके पर पहुंची। सुबह करीब 4:30 शव को बाहर निकाला गया। 'कोई भी पानी में उतरने को तैयार नहीं था' घटना के चश्मदीद मुनेंद्र, जो एक डिलीवरी बॉय है। उन्होंने बताया- रात में डिलीवरी करते समय उन्होंने घटनास्थल पर भीड़ देखी। पुलिस भी मौजूद थी। एक लड़का मोबाइल की लाइट जलाकर मदद के लिए चिल्ला रहा था। लेकिन कोई भी व्यक्ति पानी में उतरने को तैयार नहीं हुआ। पुलिस ने भी पानी बहुत ठंडा और सरिया होने का हवाला देते हुए पानी में उतरने से इनकार कर दिया। इसके बाद मैंने अपनी कमर पर रस्सी बांधकर पानी में उतरने का प्रयास किया। लेकिन अंधेरा और कोहरा होने के कारण मुझे कुछ भी दिखाई नहीं दिया। पिता एसबीआई से रिटायर्ड सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसायटी निवासी राजकुमार मेहता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से निदेशक के पद से रिटायर्ड हैं। उनकी पत्नी की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। वह यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहती है। युवराज मेहता एकलौता बेटा था, जो गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित डनहमबी इंडिया कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर था। हादसे के बाद वहां मलबा गिराया घटना के बाद लोगों ने घटनास्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा- ये हादसा सिर्फ नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही की वजह से हुआ। इस कट पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। जिसके चलते कई बार प्राधिकरण को यहां बेरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाने के लिए कहा गया, लेकिन यहां कुछ नहीं किया गया। जब मामला बढ़ा तो, प्राधिकरण ने देर शाम घटनास्थल के पास सैकड़ों टन मलबा गिरा दिया। रेस्क्यू देर से शुरू हुआ दरअसल, ये प्लाट एससी-02 सेक्टर-150 है। ये प्लाट अभी खाली है। इसपर एक मॉल बनाया जाना था। बेसमेंट के लिए जमीन खोदी गई थी, लेकिन किसी वजह से मॉल का निर्माण नहीं हो सका। इसमें बगल के नाले से पानी भर गया था। जोकि दलदल का रूप ले लिया। लोगों का कहना है कि घटना करीब 12 बजे की है। कोहरे की वजह से समय से रेस्क्यू नहीं किया जा सका। सारी टीमें मौके पर मौजूद थी। इसके बाद भी युवक करीब 80 मिनट तक चिल्लाता रहा, उसे बचाया नहीं जा सका। तड़प-तड़पकर अपने पिता के सामने बेटे ने दम तोड़ दिया। ------------------ ये खबर भी पढ़ें.... सतुआ बाबा बोले- जलने वालों पर घी डालूंगा:साधु का कांटे पर तप, माघ मेले में कल सबसे बड़ा स्नान, 3 करोड़ लगाएंगे डुबकी प्रयागराज माघ मेले का आज 16वां दिन है। मेले में साधु-संतों के अलग-अलग अंदाज श्रद्धालुओं को खूब भा रहे हैं। एक साधु बिना कपड़ों के कांटों पर लेटे नजर आए। श्रद्धालु उनके साथ सेल्फी लेते दिखे। आज महाकुंभ में चर्चा में रहीं हर्षा रिछारिया भी मेले में पहुंचेंगी। पढ़ें पूरी खबर...
हरियाणा के ड्राइवर की ₹10 करोड़ की लॉटरी निकली:पंजाब का लोहड़ी बंपर टिकट खरीदा था; बेटा बोला- अब तो थार गाड़ी लेंगे
हरियाणा में सिरसा के रहने वाले पृथ्वी सिंह की 10 करोड़ रुपए की लॉटरी निकली है। पृथ्वी सिंह पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने पंजाब स्टेट डियर लॉटरी (लोहड़ी मकर संक्रांति बंपर 2026) में पहला इनाम जीतकर सबको हैरान कर दिया। इनाम जीतने की जानकारी मिलने के बाद पृथ्वी सिंह के घर में खुशी का माहौल है। परिवार ने ढोल-नगाड़े बजाकर और नोटों की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। पृथ्वी सिंह ने कहा कि इन पैसों से वह अपना खुद का काम शुरू करेंगे। वहीं बेटे ने कहा- अब तो थार गाड़ी लेंगे। अब सिलसिलेवार ढंग से पृथ्वी सिंह के बारे में जानिए... 2 बच्चों के पिता, पत्नी स्कूल में चपरासी पृथ्वी सिंह रानियां के पास मोहम्मदपुरिया गांव के रहने वाले हैं। इनके परिवार में पत्नी सुमन, बेटी रितिका, बेटा दक्ष और पिता देवीलाल हैं। पृथ्वी मजदूरी के साथ-साथ ड्राइवरी का भी काम करते हैं। इनकी पत्नी सुमन पास के ही एक स्कूल में चपरासी के पद पर कार्यरत है। पृथ्वी बोले- अपना काम शुरू करेंगे पृथ्वी ने बताया कि उन्होंने मदन लाल से लॉटरी का टिकट खरीदा था। इससे पहले भी उन्होंने एक बार टिकट खरीदा था, लेकिन तब नहीं निकला था। दूसरी बार में उन्हें सफलता मिली। उन्होंने कुल 3 टिकट खरीदे थे - पहला 500 रुपए का, दूसरा 200 रुपए का और तीसरा 100 रुपए का। उनमें से 500 रुपए का टिकट (नंबर 327706) निकला है। मदन लाल ने उन्हें फोन करके बताया कि उनकी लॉटरी निकल आई है, जिससे उन्हें बहुत खुशी हुई। वे इन पैसों से अपना खुद का काम शुरू करेंगे। नन्हे बेटे की मासूम जिद: "अब थार गाड़ी लेंगे" पृथ्वी सिंह के घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। उनके 6 वर्षीय बेटे दक्ष की मासूमियत ने सबका दिल जीत लिया। दक्ष ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पापा को 10 करोड़ रुपए मिले हैं, अब हम थार गाड़ी खरीदेंगे। उनकी पत्नी सुमन ने भी इसे भगवान का आशीर्वाद बताया और कहा कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी किस्मत ऐसे बदलेगी। टिकट विक्रेता बोले- 30 प्रतिशत टैक्स कटेगा किलियांवाली मंडी के टिकट विक्रेता मदन ने बताया कि वे कई सालों से लॉटरी टिकट बेचने का काम कर रहे हैं। उनके द्वारा बेचे गए टिकटों में 5 करोड़ से लेकर 5 लाख तक के इनाम निकले हैं। इस बार पृथ्वी सिंह का सबसे बड़ा इनाम निकला है। अब पृथ्वी को अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक की पासबुक और टिकट लेकर चंडीगढ़ के ऑफिस में जमा कराने होंगे। पेमेंट सीधे उनके खाते में आएगी, जिसमें से 30 प्रतिशत टैक्स कटेगा। इस तरह उन्हें करीब 7 करोड़ रुपए मिलेंगे
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