Protein Deficiency: शरीर में प्रोटीन कम है? रोजमर्रा में दिख सकते हैं ये 6 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज
Protein Deficiency: प्रोटीन को अक्सर सिर्फ मसल्स और जिम से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन यह शरीर के कई जरूरी कामों में भूमिका निभाता है। हर दिन की डाइट में प्रोटीन की जरूरत उम्र, शरीर, गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है।
अगर लंबे समय तक पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिल रहा हो, तो शरीर में थकान, कमजोरी, बाल झड़ना और जल्दी भूख लगना जैसे संकेत दे सकता है। हालांकि, इन लक्षणों का होना अकेले प्रोटीन की कमी साबित नहीं करता। प्रोटीन की कमी होने पर रोजमर्रा में ये 6 संकेत दिख सकते हैं।
1. हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना
अगर पर्याप्त आराम के बावजूद अक्सर शरीर में एनर्जी कम महसूस होती है या रोज के सामान्य काम पहले से ज्यादा मुश्किल लगने लगे हैं, तो डाइट पर ध्यान देना जरूरी है। प्रोटीन शरीर के ऊतकों और मांसपेशियों के रखरखाव में अहम भूमिका निभाता है।
2. मसल्स की ताकत कम होना
सीढ़ियां चढ़ने, सामान उठाने या सामान्य शारीरिक काम में पहले के मुकाबले जल्दी थकान महसूस होना एक संकेत हो सकता है। लंबे समय तक कम प्रोटीन मिलने पर मांसपेशियों के रखरखाव पर असर पड़ सकता है।
3. बाल ज्यादा झड़ना और नाखून कमजोर होना
बाल और नाखून भी प्रोटीन पर निर्भर करते हैं। डाइट में पर्याप्त प्रोटीन न मिलने पर कुछ लोगों में बालों का झड़ना, नाखूनों का कमजोर या टूटना जैसे बदलाव नजर आ सकते हैं।
4. खाना खाने के बाद भी जल्दी भूख लगना
अगर खाना खाने के थोड़ी देर बाद ही बार-बार कुछ खाने का मन करता है, तो अपनी पूरी डाइट पर नजर डालें। प्रोटीन पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है, इसलिए भोजन में इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को जल्दी भूख लग सकती है।
5. चोट या वर्कआउट के बाद रिकवरी धीमी होना
प्रोटीन शरीर में ऊतकों की मरम्मत और मांसपेशियों की रिकवरी में जरूरी भूमिका निभाता है। इसलिए लगातार कम प्रोटीन लेने पर एक्सरसाइज के बाद रिकवरी या छोटी चोटों के ठीक होने में परेशानी हो सकती है।
6. बार-बार बीमार पड़ना
प्रोटीन शरीर की इम्यून सिस्टम से जुड़ी कई प्रक्रियाओं में भी जरूरी है। लंबे समय तक इसकी कमी रहने पर रोगों से लड़ने की क्षमता प्रभावित हो सकती है और संक्रमण से उबरने में ज्यादा समय लग सकता है।
प्रोटीन की कमी से बचने के लिए क्या खाएं?
अपनी डाइट में अलग-अलग प्रोटीन स्रोत शामिल किए जा सकते हैं। शाकाहारी विकल्पों में दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर, दही, दूध, नट्स और सीड्स शामिल हैं। नॉन-वेज खाने वाले लोग अंडे, मछली और चिकन जैसे विकल्प भी ले सकते हैं।
नोट: सिर्फ एक-दो लक्षण देखकर खुद से प्रोटीन सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। अगर कमजोरी, वजन कम होना, सूजन या दूसरे लक्षण लगातार बने हुए हैं, तो डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन से सलाह लेकर कारण की जांच कराना बेहतर है।
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Dollar के मुकाबले Rupee 5 पैसे मजबूत होकर 95.57 पर पहुंचा
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और एशियाई मुद्राओं में व्यापक सुधार के बीच रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले पांच पैसे मजबूत होकर 95.57 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, आगे चलकर मुद्रा बाजार की दिशा मुख्य रूप से भू-राजनीतिक घटनाक्रम से तय होगी। कच्चे तेल की नरम कीमतें रुपये के लिए प्रमुख समर्थन बनी हुई हैं, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दर में बढ़ोतरी के बाद डॉलर में मजबूती और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की बिकवाली रुपये के लिए मुख्य चिंताएं हैं।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.58 प्रति डॉलर पर खुला और बाद में 95.57 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव से पांच पैसे की बढ़त है। रुपया मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.62 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत बढ़कर 100.70 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.27 डॉलर प्रति बैरल पर था। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 283.66 अंक बढ़कर 74,812.74 पर और निफ्टी 85.55 अंक की बढ़त के साथ 23,414.55 पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 3,809.99 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।
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