उदयपुर के सज्जनगढ़ में दो दिवसीय वन मेले का शुभारंभ, मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने किया उद्घाटन
Rajasthan News: उदयपुर के सज्जनगढ़ में शनिवार को दो दिवसीय वन मेले का आगाज हुआ. इस मेले का उद्देश्य वन उत्पादों को बढ़ावा देना और ग्रामीण समुदाय की आय के अवसर बढ़ाना है. वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने फीता काटकर किया. मेले में जिले और आसपास के इलाकों से आए वन उत्पादकों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए. यहां महुआ, शहद, औषधीय पौधों और अन्य वन आधारित वस्तुओं की झलक देखने को मिली.
मंत्री ने स्टॉल्स का किया निरीक्षण
मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने मेले में लगी सभी स्टॉल्स का भ्रमण किया. उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, बिक्री व्यवस्था और बाजार की संभावनाओं के बारे में जानकारी ली. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पहले लोग लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के लिए वन औषधियों का सहारा लेते थे. आज समाज रासायनिक इलाज पर अधिक निर्भर हो गया है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि लोग फिर से प्राकृतिक जीवनशैली की ओर लौटें. वन उपज से ग्रामीणों को रोजगार मिलता है और लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है.
वन उत्पादों को प्रोत्साहन देने एवं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, वन विभाग द्वारा उदयपुर के सज्जनगढ़ में आयोजित, दो दिवसीय वन मेले का शुभारंभ, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मंत्री श्री बाबूलाल खराड़ी ने फीता काटकर किया। मेले में वन आधारित उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई… pic.twitter.com/1MKmwdydtv
— Government of Rajasthan (@RajGovOfficial) January 18, 2026
सांसदों ने रखे अपने विचार
राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि जहां वनवासी रहते हैं, वहीं जंगल सुरक्षित रहते हैं. उन्होंने महुआ और शहद जैसी वन उपज से मूल्य संवर्धन कर नए उत्पाद बनाने पर जोर दिया. उनका मानना है कि इससे गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है. उन्होंने अरावली पर्वतमाला के संरक्षण पर भी चिंता जताई. लोकसभा सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने ग्रामीणों की सराहना की. उन्होंने कहा कि समुदाय वनों के महत्व को समझ रहा है. उन्होंने बांस को ग्रामीण आजीविका का मजबूत साधन बताया और दूसरे देशों की अच्छी पद्धतियों को अपनाने की बात कही.
50 से ज्यादा स्टॉल
संभागीय मुख्य वन संरक्षक (टेरिटोरियल) सुनील छिद्रि ने बताया कि मेले में 50 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं. उन्होंने जानकारी दी कि उदयपुर क्षेत्र में हर साल करीब 25 करोड़ रुपये की वन उपज की बिक्री होती है. इससे स्थानीय आदिवासी समुदाय को सीधा लाभ मिलता है. कार्यक्रम में वन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए. उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं और उत्पादकों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी.
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अब मुंबई में नहीं होगें WPL 2026 के मैच, जानिए कब, कहां और किसके बीच खेला जाएगा अगला मुकाबला
WPL 2026: महिला प्रीमियर लीग 2026 का आधा सफर खत्म हो गया है. अब तक सभी पांचों टीमों के बीच कुल 11 मैच खेले जा चुके हैं. मुंबई इंडियंस और यूपी वॉरियर्स ने अब तक 5-5 मैच खेल लिए हैं, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल ने 4-4 मैच खेले हैं. इस समय प्वाइंट्स टेबल में टॉप पर आरसीबी है, जिसके नाम 4 मैचों में 4 जीत हैं और उसने 8 अंकों के साथ नंबर पर कब्जा किया हुआ है.
मुंबई से वडोदरा पहुंचा WPL का कारंवा
अब तक डब्ल्यूपीएल के मैच नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले जा रहे थे. अब कारवां वडोदरा के बीसीए स्टेडियम में पहुंच चुका है. इस टूर्नामेंट में कुल 22 मैच खेले जाने हैं, जिनमें से 11 मैच मुंबई और बाकी के 11 मैच वडोदरा (vadodara) खेला जाने हैं. इनमें फाइनल और सेमीफाइनल मैच भी शामिल हैं.
After a competitive 1⃣st leg, @RCBTweets remain unbeaten with 8⃣ points ????
— Women's Premier League (WPL) (@wplt20) January 17, 2026
Where does your favourite team stack up? ????#TATAWPL | #KhelEmotionKa pic.twitter.com/k8QoujeLuC
किन टीमों में होगा वडोदरा में पहला मैच
आज यानी 18 जनवरी को डब्ल्यूपीएल में कोई भी मैच नहीं खेला जाने वाला है. आज के दिन को रेस्ट डे रखा गया है. 19 जनवरी से वडोदरा में मैच शुरू हो जाएंगे, जहां टूर्नामेंट के 12वें मुकाबले में गुजरात जायंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB vs GG) के बीच टक्कर होने वाले हैं.
अभी तक आरसीबी की टीम अजेय रही है. उनका विजय रथ टूर्नामेंट में कोई भी टीम नहीं रोक पाई है. आरसीबी ने गुजरात, मुंबई, दिल्ली और यूपी सभी को हराया है. अब जीजी के पास आरसीबी के हाथों मिली पिछली हार का बदला लेने का मौका होगा.
जीजी आरसीबी से लेना चाहेगी बदला
गुजरात और आरसीबी के बीच पिछला मैच 16 जनवरी को खेला गया था. इस मैच में स्मृति मंधाना की टीम ने गुजरात को 183 रनों का लक्ष्य दिया था, जिसका पीछा करते हुए एश्ले गार्डनर की टीम 150 पर ढेर हो गई थी और 32 रनों से मैच गंवा चुकी थी. ये टूर्नामेंट का 9वां मुकाबला था.
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